भारत में नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाने, मजदूरी न देने और उनके क्रूर शोषण के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था, जिसके बाद इनके पहचान पत्र और मोबाइल छीनकर इन्हें बंधक बना लिया गया। इन्हें भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। इसी तरह, तेलंगाना के विभिन्न ईंट भट्टों, विशेष रूप से सिद्हौर पर छापेमारी कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के करीब 1,000 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें डरा-धमकाकर और कर्ज के जाल में फंसाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। इसके अलावा पंजाब के कपूरथला में बिहार के मजदूरों को आलू के खेतों में काम करने के लिए बंधक बनाकर रखा गया था, जहां पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से महिलाओं और बच्चों समेत 30 लोगों को छुड़ाया गया। कर्नाटक के मैसूर और बागलकोट में भी ईंट भट्टों पर छापेमारी के दौरान बंधुआ मजदूरी करवा रहे मालिकों को गिरफ्तार कर कई मजदूरों को आजाद कराया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किसान द्वारा एक व्यक्ति को 8 महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर कृषि कार्य कराने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कंपनी में बीना मलिक के बारे में जानकारी और मजदूर का सुपरवाइजर, मुंशी व मैनेजर द्वारा किए जाने वाले शोषण को वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।
भारत में नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाने, मजदूरी न देने और उनके क्रूर शोषण के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था, जिसके बाद इनके पहचान पत्र और मोबाइल छीनकर इन्हें बंधक बना लिया गया। इन्हें भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। इसी तरह, तेलंगाना के विभिन्न ईंट भट्टों, विशेष रूप से सिद्हौर पर छापेमारी कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के करीब 1,000 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें डरा-धमकाकर और कर्ज के जाल में फंसाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। इसके अलावा पंजाब के कपूरथला में बिहार के मजदूरों को आलू के खेतों में काम करने के लिए बंधक बनाकर रखा गया था, जहां पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से महिलाओं और बच्चों समेत 30 लोगों को छुड़ाया गया। कर्नाटक के मैसूर और बागलकोट में भी ईंट भट्टों पर छापेमारी के दौरान बंधुआ मजदूरी करवा रहे मालिकों को गिरफ्तार कर कई मजदूरों को आजाद कराया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किसान द्वारा एक व्यक्ति को 8 महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर कृषि कार्य कराने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कंपनी में बीना मलिक के बारे में जानकारी और मजदूर का सुपरवाइजर, मुंशी व मैनेजर द्वारा किए जाने वाले शोषण को वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।
- गढ़वा में चर्चा बटोर रहे एक वीडियो और भाषण में, डॉक्टर साहब द्वारा NEET पास एक छात्रा को कॉलेज की टाइमिंग के दौरान बेहद सरल तरीके से भारत के संस्कार और सभ्यता के बारे में समझाया गया है। इस वायरल वीडियो में डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति या अन्य प्रसिद्ध शिक्षकों और अनिरुद्धाचार्य जी व डॉ. अर्चना प्रिया जी जैसे कथावाचकों के प्रेरक विचारों की सीख मिलती है, जो अक्सर छात्रों को जीवन-मूल्यों का मार्गदर्शन देते हैं। इसके तहत शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और बड़ों के आदर को बेहद जरूरी बताया गया है। इसमें भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं का महत्व समझाते हुए माता-पिता, विशेषकर पिता की सहमति और आशीर्वाद से विवाह करने की महत्ता बताई गई है। इसके अलावा, शिक्षकों द्वारा छात्रों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे अपना कीमती समय व्यर्थ के प्रेम प्रसंगों और भटकाव में बर्बाद करने के बजाय अपना पूरा ध्यान करियर, शिक्षा और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित करें।1
- लातेहार में देश की रक्षा करने वाले हमारे एक जवान की सड़क हादसे में हुई दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। इस घटना के बाद प्रशासन से आग्रह किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत जवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया जा रहा था। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें डुरूवा, धनकारा और उसके आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कोर्स के दौरान युवाओं को यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, फाइल प्रबंधन, मल्टीटास्किंग, डिवाइस कंट्रोल और इंटरनेट की बुनियादी जानकारियों के साथ-साथ एम.एस. वर्ड, पावर पॉइंट व एक्सेल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कंप्यूटर ज्ञान को डिजिटल युग में आत्मनिर्भर भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा शिविर जैसे अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 32वीं वाहिनी ने भविष्य में भी ऐसे जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप ग्राम पंचायत में बसे अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति बहुल नीचे दोना ग्राम के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव में नल-जल योजना की जलमीनार खड़ी है और बिजली के पोल, तार व ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं, लेकिन यह सारा ढांचा पूरी तरह से बेकार पड़ा हुआ है। आधुनिक युग के इस दौर में भी यहाँ के लोग पानी और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए तरसने को मजबूर हैं। गांव में सिंचाई की कोई सुविधा उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण पूरी तरह से वर्षा आधारित खेती के भरोसे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का कोई साधन न होने की वजह से ग्रामीणों को लगातार पलायन करना पड़ रहा है।1
- सोनभद्र के डाला मलिन बस्ती में चल रहे भूमि विवाद को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों आला अधिकारियों ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकत को देखा। इस दौरान वहां मौजूद सैकड़ों रहवासियों ने अपने भूमि व स्थायी निवास के अधिकार की मांग उठाते हुए हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय आने तक किसी भी तरह की बेदखली पर रोक लगाने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों की इन समस्याओं और मांगों को सुना और उन्हें नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।1
- लातेहार में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भाजपा के आरोपों पर करारा पलटवार किया है। झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और वह केवल भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने भाजपा को अपने संगठन और आंतरिक मतभेदों पर ध्यान देने की सलाह दी। प्रेस वार्ता के दौरान औरंगज़ेब खान, समशूल होडा और अहद खान ने भी हेमंत सोरेन सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का समर्थन किया। इन नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता विकास के साथ है। इसके साथ ही झामुमो ने भाजपा की इस बयानबाजी का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने की बात कही है।1
- गढ़वा शहर में यकुजा इलेक्ट्रिक स्कूटर का एक नया शोरूम खुल गया है। यह शोरूम खुलते ही स्थानीय ग्राहकों की पहली पसंद बन गया है और लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं।1
- गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है। साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।1
- औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र में दर्जी बिगहा के समीप शनिवार की सुबह एक बड़ी सड़क दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पिकअप चालक के अनुसार, एक निजी स्कूल की बस के चालक की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। बस चालक ने अचानक मोड़ ले लिया, जिससे पीछे से आ रही पिकअप वैन ने बचाव की कोशिश में स्कूल बस में टक्कर मार दी और वह पलट गई। इस हादसे में स्कूल बस में सवार तीन बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। टक्कर होते ही बस चालक बच्चों को छोड़कर मौके से फरार हो गया, जबकि पिकअप चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद बाहर निकलकर बस में सवार सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को संभाला और उनके परिजनों को सूचना दी। वहीं, जब इस संबंध में विद्यालय के प्रिंसिपल गौतम कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि हादसे में दो-तीन बच्चों को हल्की चोटें आई हैं और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि, जब उनसे बस चालक की लापरवाही और बच्चों को छोड़कर भागने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तुरंत फोन काट दिया।1