कौशांबी से एक भयावह घटना सामने आई है, जहां अपनी बीमार गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचे अर्जलीपुर निवासी 20 वर्षीय युवक शिव प्रसाद की प्रेमिका के घर वालों ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात तब हुई जब शिव प्रसाद गुरुवार देर रात अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। दोनों को बातचीत करते देख लड़की के घर वाले आग बबूला हो गए और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से शिव प्रसाद पर हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले के दौरान शिव प्रसाद ने देर रात 11:49 बजे अपने पिता रामबदन को फोन कर रोते हुए अपनी मां से बात कराने की गुहार लगाई। मां के हाथ में फोन आते ही उसने कराहते हुए कहा, "मम्मी आकर बचा लो, बहुत मारे हैं अब मार डहिहैं..."। इसके बाद आरोपियों ने फोन फेंक दिया, लेकिन कॉल कटी नहीं और मां फोन पर अपने बेटे की चीखें व उसके साथ हो रही हैवानियत सुनती रही। बदहवास मां जब दौड़कर प्रेमिका के घर पहुंची, तो वहां उसके बेटे को लहूलुहान हालत में पीटा जा रहा था। मां ने जब अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनकी भी पिटाई कर दी और बेटे को मां की आंखों के सामने ही मौत के घाट उतार दिया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमी और प्रेमिका रिश्ते में मौसी-भतीजे लगते थे और पिछले 5 सालों से प्रेम संबंध में थे। युवती मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के महुआ खांड़ा गांव की रहने वाली थी और दो दिनों से बीमार थी। 9 जुलाई, गुरुवार को ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर लौटी थी। शिव प्रसाद के मामा गंगा प्रसाद ने बताया कि उनके भांजे पर धारदार हथियार से वार किए गए। इस वारदात की जानकारी डायल-112 पर पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
कौशांबी से एक भयावह घटना सामने आई है, जहां अपनी बीमार गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचे अर्जलीपुर निवासी 20 वर्षीय युवक शिव प्रसाद की प्रेमिका के घर वालों ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात तब हुई जब शिव प्रसाद गुरुवार देर रात अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। दोनों को बातचीत करते देख लड़की के घर वाले आग बबूला हो गए और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से शिव प्रसाद पर हमला कर दिया। इस जानलेवा
हमले के दौरान शिव प्रसाद ने देर रात 11:49 बजे अपने पिता रामबदन को फोन कर रोते हुए अपनी मां से बात कराने की गुहार लगाई। मां के हाथ में फोन आते ही उसने कराहते हुए कहा, "मम्मी आकर बचा लो, बहुत मारे हैं अब मार डहिहैं..."। इसके बाद आरोपियों ने फोन फेंक दिया, लेकिन कॉल कटी नहीं और मां फोन पर अपने बेटे की चीखें व उसके साथ हो रही हैवानियत सुनती रही। बदहवास मां जब दौड़कर प्रेमिका
के घर पहुंची, तो वहां उसके बेटे को लहूलुहान हालत में पीटा जा रहा था। मां ने जब अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनकी भी पिटाई कर दी और बेटे को मां की आंखों के सामने ही मौत के घाट उतार दिया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमी और प्रेमिका रिश्ते में मौसी-भतीजे लगते थे और पिछले 5 सालों से प्रेम संबंध में थे। युवती मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के महुआ खांड़ा गांव की रहने
वाली थी और दो दिनों से बीमार थी। 9 जुलाई, गुरुवार को ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर लौटी थी। शिव प्रसाद के मामा गंगा प्रसाद ने बताया कि उनके भांजे पर धारदार हथियार से वार किए गए। इस वारदात की जानकारी डायल-112 पर पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
- भारत में नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाने, मजदूरी न देने और उनके क्रूर शोषण के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था, जिसके बाद इनके पहचान पत्र और मोबाइल छीनकर इन्हें बंधक बना लिया गया। इन्हें भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। इसी तरह, तेलंगाना के विभिन्न ईंट भट्टों, विशेष रूप से सिद्हौर पर छापेमारी कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के करीब 1,000 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें डरा-धमकाकर और कर्ज के जाल में फंसाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। इसके अलावा पंजाब के कपूरथला में बिहार के मजदूरों को आलू के खेतों में काम करने के लिए बंधक बनाकर रखा गया था, जहां पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से महिलाओं और बच्चों समेत 30 लोगों को छुड़ाया गया। कर्नाटक के मैसूर और बागलकोट में भी ईंट भट्टों पर छापेमारी के दौरान बंधुआ मजदूरी करवा रहे मालिकों को गिरफ्तार कर कई मजदूरों को आजाद कराया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किसान द्वारा एक व्यक्ति को 8 महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर कृषि कार्य कराने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कंपनी में बीना मलिक के बारे में जानकारी और मजदूर का सुपरवाइजर, मुंशी व मैनेजर द्वारा किए जाने वाले शोषण को वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।1
- झारखंड के गढ़वा में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुधीर चंद्रवंशी ने अपनी 10 डिसमिल जमीन दान कर दी है।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के भलुआनी गोटा टोला गांव में शनिवार अपराह्न 3:00 बजे 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक विधिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और सामाजिक कुरीतियों से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मौजूद पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, डायन प्रथा, बाल मजदूरी, महिलाओं व बच्चों के अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल मजदूरी कानूनन अपराध हैं और इनके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने और नशाखोरी से दूर रहने का आह्वान किया। राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी कानूनी विवाद या अन्याय की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका कानूनी प्रक्रिया के अनुसार समाधान बताया गया। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।1
- लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।1
- बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में कब्रिस्तान के पास लाखों रुपए की लागत से बन रही नाली में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य की हालत इतनी खस्ता है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह नाली पहली ही बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएगी। नाली का ढांचा अभी से आड़ा-तिरछा दिखने लगा है और इसकी मजबूती इतनी कम है कि हाथ से मारने पर ही गिट्टी-सीमेंट उखड़ने की नौबत आ गई है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर यहाँ न तो लागत और विवरण का कोई सूचना पटल (साइन बोर्ड) लगाया गया है और न ही निर्माण मानकों का पालन किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में भारी तकनीकी गड़बड़ियां और घटिया सामग्री का इस्तेमाल साफ देखा जा सकता है। नाली बनाने में पूरी तरह से मिट्टी युक्त बालू (रेत) का उपयोग हो रहा है और सीमेंट की मात्रा में भी भारी कटौती की जा रही है। यह नाली PMJSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) की सड़क के किनारे बनाई जा रही है, जहाँ नियमानुसार 10mm और 8mm के सरिए का सही अनुपात में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन यहाँ पैसे बचाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ 8mm की कमजोर सरिया से काम चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों का भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। जब इस भ्रष्टाचार को लेकर जनपद सीईओ संजय दुबे से बात की गई, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्य की जानकारी नहीं है और इसकी लागत क्या है, यह देखना पड़ेगा। वहीं, गाँव के सरपंच ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह कार्य उनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सब-इंजीनियर कभी मौके पर मुआयना करने नहीं आते और ग्राम पंचायत के सचिव भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बिना किसी डर के चल रहे इस बंदरबांट से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने शासन के पैसों के इस दुरुपयोग के खिलाफ जांच की मांग की है।1
- चतरा के प्रतापपुर प्रखंड की सिद्की पंचायत के नंनई कला गांव में पिछले करीब एक महीने से एकमात्र सार्वजनिक चापाकल खराब पड़ा है। इसके चलते ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और लोग दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे गांव में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। वार्ड सदस्य संदीप कुमार ने बताया कि चापाकल की इस खराबी के संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को कई बार सूचित कर मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग की इस उदासीनता से नाराज होकर ग्रामीणों ने आखिरकार आपसी सहयोग से अपने निजी खर्च पर चापाकल दुरुस्त कराने का निर्णय लिया। मरम्मत के लिए जब चापाकल को खोला गया, तो उसका पाइप फटा हुआ मिला और सिलेंडर भी नीचे गिर चुका था, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस मामले में पीएचईडी के कनीय अभियंता अमित कुमार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिल चुकी है और ग्रामीणों को राहत देने के लिए जल्द ही खराब चापाकल की मरम्मत करा दी जाएगी।1
- झारखंड के गढ़वा में आयोजित एक भरी सभा के बीच कांग्रेस नेता सुरेंद्र तिवारी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि यहां से कोई चुनाव क्यों नहीं लड़ता है।1
- चिनिया थाना क्षेत्र के चिखुरापत्थर गांव के श्रद्धालुओं से भरी एक अर्टिगा कार छत्तीसगढ़ के बाबा बक्चराज कुंवर धाम में पूजा-अर्चना कर लौटते समय हादसे का शिकार हो गई। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे छत्तीसगढ़ के जंगल क्षेत्र में कार अचानक अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई, जिससे कार सवार कई लोग घायल हो गए। इस दुर्घटना में करीब 8 से 10 लोगों के घायल होने की प्रारंभिक सूचना मिल रही है। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जिनमें चिखुरापत्थर गांव के रामचंद्र तुरिया भी शामिल बताए जा रहे हैं। गाड़ी गांव के ही गुडन यादव चला रहे थे। हादसे की पूरी और आधिकारिक जानकारी तथा घायलों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि प्रशासन द्वारा की जानी अभी बाकी है, वहीं घटना के बाद से परिजनों और पूरे गांव में चिंता का माहौल है।1