“रसोई गैस को लेकर बड़ी सच्चाई | B.25 गैस सिलेंडर का सच” या “क्या रसोई गैस से खतरा है? जानिए असली सच” रसोई… हर घर की सबसे जरूरी जगह। और रसोई में सबसे जरूरी चीज — गैस सिलेंडर। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है… क्या रसोई गैस सुरक्षित है? यह लाल रंग का सिलेंडर… जिसे हम LPG गैस कहते हैं, असल में बहुत ही सुरक्षित तकनीक से बनाया जाता है। सिलेंडर पर लिखा B-25 यह बताता है कि यह सिलेंडर किस समय में टेस्ट और उपयोग के लिए बना है। हर सिलेंडर को कई बार जांचा जाता है, ताकि घरों में कोई खतरा न हो। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो रसोई गैस बिल्कुल सुरक्षित है। बस कुछ सावधानियां जरूरी हैं— गैस लीक हो तो तुरंत चूल्हा बंद करें, माचिस या स्विच का इस्तेमाल न करें और खिड़की-दरवाजे खोल दें। याद रखिए… सही जानकारी और सावधानी आपके घर को सुरक्षित रख सकती है।
“रसोई गैस को लेकर बड़ी सच्चाई | B.25 गैस सिलेंडर का सच” या “क्या रसोई गैस से खतरा है? जानिए असली सच” रसोई… हर घर की सबसे जरूरी जगह। और रसोई में सबसे जरूरी चीज — गैस सिलेंडर। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है… क्या रसोई गैस सुरक्षित है? यह लाल रंग का सिलेंडर… जिसे हम LPG गैस कहते हैं, असल में बहुत ही सुरक्षित तकनीक से बनाया जाता है। सिलेंडर पर लिखा B-25 यह बताता है कि यह सिलेंडर किस समय में टेस्ट और उपयोग के लिए बना है। हर सिलेंडर को कई बार जांचा जाता है, ताकि घरों में कोई खतरा न हो। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो रसोई गैस बिल्कुल सुरक्षित है। बस कुछ सावधानियां जरूरी हैं— गैस लीक हो तो तुरंत चूल्हा बंद करें, माचिस या स्विच का इस्तेमाल न करें और खिड़की-दरवाजे खोल दें। याद रखिए… सही जानकारी और सावधानी आपके घर को सुरक्षित रख सकती है।
- रसोई… हर घर की सबसे जरूरी जगह। और रसोई में सबसे जरूरी चीज — गैस सिलेंडर। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है… क्या रसोई गैस सुरक्षित है? यह लाल रंग का सिलेंडर… जिसे हम LPG गैस कहते हैं, असल में बहुत ही सुरक्षित तकनीक से बनाया जाता है। सिलेंडर पर लिखा B-25 यह बताता है कि यह सिलेंडर किस समय में टेस्ट और उपयोग के लिए बना है। हर सिलेंडर को कई बार जांचा जाता है, ताकि घरों में कोई खतरा न हो। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो रसोई गैस बिल्कुल सुरक्षित है। बस कुछ सावधानियां जरूरी हैं— गैस लीक हो तो तुरंत चूल्हा बंद करें, माचिस या स्विच का इस्तेमाल न करें और खिड़की-दरवाजे खोल दें। याद रखिए… सही जानकारी और सावधानी आपके घर को सुरक्षित रख सकती है।1
- अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला की सरिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महानदी में नाव के जरिए शराब तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 135 लीटर कच्ची महुआ शराब और तस्करी में प्रयुक्त नाव जप्त की गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि महानदी के रास्ते उड़ीसा से शराब लाकर ग्राम तोरा की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर वीरेंद्र माझी (32 वर्ष) निवासी महुलपाली, थाना रेंगाली, जिला झारसुगुड़ा (उड़ीसा) को पकड़ लिया। जांच के दौरान नाव में रखे 750 पाउच (कुल 135 लीटर) कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 27 हजार रुपए बताई जा रही है। वहीं तस्करी में इस्तेमाल नाव की कीमत करीब 20 हजार रुपए है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की।1
- Post by Pooja Jaiswal Journalist1
- गैस सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों से बचें और जरूरत अनुसार ही करें बुकिंग – कलेक्टर,बुकिंग, वितरण और भंडारण को लेकर जारी निर्देश, अफवाहों से दूर रहने की अपील।1
- Post by Sunita Sharma1
- ब्रेकिंग - सक्ती सक्ती जिला पंचायत से बड़ा प्रशासनिक एक्शन. ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता धनंजय सिंह चंद्रा निलंबित. बिना कार्य पूर्ण हुए 5 निर्माण कार्यों का मूल्यांकन प्रस्तुत करने का मामला. जिला पंचायत सक्ती ने जारी किया निलंबन आदेश. जांच दल की रिपोर्ट में लापरवाही और अनियमितता सामने आई. संबंधित मामले में पहले कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. अधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर की गई कार्रवाई. छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन. laxman kurrey1
- गैस में बनी जली रोटी का खतरा – एक सच्ची चेतावनी स्क्रिप्ट: एक छोटे से घर में रोज़ की तरह चूल्हे पर रोटी बन रही थी। गैस की तेज़ आंच पर रोटी फूल रही थी… लेकिन किसी को पता नहीं था कि उसी आग के साथ एक खामोश ज़हर भी बन रहा है। जब रोटी ज्यादा जल जाती है, तब गैस से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड और हानिकारक धुआँ हमारे शरीर के लिए खतरा बन सकता है। यह ज़हरीली गैस धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों में पहुँचकर खून में ऑक्सीजन की कमी कर देती है। इसी तरह की लापरवाही कभी-कभी बड़ी दुर्घटना बन जाती है। वीडियो में दिख रहा है कि रोटी खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगती है। सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह सिर्फ एक कहानी नहीं… बल्कि एक चेतावनी है। हमेशा ध्यान रखें कि रोटी या कोई भी खाना ज्यादा न जले और रसोई में सही हवा का प्रवाह रहे। सावधानी ही सुरक्षा है। छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी बड़ी त्रासदी बन सकती है। इसलिए सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।1