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पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक
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पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक पिथौरागढ़: रामगंगा वा सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाई कोर्ट की रोक
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- Post by Mr Salim1
- आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें वर्ष में प्रवेश पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से की भेंट।1
- मंच पर गूंजा आत्मविश्वास, छात्रों ने भाषा के दम पर जीत लिया दिल मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है आज कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल गरुड़ में आयोजित लैंग्वेज फेस्ट ने यह साबित कर दिया कि भाषा केवल बोलने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व को निखारने की ताकत भी है इस भव्य आयोजन में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र छात्राओं ने अपने आत्मविश्वास और प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया जिसने हर किसी को प्रभावित कर दिया कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई जिसमें मुख्य अतिथि कमलेश्वरी मेहता खंड शिक्षा अधिकारी गरुड़ ए एम एस गुसाईं वन क्षेत्राधिकारी बैजनाथ सहित प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहन पांडेय संस्थापक सचिव नंदा बल्लभ भट्ट कोषाध्यक्ष शंकर पांडेय और प्रधानाचार्या सीमा जोशी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया इस भाषा महोत्सव में करीब एक सौ पचास छात्र छात्राओं ने भाग लिया जहां हिंदी संस्कृत और अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता के साथ साथ सुलेख संस्कृत श्लोक उच्चारण और कुमाऊनी गीत जैसी प्रतियोगिताओं ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया हर प्रस्तुति में आत्मविश्वास झलक रहा था और मंच पर छात्रों की अभिव्यक्ति ने दर्शकों को बांधे रखा मुख्य अतिथियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं यह न केवल उनकी भाषाई क्षमता को मजबूत करते हैं बल्कि उन्हें अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर भी देते हैं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहन पांडेय और संस्थापक सचिव नंदा बल्लभ भट्ट ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लगातार अभ्यास अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता का रास्ता खोलते हैं और ऐसे मंच बच्चों को अपनी पहचान बनाने का मौका देते हैं प्रधानाचार्या सीमा जोशी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भाषा हमारी संस्कृति और पहचान की नींव है और इसे सीखना और सहेजना दोनों ही जरूरी है उन्होंने छात्रों को विभिन्न भाषाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान कंट्रीवाइड स्कूल बागेश्वर ने हासिल किया जबकि द्वितीय स्थान कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल गरुड़ और तृतीय स्थान कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल सोमेश्वर को मिला कार्यक्रम का सफल संचालन आर के खोलिया ने किया और इसे सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों और स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ यह आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास अभिव्यक्ति और प्रतिभा को निखारने वाला एक प्रेरणादायक मंच बनकर सामने आया #LanguageFest #StudentConfidence #PublicSpeaking #EducationIndia #SchoolEvent #HindiSpeech #Sanskrit #EnglishLearning #CulturalEvent #Motivation #SkillDevelopment #StudentsTalent #MeraHaqNews1
- Post by Kanchan Kanchan1
- नैनीताल एस.एस.पी.ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान लंबित जांचों पर नाराजगी जाहिर करते हुए अपने जांच अधिकारियों को आबकारी और विद्युत चोरी समेत अन्य मामलों में तीन महीनों की जगह 15 दिनों में जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा की महिला और बच्चों को पेट पर लात मारने के बाद एसएसपी कार्यालय में धरने पर बैठने वालों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। नैनीताल की पुलिस लाइन में आज अयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी एस.ओ., कोतवाल, सी.ओ., एस.पी.के साथ एस.एस.पी.मंजूनाथ टीसी ने बैठक की। इस बैठक में पुलिस के आचरण, पारदर्शिता और समयबद्ध विवेचना पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले में चल रही जांचों में अधिकारियों की विवेचना में देरी को लेकर एस.एस.पी.नाराज हुए। उन्होंने, जांच के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द जमा करने के एदेश दिए। कहा कि एस.ओ., कोतवाल और सी.ओ.को विद्युत और आबकारी एक्ट की शिकायतों की जांच जल्दी पूरी करनी है। इसके अलावा जब्त किया गया सभी माल ई-मालखाने में दाखिल होगा। उन्होंने, आगामी पर्यटन सीजन और मार्च महीने के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में थाना प्रभारियों (SHO), फायर सर्विस, ट्रैफिक, पी.ए.सी.और होमगार्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस के आचरण एवं व्यवहार को प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि आमजन के साथ संवाद करते समय पुलिस कर्मियों का व्यवहार शालीन एवं संवेदनशील होना चाहिए। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर जनता से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस कप्तान ने आगामी पर्यटन सीजन के लिए पुलिस के आचरण और व्यवहार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। पुलिस कर्मियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि ड्यूटी के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में पुलिस प्रशासन अपने कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। लेकिन, अनुशासनहीनता या नशे की स्थिति में दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ फूटा जनता का आक्रोश, फिरोजाबाद में सड़कों पर निकला 'मीटर जुलूस' लखनऊ/फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की 'स्मार्टनेस' अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों से बिजली बिलों में विसंगतियों और स्मार्ट मीटरों की कथित 'तेज रफ्तार' को लेकर विरोध की खबरें आ रही हैं। ताजा मामला फिरोजाबाद का है, जहां आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्मार्ट मीटरों को उखाड़ फेंका और उनका जुलूस निकाला। जनता में भारी रोष: "मीटर तेज, जेब खाली" फिरोजाबाद में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बिजली के भारी-भरकम बिलों से परेशान दर्जनों लोगों ने अपने घरों के बाहर लगे स्मार्ट मीटरों को नोच दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये मीटर सामान्य से दोगुनी रफ्तार से चलते हैं और विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। प्रदर्शन के दौरान जनता का दर्द छलका: अत्यधिक बिल: उपभोक्ताओं का दावा है कि पहले जहां बिल 500-800 रुपये आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह 2000-3000 रुपये तक पहुँच गया है। भ्रष्टाचार के आरोप: लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी सुनवाई करने के बजाय वसूली पर जोर दे रहे हैं। जुलूस का नजारा: आक्रोशित लोगों ने मीटरों को हाथ में लेकर विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महंगाई और बुनियादी सुविधाओं का अभाव सड़कों पर उतरे लोगों ने सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर भी सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ कमाई घट रही है, दूसरी तरफ गैस और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के दाम आसमान छू रहे हैं। "न गैस मिल रही है, न सस्ती बिजली। महंगाई ने कमर तोड़ दी है। ऐसा लगता है जैसे सरकार ने गरीब की जान को ही सबसे सस्ता समझ लिया है।" — एक स्थानीय निवासी प्रशासनिक रुख बिजली विभाग ने इस घटना को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की श्रेणी में रखा है। अधिकारियों का तर्क है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सटीक हैं और गड़बड़ी की शिकायतों की जांच की जा रही है। हालांकि, जमीन पर जनता का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार पर निशाना साधा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि स्मार्ट मीटर की इन विसंगतियों को जल्द दूर नहीं किया गया, तो फिरोजाबाद जैसी चिंगारी पूरे प्रदेश में आंदोलन का रूप ले सकती है।1
- चम्पावत : भीषण गर्मी का असर, स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव1
- Post by Mr Salim1
- उत्तराखंड में अवैध धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। खटीमा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे धर्मांतरण के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल लगाम लगाने की मांग की है। विहिप और बजरंग दल का आरोप है कि क्षेत्र के जनजाति बहुल गांवों में ईसाई मिशनरियां सक्रिय हैं। खेतलसंडा खाम, पचौरिया गन्ना सेंटर, हलवाड़ी, सैजना, बड़ी बगुलिया, 22 पुल और भूड़ाकिशनी जैसे इलाकों में गरीब और भोले-भाले हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन गांवों में पैसों का प्रलोभन देकर और 'चंगाई सभा' जैसे जादू-टोने के माध्यम से बीमारियों को ठीक करने का झांसा देकर छल-पूर्वक ईसाई बनाने का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रखंड मंत्री प्रदीप ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, कि अवैध धर्मांतरण करने वाले विधर्मियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। अगर प्रशासन ने इस षड्यंत्र को नहीं रोका, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल उग्र विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान खटीमा तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि यदि किसी अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का धर्मांतरण पूर्ण रूप से पाया गया तो उसका दर्जा समाप्त किया जा सकता है। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से क्षितिज अरोड़ा (प्रखंड अध्यक्ष),प्रदीप ठाकुर (प्रखंड मंत्री),कमल कव्याल (प्रखंड सह मंत्री) गुरविंदर सिंह (प्रखंड सह संयोजक) उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचे इस ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।1