Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुजफ्फरनगर के चरथावल से विधायक पंकज मलिक ने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की घटना की कड़ी निंदा की है। विधायक ने पुलिस और पत्रकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार को बेहद निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व है और इसे कुछ उपद्रवी तत्वों के कारण बदनाम नहीं होने दिया जाना चाहिए। पंकज मलिक ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ यात्रा संपन्न करने की अपील की है।
Ishwar Deen Sahu
मुजफ्फरनगर के चरथावल से विधायक पंकज मलिक ने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की घटना की कड़ी निंदा की है। विधायक ने पुलिस और पत्रकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार को बेहद निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व है और इसे कुछ उपद्रवी तत्वों के कारण बदनाम नहीं होने दिया जाना चाहिए। पंकज मलिक ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ यात्रा संपन्न करने की अपील की है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सिविल लाइंस स्थित एमजी मार्ग पर हाईकोर्ट के पास अवैध रूप से निर्मित एक भवन में संचालित हो रही शराब और बीयर की दुकान को सील कर दिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत की गई है, क्योंकि इस भवन का निर्माण बिना किसी स्वीकृति के किया गया था। प्राधिकरण ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आगे की कार्रवाई के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति या राजस्व हानि के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। पीडीए के अनुसार, भूखंड संख्या 57½, भवन संख्या 20/4ए/1 (न्यू), एमजी मार्ग, सिविल लाइंस के स्वामी ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा बिना अनुमति के यह निर्माण कराया गया था। इस मामले में 29 अप्रैल 2025 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) एवं 28(1) के तहत कारण बताओ नोटिस और निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 14 जुलाई 2025 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित करते हुए भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर खुद ही अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं किया गया। भवन में चल रही शराब और बीयर की दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कराने के लिए पीडीए ने जिला आबकारी विभाग को कई बार पत्र और अनुस्मारक भेजे थे, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। भवन स्वामी और आबकारी विभाग दोनों को पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद जब दुकान का स्थानांतरण नहीं हुआ, तो पीडीए के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह की अगुवाई में भवन को सील करने की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार आगे भी ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लोकप्रिय जिलाधिकारी (IAS) मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस जनसुनवाई के दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंची। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में स्थानीय तहसीलदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने तत्काल तहसीलदार को फोन लगाया और इस समस्या का निस्तारण करने के आदेश दिए। उन्होंने इस मामले में नाराजगी जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या का निस्तारण तहसील स्तर से ही किया जाए, वरना संबंधित अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में आश्रम बनवाने के नाम पर बड़ी ठगी और चोरी की वारदात सामने आई है, जहां गुजरात से आकर रह रहे पिता-पुत्र के फ्लैट से ₹2.90 करोड़ की भारी-भरकम राशि चोरी कर ली गई। गुजरात से अपनी पूरी संपत्ति बेचकर वृंदावन में आकर बसे राकेश प्रजापति और उनके बेटे मानव प्रजापति को आश्रम बनवाने का झांसा देकर इस वारदात का शिकार बनाया गया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजन, आलोक, प्रेम सागर और हीरेन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से ₹2 करोड़ की नकद राशि, ₹60 लाख की कीमत के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।1
- संगम नगरी प्रयागराज के लोकप्रिय जिलाधिकारी आईएएस मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान जनपद से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। इसी दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंची। महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में संबंधित तहसीलदार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने तत्काल तहसीलदार को फोन मिलाकर समस्या का निस्तारण करने का कड़ा आदेश दिया। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जन समस्याओं का तहसील स्तर से ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।1
- प्रयागराज के लेहरा तिवारीपुर शांतिपुरम में मंगलवार को श्री मां दुर्गा कमेटी के द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित लोगों ने भाग लिया।1
- प्रयागराज के जारी क्षेत्र में स्थित जल निगम पंप परिसर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति दूषित होने की आशंका बनी हुई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पंप में लगने वाली कुंजी (चाभी) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस खराबी की वजह से पंप के पास बने गड्ढे में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिसमें आसपास का गोबर और गंदा पानी भी मिल रहा है। पंप ऑपरेटर सोनू शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त कुंजी को तत्काल बदलकर पंप की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, गड्ढे में जमा गंदे पानी की निकासी और वहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।1
- प्रयागराज के बारिया ब्लॉक के अंतर्गत धान से संबंधित काम लगभग काफी जोरों से चल रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नैनी गेट पर सुबह से ही अवैध अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई जारी है। प्रशासन की ओर से पहले ही करीब 30 अवैध मकानों को नोटिस दिया जा चुका था, जिसके बाद अब इन सभी चिन्हित भवनों को गिराया जा रहा है। इस अभियान को पूरा करने के लिए सुबह से ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दरअसल, बीते शनिवार को जब इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था, तब महिलाओं ने इसका जमकर विरोध किया था। महिलाओं के इसी उग्र विरोध को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं ताकि बिना किसी रुकावट के अवैध निर्माण को हटाया जा सके।1