चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में चित्तौड़गढ़ जिले ने राज्य स्तर पर एक बड़ी और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने पर चित्तौड़गढ़ जिला एवं उप जिला चिकित्सालय रावतभाटा ने पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस बड़ी कामयाबी पर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित हुए वर्चुअल राज्य स्तरीय समारोह में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चित्तौड़गढ़ जिले को प्रशस्ति पत्र और 18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उप जिला चिकित्सालय रावतभाटा को भी प्रशस्ति पत्र एवं 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. ताराचंद गुप्ता (सीएमएचओ), डॉ. घनश्याम चावला (अतिरिक्त सीएमएचओ), डॉ. राकेश भटनागर (डीटीओ), डॉ. कमलेश शर्मा (डीपीसी), विनोद गन्ना (सांख्यिकी अधिकारी), नरपत सिंह (सहायक सांख्यिकी अधिकारी), सचिन अग्रवाल और खुशवंत हिंडोनिया (डीइओ) उपस्थित रहे और पुरस्कार प्राप्त किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में चित्तौड़गढ़ जिले ने राज्य स्तर पर एक बड़ी और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने पर चित्तौड़गढ़ जिला एवं उप जिला चिकित्सालय रावतभाटा ने पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस बड़ी कामयाबी पर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित हुए वर्चुअल राज्य स्तरीय समारोह में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चित्तौड़गढ़ जिले को प्रशस्ति पत्र और 18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उप जिला चिकित्सालय रावतभाटा को भी प्रशस्ति पत्र एवं 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. ताराचंद गुप्ता (सीएमएचओ), डॉ. घनश्याम चावला (अतिरिक्त सीएमएचओ), डॉ. राकेश भटनागर (डीटीओ), डॉ. कमलेश शर्मा (डीपीसी), विनोद गन्ना (सांख्यिकी अधिकारी), नरपत सिंह (सहायक सांख्यिकी अधिकारी), सचिन अग्रवाल और खुशवंत हिंडोनिया (डीइओ) उपस्थित रहे और पुरस्कार प्राप्त किया।
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- राजनगर में महिलाओं को रोजगार के नए अवसर देने और उन्हें चारदीवारी से बाहर निकालने के उद्देश्य से तेरापंथ महिला मंडल द्वारा 'श्री उत्सव' का आयोजन किया गया। राजसमंद के भिक्षु निलियम में रविवार को आयोजित इस एक दिवसीय मेले का मुख्य लक्ष्य महिलाओं द्वारा तैयार किए गए घरेलू उत्पादों और हाथ से बनी सामग्रियों को बढ़ावा देकर उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना है। मेले में खाने-पीने के सामान, कपड़े, ज्वेलरी, मेकअप और खिलौने जैसी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री और विपणन किया गया। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष ऋतु धोखा ने बताया कि इस उत्सव में राजसमंद के साथ-साथ आसपास के जिलों की महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया। छुट्टी के दिन आयोजित इस मेले में ग्राहकों ने स्वदेशी सामानों की जमकर खरीदारी की। मेले में पहुंचे युवाओं ने हस्तनिर्मित सामग्रियों में गहरी रुचि दिखाई। उनका कहना था कि आम तौर पर बाजारों में एक जैसा ही सामान मिलता है, लेकिन यहाँ हाथ की बनी अनूठी स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध हैं, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर होने का सीधा मौका मिलेगा। इस आयोजन में युवा मेलार्थी गौरी सिंह और मंडल अध्यक्ष ऋतु धोखा ने भी अपने विचार साझा किए।4
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद1
- चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।1
- भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत होने के मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति अस्पताल में हुई प्रसूता मौतों के मामले की जांच करेगी।1
- राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे के पुराने सामुदायिक चिकित्सालय भवन में जनता क्लिनिक संचालित करने का प्रस्ताव चिकित्सा विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। इससे स्थानीय क्षेत्रवासियों में कस्बा स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पुनः बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद अस्पताल कस्बे के अंतिम छोर पर चला गया है, जिसके कारण बुजुर्गों, महिलाओं और आकस्मिक रोगियों को इलाज के लिए करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रोशनलाल टुकलिया ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, चिकित्सा मंत्री, सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और जिला कलक्टर अरुण हसीजा को ज्ञापन व पत्र सौंपकर मांग की गई थी। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद जिला चिकित्सा विभाग ने रेलमगरा के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनता क्लिनिक संचालन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिसके बाद 23 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है। रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, सांसद और विधायक से इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने नए भवन में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की भी मांग उठाई है, ताकि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो सके, मरीजों को बेहतर उपचार मिले और अनावश्यक रेफरल की समस्या से राहत मिल सके।1