प्रयागराज के झूंसी थाने में पीड़ितों की बदहाली और पुलिस की कार्यप्रणाली का एक बड़ा खुलासा हुआ है। थाने के ही एक हेड दीवान की जुबानी सामने आई है कि एक बुरी तरह से घायल पीड़ित, जिसका मुंह तक फटा हुआ था, तीन दिनों से थाने के चक्कर काट रहा था लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दीवान ने खुद माना कि यह सब 'सेटिंग' का खेल है और छोटे सिपाही इसमें लाचार हैं। इस स्थिति पर आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि यदि आईपीएस अधिकारी न हों, तो आम जनता को न्याय मिलना असंभव है। असल में, अतीक के गुर्गे और भू-माफिया तुफैल अहमद ने पीड़ित पक्ष साहबे आलम और मोहम्मद फैसल के परिवार के साथ केवल इसलिए दोबारा मारपीट की क्योंकि उन्होंने थाने में भू-माफिया की शिकायत की थी। इसके बाद झूंसी पुलिस दो दिनों तक टालमटोल करती रही। जब मामले का वीडियो पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजा गया, तब उनके निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हालांकि, एफआईआर दर्ज करते समय पुलिस ने पीड़ित की तहरीर से वह लाइन काट दी जिसमें आरोपी तुफैल अहमद के भाई-भतीजों द्वारा मोबाइल छीनने की बात लिखी थी, जिससे मारपीट का वीडियो बनाया जा रहा था। वह मोबाइल अब तक वापस नहीं मिला है। इसके अगले ही दिन, पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने बिना किसी जांच, सबूत या वीडियो फुटेज के भू-माफिया तुफैल अहमद की ओर से गुपचुप तरीके से काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली। हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी और दंगा भड़काने जैसे संगीन मामलों में 9 मुकदमों के आरोपी को पीड़ित बनाकर रात में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब झूंसी थाने की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रयागराज के झूंसी थाने में पीड़ितों की बदहाली और पुलिस की कार्यप्रणाली का एक बड़ा खुलासा हुआ है। थाने के ही एक हेड दीवान की जुबानी सामने आई है कि एक बुरी तरह से घायल पीड़ित, जिसका मुंह तक फटा हुआ था, तीन दिनों से थाने के चक्कर काट रहा था लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दीवान ने खुद माना कि यह सब 'सेटिंग' का खेल है और छोटे सिपाही इसमें लाचार हैं। इस स्थिति पर आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि यदि आईपीएस अधिकारी न हों, तो आम जनता को न्याय मिलना असंभव है। असल में, अतीक के गुर्गे और भू-माफिया तुफैल अहमद ने पीड़ित पक्ष साहबे आलम और मोहम्मद फैसल के परिवार के साथ केवल इसलिए दोबारा मारपीट की क्योंकि उन्होंने थाने में भू-माफिया की शिकायत की थी। इसके बाद झूंसी पुलिस दो दिनों तक टालमटोल करती रही। जब मामले का वीडियो पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजा गया, तब उनके निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हालांकि, एफआईआर दर्ज करते समय पुलिस ने पीड़ित की तहरीर से वह लाइन काट दी जिसमें आरोपी तुफैल अहमद के भाई-भतीजों द्वारा मोबाइल छीनने की बात लिखी थी, जिससे मारपीट का वीडियो बनाया जा रहा था। वह मोबाइल अब तक वापस नहीं मिला है। इसके अगले ही दिन, पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने बिना किसी जांच, सबूत या वीडियो फुटेज के भू-माफिया तुफैल अहमद की ओर से गुपचुप तरीके से काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली। हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी और दंगा भड़काने जैसे संगीन मामलों में 9 मुकदमों के आरोपी को पीड़ित बनाकर रात में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब झूंसी थाने की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लोकप्रिय जिलाधिकारी (IAS) मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस जनसुनवाई के दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंची। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में स्थानीय तहसीलदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने तत्काल तहसीलदार को फोन लगाया और इस समस्या का निस्तारण करने के आदेश दिए। उन्होंने इस मामले में नाराजगी जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या का निस्तारण तहसील स्तर से ही किया जाए, वरना संबंधित अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में आश्रम बनवाने के नाम पर बड़ी ठगी और चोरी की वारदात सामने आई है, जहां गुजरात से आकर रह रहे पिता-पुत्र के फ्लैट से ₹2.90 करोड़ की भारी-भरकम राशि चोरी कर ली गई। गुजरात से अपनी पूरी संपत्ति बेचकर वृंदावन में आकर बसे राकेश प्रजापति और उनके बेटे मानव प्रजापति को आश्रम बनवाने का झांसा देकर इस वारदात का शिकार बनाया गया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजन, आलोक, प्रेम सागर और हीरेन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से ₹2 करोड़ की नकद राशि, ₹60 लाख की कीमत के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।1
- संगम नगरी प्रयागराज के लोकप्रिय जिलाधिकारी आईएएस मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान जनपद से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। इसी दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंची। महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में संबंधित तहसीलदार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने तत्काल तहसीलदार को फोन मिलाकर समस्या का निस्तारण करने का कड़ा आदेश दिया। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जन समस्याओं का तहसील स्तर से ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।1
- प्रयागराज के लेहरा तिवारीपुर शांतिपुरम में मंगलवार को श्री मां दुर्गा कमेटी के द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित लोगों ने भाग लिया।1
- प्रयागराज के जारी क्षेत्र में स्थित जल निगम पंप परिसर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति दूषित होने की आशंका बनी हुई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पंप में लगने वाली कुंजी (चाभी) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस खराबी की वजह से पंप के पास बने गड्ढे में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिसमें आसपास का गोबर और गंदा पानी भी मिल रहा है। पंप ऑपरेटर सोनू शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, और बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त कुंजी को तत्काल बदलकर पंप की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, गड्ढे में जमा गंदे पानी की निकासी और वहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।1
- प्रयागराज के बारिया ब्लॉक के अंतर्गत धान से संबंधित काम लगभग काफी जोरों से चल रहा है।1
- प्रयागराज के जीरो रोड स्थित आर्य भवन में भगवान श्री जगन्नाथ महोत्सव समिति ट्रस्ट द्वारा विधि-विधान पूर्वक भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी का मुकुट पूजन किया गया। इसके साथ ही पुरी धाम से आए भगवान जगन्नाथ जी के नील चक्र का भी पूजन किया गया है। अपनी मौसी के घर 15 दिनों तक बीमार रहने के बाद अब भगवान का स्वास्थ्य सामान्य है और आगामी 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ चांदी का विशेष श्री मुकुट धारण करेंगे, जो रत्न जड़ित मयूर के पंख से सुशोभित होगा। वहीं, उनके भ्राता बलभद्र 'ताहिया' नामक मुकुट पहनेंगे जिसमें रत्न जड़ित शेषनाग की छवि दिखाई देगी, और देवी सुभद्रा रत्न जड़ित चंद्रिका से सुशोभित 'किरीट' नामक मुकुट धारण करेंगी। इससे पहले शाम को भगवान जगन्नाथ जी को स्वल्पाहार एवं औषधि युक्त काढ़े का भोग लगाया गया और आरती पूजन किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नैनी गेट पर सुबह से ही अवैध अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई जारी है। प्रशासन की ओर से पहले ही करीब 30 अवैध मकानों को नोटिस दिया जा चुका था, जिसके बाद अब इन सभी चिन्हित भवनों को गिराया जा रहा है। इस अभियान को पूरा करने के लिए सुबह से ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दरअसल, बीते शनिवार को जब इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था, तब महिलाओं ने इसका जमकर विरोध किया था। महिलाओं के इसी उग्र विरोध को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं ताकि बिना किसी रुकावट के अवैध निर्माण को हटाया जा सके।1