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गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है। साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

6 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
6 hrs ago

गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है। साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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  • गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है। साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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    गढ़वा में साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीआईजे सर की जनता के प्रति एक अनोखी पहल सामने आई है, जिसके माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से सुरक्षित रहने और तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को बिना किसी देरी के तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यह नंबर 24x7 चालू रहता है और बैंक खाते से पैसे कटने पर उसे बचाने का सबसे तेज़ तरीका है। इसके अलावा, पीड़ित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर 'Financial Fraud' या 'Other Cyber Crimes' विकल्प चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध है। किसी अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए हेल्पलाइन 181 का उपयोग किया जा सकता है।

साइबर ठगी के मामलों में पैसे को ब्लॉक या रिकवर करने के लिए समय सीमा का विशेष महत्व है। ठगी होने के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत करना सबसे उत्तम माना जाता है, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य रूप से बेहद ज़रूरी है। इस गोल्डन पीरियड में पुलिस और बैंक मिलकर ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज़ कर सकते हैं, जिससे पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • ओम प्रकाश चंद्रवंशी की मृत्यु के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित युवा समाजसेवी शशांक शेखर ने कांडी थाना गेट पर धरना शुरू कर दिया है। शशांक शेखर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी है।
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    ओम प्रकाश चंद्रवंशी की मृत्यु के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित युवा समाजसेवी शशांक शेखर ने कांडी थाना गेट पर धरना शुरू कर दिया है। शशांक शेखर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी है।
    user_Excellent news 66
    Excellent news 66
    कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे स्टेशन के पास बिजली के एक पोल में 220 वोल्ट का करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से बुटवेढ़वा निवासी रामचन्द्र पारसवान की दुधारू गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और वे बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी संजय कुमार गुप्ता को सूचना दी, जिसके बाद विद्युत आपूर्ति बंद की गई, लेकिन तब तक पशु की जान जा चुकी थी। इस दुखद घटना ने क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधाओं की कमी को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से निर्माणाधीन सरकारी पशु चिकित्सालय आज तक पूरा नहीं हो सका है। उनका कहना है कि यदि यह अस्पताल समय पर चालू हो गया होता, तो शायद पशु को समय पर उपचार मिल पाता। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अधूरे अस्पताल के निर्माण को जल्द पूरा करने और बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग भी की है।
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    सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे स्टेशन के पास बिजली के एक पोल में 220 वोल्ट का करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से बुटवेढ़वा निवासी रामचन्द्र पारसवान की दुधारू गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और वे बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी संजय कुमार गुप्ता को सूचना दी, जिसके बाद विद्युत आपूर्ति बंद की गई, लेकिन तब तक पशु की जान जा चुकी थी।

इस दुखद घटना ने क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधाओं की कमी को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से निर्माणाधीन सरकारी पशु चिकित्सालय आज तक पूरा नहीं हो सका है। उनका कहना है कि यदि यह अस्पताल समय पर चालू हो गया होता, तो शायद पशु को समय पर उपचार मिल पाता। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अधूरे अस्पताल के निर्माण को जल्द पूरा करने और बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग भी की है।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।
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    लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया।

इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
    3 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में कब्रिस्तान के पास लाखों रुपए की लागत से बन रही नाली में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य की हालत इतनी खस्ता है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह नाली पहली ही बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएगी। नाली का ढांचा अभी से आड़ा-तिरछा दिखने लगा है और इसकी मजबूती इतनी कम है कि हाथ से मारने पर ही गिट्टी-सीमेंट उखड़ने की नौबत आ गई है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर यहाँ न तो लागत और विवरण का कोई सूचना पटल (साइन बोर्ड) लगाया गया है और न ही निर्माण मानकों का पालन किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में भारी तकनीकी गड़बड़ियां और घटिया सामग्री का इस्तेमाल साफ देखा जा सकता है। नाली बनाने में पूरी तरह से मिट्टी युक्त बालू (रेत) का उपयोग हो रहा है और सीमेंट की मात्रा में भी भारी कटौती की जा रही है। यह नाली PMJSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) की सड़क के किनारे बनाई जा रही है, जहाँ नियमानुसार 10mm और 8mm के सरिए का सही अनुपात में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन यहाँ पैसे बचाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ 8mm की कमजोर सरिया से काम चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों का भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। जब इस भ्रष्टाचार को लेकर जनपद सीईओ संजय दुबे से बात की गई, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्य की जानकारी नहीं है और इसकी लागत क्या है, यह देखना पड़ेगा। वहीं, गाँव के सरपंच ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह कार्य उनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सब-इंजीनियर कभी मौके पर मुआयना करने नहीं आते और ग्राम पंचायत के सचिव भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बिना किसी डर के चल रहे इस बंदरबांट से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने शासन के पैसों के इस दुरुपयोग के खिलाफ जांच की मांग की है।
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    बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में कब्रिस्तान के पास लाखों रुपए की लागत से बन रही नाली में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य की हालत इतनी खस्ता है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह नाली पहली ही बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएगी। नाली का ढांचा अभी से आड़ा-तिरछा दिखने लगा है और इसकी मजबूती इतनी कम है कि हाथ से मारने पर ही गिट्टी-सीमेंट उखड़ने की नौबत आ गई है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर यहाँ न तो लागत और विवरण का कोई सूचना पटल (साइन बोर्ड) लगाया गया है और न ही निर्माण मानकों का पालन किया जा रहा है।

इस निर्माण कार्य में भारी तकनीकी गड़बड़ियां और घटिया सामग्री का इस्तेमाल साफ देखा जा सकता है। नाली बनाने में पूरी तरह से मिट्टी युक्त बालू (रेत) का उपयोग हो रहा है और सीमेंट की मात्रा में भी भारी कटौती की जा रही है। यह नाली PMJSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) की सड़क के किनारे बनाई जा रही है, जहाँ नियमानुसार 10mm और 8mm के सरिए का सही अनुपात में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन यहाँ पैसे बचाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ 8mm की कमजोर सरिया से काम चलाया जा रहा है।

इस पूरे मामले में प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों का भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। जब इस भ्रष्टाचार को लेकर जनपद सीईओ संजय दुबे से बात की गई, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्य की जानकारी नहीं है और इसकी लागत क्या है, यह देखना पड़ेगा। वहीं, गाँव के सरपंच ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह कार्य उनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सब-इंजीनियर कभी मौके पर मुआयना करने नहीं आते और ग्राम पंचायत के सचिव भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बिना किसी डर के चल रहे इस बंदरबांट से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने शासन के पैसों के इस दुरुपयोग के खिलाफ जांच की मांग की है।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के भेलवाडीह स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।
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    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के भेलवाडीह स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित नदरई (हजारा) पुल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत और ऐतिहासिक नमूना है। कासगंज शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर नदरई गांव में स्थित यह पुल 1885 से 1889 के बीच निर्मित किया गया था। इस पुल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रि-स्तरीय संरचना है, जिसके सबसे नीचे काली नदी बहती है, उसके ऊपर हजारा नहर प्रवाहित होती है और सबसे ऊपरी सतह पर सड़क बनी है, जिस पर भारी वाहनों का आवागमन भी होता है। इस पुल को आयरलैंड के इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसमें एक गुप्त गुफा भी बनी हुई है, जिसे अंग्रेजों ने आपातकालीन स्थितियों में छिपने के लिए बनवाया था। आज यह स्थान ब्रिटिश-कालीन वास्तुकला और भारतीय इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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    उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित नदरई (हजारा) पुल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत और ऐतिहासिक नमूना है। कासगंज शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर नदरई गांव में स्थित यह पुल 1885 से 1889 के बीच निर्मित किया गया था। इस पुल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रि-स्तरीय संरचना है, जिसके सबसे नीचे काली नदी बहती है, उसके ऊपर हजारा नहर प्रवाहित होती है और सबसे ऊपरी सतह पर सड़क बनी है, जिस पर भारी वाहनों का आवागमन भी होता है।

इस पुल को आयरलैंड के इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसमें एक गुप्त गुफा भी बनी हुई है, जिसे अंग्रेजों ने आपातकालीन स्थितियों में छिपने के लिए बनवाया था। आज यह स्थान ब्रिटिश-कालीन वास्तुकला और भारतीय इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को शहीद चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके। पुतला दहन के समय वहां मौजूद पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इस विरोध प्रदर्शन में समीर सिंह देव, रिपुजित सिंह देव, प्रशांत विश्वास, सुनील गुप्ता, रामदेव जगते, लालसाय मिंज, जयप्रकाश जायसवाल, अमित यादव, देवनारायण मरावी, बुद्धदेव पोया, जितेंद्र गुप्ता, शिवशंकर यादव, मधु गुप्ता, अशोक जायसवाल, रूपवती जायसवाल, संस्कृति, जयश्री पुषाम, राजा चौबे, कृपाशंकर, ब्यासमुनि यादव, चंद्रशेखर यादव, अजय यादव, इश्फाक खान, आशीष यादव, महमूद अंसारी, करमदयाल राम, सुनील तिर्की, राहुल, इंतखाब, नीरज गुप्ता, उमा गुप्ता, संतन भगत और कीर्तन सिंह सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस और सेवा दल के अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
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    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को शहीद चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके। पुतला दहन के समय वहां मौजूद पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

इस विरोध प्रदर्शन में समीर सिंह देव, रिपुजित सिंह देव, प्रशांत विश्वास, सुनील गुप्ता, रामदेव जगते, लालसाय मिंज, जयप्रकाश जायसवाल, अमित यादव, देवनारायण मरावी, बुद्धदेव पोया, जितेंद्र गुप्ता, शिवशंकर यादव, मधु गुप्ता, अशोक जायसवाल, रूपवती जायसवाल, संस्कृति, जयश्री पुषाम, राजा चौबे, कृपाशंकर, ब्यासमुनि यादव, चंद्रशेखर यादव, अजय यादव, इश्फाक खान, आशीष यादव, महमूद अंसारी, करमदयाल राम, सुनील तिर्की, राहुल, इंतखाब, नीरज गुप्ता, उमा गुप्ता, संतन भगत और कीर्तन सिंह सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस और सेवा दल के अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • बलरामपुर के रामानुजगंज स्थित काका लरंग सायं कम्युनिटी हॉल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव और डीएमसी चंद्रभूषण गुप्ता मंच पर प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के चरण स्पर्श करते हुए नजर आ रहे हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे, उसी दौरान यह घटना कैमरे में कैद हुई। वीडियो के सामने आने के बाद इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, हालांकि अभी तक संबंधित अधिकारियों या कृषि मंत्री की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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    बलरामपुर के रामानुजगंज स्थित काका लरंग सायं कम्युनिटी हॉल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव और डीएमसी चंद्रभूषण गुप्ता मंच पर प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के चरण स्पर्श करते हुए नजर आ रहे हैं।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे, उसी दौरान यह घटना कैमरे में कैद हुई। वीडियो के सामने आने के बाद इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, हालांकि अभी तक संबंधित अधिकारियों या कृषि मंत्री की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
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