अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन। उत्तराखंड में अवैध धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। खटीमा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे धर्मांतरण के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल लगाम लगाने की मांग की है। विहिप और बजरंग दल का आरोप है कि क्षेत्र के जनजाति बहुल गांवों में ईसाई मिशनरियां सक्रिय हैं। खेतलसंडा खाम, पचौरिया गन्ना सेंटर, हलवाड़ी, सैजना, बड़ी बगुलिया, 22 पुल और भूड़ाकिशनी जैसे इलाकों में गरीब और भोले-भाले हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन गांवों में पैसों का प्रलोभन देकर और 'चंगाई सभा' जैसे जादू-टोने के माध्यम से बीमारियों को ठीक करने का झांसा देकर छल-पूर्वक ईसाई बनाने का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रखंड मंत्री प्रदीप ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, कि अवैध धर्मांतरण करने वाले विधर्मियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। अगर प्रशासन ने इस षड्यंत्र को नहीं रोका, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल उग्र विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान खटीमा तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि यदि किसी अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का धर्मांतरण पूर्ण रूप से पाया गया तो उसका दर्जा समाप्त किया जा सकता है। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से क्षितिज अरोड़ा (प्रखंड अध्यक्ष),प्रदीप ठाकुर (प्रखंड मंत्री),कमल कव्याल (प्रखंड सह मंत्री) गुरविंदर सिंह (प्रखंड सह संयोजक) उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचे इस ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन। उत्तराखंड में अवैध धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। खटीमा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे धर्मांतरण के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल लगाम लगाने की मांग की है। विहिप और बजरंग दल का आरोप है कि क्षेत्र के जनजाति बहुल गांवों में ईसाई मिशनरियां सक्रिय हैं। खेतलसंडा खाम, पचौरिया गन्ना सेंटर, हलवाड़ी, सैजना, बड़ी बगुलिया, 22 पुल और भूड़ाकिशनी जैसे इलाकों में गरीब और भोले-भाले हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन गांवों में पैसों का प्रलोभन देकर और 'चंगाई सभा' जैसे जादू-टोने के माध्यम से बीमारियों को ठीक करने का झांसा देकर छल-पूर्वक ईसाई बनाने का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रखंड मंत्री प्रदीप ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, कि अवैध धर्मांतरण करने वाले विधर्मियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। अगर प्रशासन ने इस षड्यंत्र को नहीं रोका, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल उग्र विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान खटीमा तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि यदि किसी अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का धर्मांतरण पूर्ण रूप से पाया गया तो उसका दर्जा समाप्त किया जा सकता है। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से क्षितिज अरोड़ा (प्रखंड अध्यक्ष),प्रदीप ठाकुर (प्रखंड मंत्री),कमल कव्याल (प्रखंड सह मंत्री) गुरविंदर सिंह (प्रखंड सह संयोजक) उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचे इस ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
- Post by Mr Salim1
- आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना वर्ष पर विशेष भेंट। आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें वर्ष में प्रवेश पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से की भेंट। बेंगलुरु स्थित इंटरनेशनल सेंटर में हुआ भव्य स्वागत; विशेष सत्संग में हुए शामिल।अत्याधुनिक गौशाला का दौरा कर राज्यपाल ने देशी नस्लों के संरक्षण की सराहना की। बेंगलुरु, 28 अप्रैल 2026।1
- Post by नवीन भट्ट1
- Post by समाचार Crime News1
- पीलीभीत जिले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला उजागर हुआ है, जहां एक युवक को करंट लग गया। गजरौला थाना क्षेत्र में थाना के सामने लगे खम्बे में करंट दौड़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। #brekingnews #पीलीभीत #LatestNews #UPCMYogiAdityanath1
- उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ फूटा जनता का आक्रोश, फिरोजाबाद में सड़कों पर निकला 'मीटर जुलूस' लखनऊ/फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की 'स्मार्टनेस' अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों से बिजली बिलों में विसंगतियों और स्मार्ट मीटरों की कथित 'तेज रफ्तार' को लेकर विरोध की खबरें आ रही हैं। ताजा मामला फिरोजाबाद का है, जहां आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्मार्ट मीटरों को उखाड़ फेंका और उनका जुलूस निकाला। जनता में भारी रोष: "मीटर तेज, जेब खाली" फिरोजाबाद में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बिजली के भारी-भरकम बिलों से परेशान दर्जनों लोगों ने अपने घरों के बाहर लगे स्मार्ट मीटरों को नोच दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये मीटर सामान्य से दोगुनी रफ्तार से चलते हैं और विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। प्रदर्शन के दौरान जनता का दर्द छलका: अत्यधिक बिल: उपभोक्ताओं का दावा है कि पहले जहां बिल 500-800 रुपये आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह 2000-3000 रुपये तक पहुँच गया है। भ्रष्टाचार के आरोप: लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी सुनवाई करने के बजाय वसूली पर जोर दे रहे हैं। जुलूस का नजारा: आक्रोशित लोगों ने मीटरों को हाथ में लेकर विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महंगाई और बुनियादी सुविधाओं का अभाव सड़कों पर उतरे लोगों ने सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर भी सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ कमाई घट रही है, दूसरी तरफ गैस और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के दाम आसमान छू रहे हैं। "न गैस मिल रही है, न सस्ती बिजली। महंगाई ने कमर तोड़ दी है। ऐसा लगता है जैसे सरकार ने गरीब की जान को ही सबसे सस्ता समझ लिया है।" — एक स्थानीय निवासी प्रशासनिक रुख बिजली विभाग ने इस घटना को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की श्रेणी में रखा है। अधिकारियों का तर्क है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सटीक हैं और गड़बड़ी की शिकायतों की जांच की जा रही है। हालांकि, जमीन पर जनता का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार पर निशाना साधा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि स्मार्ट मीटर की इन विसंगतियों को जल्द दूर नहीं किया गया, तो फिरोजाबाद जैसी चिंगारी पूरे प्रदेश में आंदोलन का रूप ले सकती है।1
- बड़ी खबर: सोलर पैनल लगवाने का सुनहरा मौका, सब्सिडी सीमित समय के लिए उपलब्ध देश में बढ़ती बिजली की खपत और महंगे होते बिजली बिलों के बीच अब सोलर ऊर्जा एक बेहतर और किफायती विकल्प बनकर उभर रही है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए लोगों में तेजी से रुचि बढ़ रही है, लेकिन यह सब्सिडी सीमित समय के लिए ही उपलब्ध है। इसी क्रम में सोलर सिंक इंडिया ने लोगों से जल्द से जल्द सोलर पैनल लगवाने की अपील की है। कंपनी का दावा है कि वह क्षेत्र की सबसे पुरानी और विश्वसनीय वेंडर है, जो उच्च गुणवत्ता के सोलर सिस्टम उपलब्ध कराती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी सोलर पैनल लगवाने पर सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ मिलता है, जिससे लागत काफी कम हो जाती है। आने वाले समय में सब्सिडी में कटौती की संभावना भी जताई जा रही है, इसलिए यह सही समय माना जा रहा है। अगर आप भी अपने घर या व्यवसाय के लिए सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो तुरंत संपर्क करें: 📞 प्रियांक सक्सेना: +91 7986296946 👉 सोलर अपनाएं, बिजली बिल से छुटकारा पाएं और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखें। #सोलरऊर्जा #पीएम #ग्रीनएनर्जी #SolarIndia1
- Post by Mr Salim1