प्रयागराज के जारी क्षेत्र में स्थित जल निगम पंप परिसर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति दूषित होने की आशंका बनी हुई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पंप में लगने वाली कुंजी (चाभी) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस खराबी की वजह से पंप के पास बने गड्ढे में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिसमें आसपास का गोबर और गंदा पानी भी मिल रहा है। पंप ऑपरेटर सोनू शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त कुंजी को तत्काल बदलकर पंप की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, गड्ढे में जमा गंदे पानी की निकासी और वहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।
प्रयागराज के जारी क्षेत्र में स्थित जल निगम पंप परिसर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति दूषित होने की आशंका बनी हुई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पंप में लगने वाली कुंजी (चाभी) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस खराबी की वजह से पंप के पास बने गड्ढे में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिसमें आसपास का गोबर और गंदा पानी भी मिल रहा है। पंप ऑपरेटर सोनू शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त कुंजी को तत्काल बदलकर पंप की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, गड्ढे में जमा गंदे पानी की निकासी और वहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।
- देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपार मिश्रौली गांव में एक गन्ने के खेत में मानव कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बरामद किए गए कंकाल के पास से एक साड़ी, चप्पल और मोबाइल फोन मिला है। इन चीजों के मिलने के बाद इलाके में हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिजीत आर. शंकर ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया है। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और साक्ष्य जुटाकर जांच में जुट गई है।1
- प्रयागराज के लेहरा तिवारीपुर शांतिपुरम में मंगलवार को श्री मां दुर्गा कमेटी के द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित लोगों ने भाग लिया।1
- प्रयागराज के झूंसी थाने में पीड़ितों की बदहाली और पुलिस की कार्यप्रणाली का एक बड़ा खुलासा हुआ है। थाने के ही एक हेड दीवान की जुबानी सामने आई है कि एक बुरी तरह से घायल पीड़ित, जिसका मुंह तक फटा हुआ था, तीन दिनों से थाने के चक्कर काट रहा था लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दीवान ने खुद माना कि यह सब 'सेटिंग' का खेल है और छोटे सिपाही इसमें लाचार हैं। इस स्थिति पर आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि यदि आईपीएस अधिकारी न हों, तो आम जनता को न्याय मिलना असंभव है। असल में, अतीक के गुर्गे और भू-माफिया तुफैल अहमद ने पीड़ित पक्ष साहबे आलम और मोहम्मद फैसल के परिवार के साथ केवल इसलिए दोबारा मारपीट की क्योंकि उन्होंने थाने में भू-माफिया की शिकायत की थी। इसके बाद झूंसी पुलिस दो दिनों तक टालमटोल करती रही। जब मामले का वीडियो पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजा गया, तब उनके निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हालांकि, एफआईआर दर्ज करते समय पुलिस ने पीड़ित की तहरीर से वह लाइन काट दी जिसमें आरोपी तुफैल अहमद के भाई-भतीजों द्वारा मोबाइल छीनने की बात लिखी थी, जिससे मारपीट का वीडियो बनाया जा रहा था। वह मोबाइल अब तक वापस नहीं मिला है। इसके अगले ही दिन, पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने बिना किसी जांच, सबूत या वीडियो फुटेज के भू-माफिया तुफैल अहमद की ओर से गुपचुप तरीके से काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली। हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी और दंगा भड़काने जैसे संगीन मामलों में 9 मुकदमों के आरोपी को पीड़ित बनाकर रात में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब झूंसी थाने की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- प्रयागराज के जारी क्षेत्र में स्थित जल निगम पंप परिसर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति दूषित होने की आशंका बनी हुई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पंप में लगने वाली कुंजी (चाभी) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस खराबी की वजह से पंप के पास बने गड्ढे में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिसमें आसपास का गोबर और गंदा पानी भी मिल रहा है। पंप ऑपरेटर सोनू शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त कुंजी को तत्काल बदलकर पंप की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, गड्ढे में जमा गंदे पानी की निकासी और वहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।1
- प्रयागराज के बारिया ब्लॉक के अंतर्गत धान से संबंधित काम लगभग काफी जोरों से चल रहा है।1
- प्रयागराज के जीरो रोड स्थित आर्य भवन में भगवान श्री जगन्नाथ महोत्सव समिति ट्रस्ट द्वारा विधि-विधान पूर्वक भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी का मुकुट पूजन किया गया। इसके साथ ही पुरी धाम से आए भगवान जगन्नाथ जी के नील चक्र का भी पूजन किया गया है। अपनी मौसी के घर 15 दिनों तक बीमार रहने के बाद अब भगवान का स्वास्थ्य सामान्य है और आगामी 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ चांदी का विशेष श्री मुकुट धारण करेंगे, जो रत्न जड़ित मयूर के पंख से सुशोभित होगा। वहीं, उनके भ्राता बलभद्र 'ताहिया' नामक मुकुट पहनेंगे जिसमें रत्न जड़ित शेषनाग की छवि दिखाई देगी, और देवी सुभद्रा रत्न जड़ित चंद्रिका से सुशोभित 'किरीट' नामक मुकुट धारण करेंगी। इससे पहले शाम को भगवान जगन्नाथ जी को स्वल्पाहार एवं औषधि युक्त काढ़े का भोग लगाया गया और आरती पूजन किया गया।1
- प्रयागराज के नैनी स्थित महेवा गेट पर मंगलवार सुबह प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के मद्देनजर सुबह तीन बजे से ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद रहा, जबकि सुबह छह बजे से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को ढहाने के लिए मौके पर पीडीए का बुलडोजर चलाया गया। शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान महिलाओं द्वारा किए गए विरोध को देखते हुए इस बार प्रशासन बेहद सतर्क रहा। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर नैनी, करछना, औद्योगिक, कौंधियारा और बारा थानों की पुलिस के साथ पीएसी की भी तैनाती की गई। करछना एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने इससे पूर्व 38 अवैध मकानों को नोटिस जारी किया था, जिन पर अब नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।1
- प्रयागराज के झूंसी थाने से बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहां हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस सरकारी परिसर की बदहाली का आलम यह है कि यहाँ के लोकार्पण शिलापट्ट पर भी साफ तौर पर गंदगी जमी हुई दिखाई दे रही है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल से विधायक पंकज मलिक ने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की घटना की कड़ी निंदा की है। विधायक ने पुलिस और पत्रकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार को बेहद निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व है और इसे कुछ उपद्रवी तत्वों के कारण बदनाम नहीं होने दिया जाना चाहिए। पंकज मलिक ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ यात्रा संपन्न करने की अपील की है।1