जनसहयोग और नवाचार से बदली शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां की तस्वीर "सफलता की कहानी" राजगढ़ जिले के शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां में जनसहयोग, नवाचार और समर्पित शिक्षकों के प्रयासों से शिक्षा का ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है, जिसने विद्यालय को जिले के उत्कृष्ट शासकीय विद्यालयों की श्रेणी में पहचान दिलाई है। जिला मुख्यालय से लगभग 29 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां में कक्षा 9वीं एवं 10वीं का संचालन किया जाता है। विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समावेशी शिक्षा, जीवन कौशल, पर्यावरण शिक्षा, करियर काउंसलिंग तथा सतत एवं व्यापक अधिगम मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। मुश्किल दौर से बदलाव की शुरुआत वर्ष 2021-22 में विद्यालय में चोरी की घटना के बाद आवश्यक संसाधनों की कमी सामने आई। ऐसे समय में विद्यालय के शिक्षकों ने समस्या को चुनौती मानते हुए जनसहयोग का रास्ता अपनाया। शिक्षकों, ग्रामीणों, पालकों, मित्रों और प्रदेश के सहयोगकर्ताओं से संपर्क कर सहयोग राशि जुटाई गई। अब तक 3 लाख रुपये से अधिक का जनसहयोग प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने में किया गया। जनसहयोग से विद्यालय में पंखे, स्मार्ट क्लास, राजा भोज पुस्तकालय, माता सरस्वती मंदिर तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। विद्यालय की पुस्तकालय व्यवस्था को नई दिशा देने में पुस्तक भवन नई दिल्ली, राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार के सहयोग से संचालित वाणी फाउंडेशन तथा अनुपम फाउंडेशन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पर्यावरण संरक्षण बना विद्यार्थियों का संस्कार विद्यालय के इको क्लब एवं पर्यावरण मित्र क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया। विवाह वर्षगांठ एवं जन्मदिन जैसे अवसरों पर लोगों से पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए जालियां सहयोग स्वरूप प्राप्त की गईं। इसके परिणामस्वरूप विद्यालय परिसर एवं आसपास के विभिन्न पार्कों में लगभग 1000 पौधों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। कारगिल पार्क, नवग्रह पार्क, रानी लक्ष्मीबाई पार्क सहित विद्यालय परिसर में विकसित हरित क्षेत्र विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण शिक्षा की जीवंत प्रयोगशाला बन गए हैं। वर्ष 2026 में देवी अहिल्या बाई पार्क का निर्माण भी इसी सकारात्मक पहल की एक नई कड़ी है। शिक्षा के साथ संस्कार और जागरूकता विद्यालय में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समय-समय पर जागरूकता रैली, जल जीवन अभियान, ऊर्जा संरक्षण, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, योग, कहानी प्रस्तुतीकरण तथा विभिन्न सामाजिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने के लिए बाल कैबिनेट का गठन किया गया है। विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन, संघर्ष और योगदान से परिचित कराने के लिए उनकी जयंती एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम विद्यालय में भयमुक्त वातावरण और ‘खेल-खेल में शिक्षा’ की अवधारणा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि वर्ष 2021-22 से सत्र 2025-26 तक विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगभग 97 प्रतिशत रहा है। लगातार चार वर्षों से विद्यालय का नाम जिले के शीर्ष 10 शासकीय विद्यालयों में शामिल रहा है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। विद्यालय द्वारा किए गए प्रयासों से गांव में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आज ग्रामीण समाज शिक्षा एवं बेटियों के भविष्य को लेकर अधिक सजग हुआ है। *“लोगों का विश्वास जीतना ही सबसे बड़ी सफलता”* विद्यालय के शिक्षक श्री ओमप्रकाश जायसवाल बताते हैं कि शासकीय विद्यालय को बेहतर ढंग से संचालित करने और ग्रामीणों एवं पालकों का सरकारी स्कूल के प्रति विश्वास मजबूत करने के उद्देश्य से जनसहयोग की पहल शुरू की गई थी। शुरुआत में कठिनाइयां आईं, लेकिन जब विद्यालय में धरातल पर सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा तो लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर सहयोग करना शुरू किया। वे कहते हैं कि इस बदलाव में प्राचार्य, सभी शिक्षकों, मित्रों, पालकों और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जनसहयोग बना बदलाव की ताकत शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि जब शासन की योजनाओं के साथ शिक्षक का समर्पण, समुदाय का विश्वास और जनसहयोग जुड़ता है, तो सीमित संसाधनों वाला विद्यालय भी उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम कर सकता है।यह विद्यालय अब केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभर रहा है।।
जनसहयोग और नवाचार से बदली शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां की तस्वीर "सफलता की कहानी" राजगढ़ जिले के शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां में जनसहयोग, नवाचार और समर्पित शिक्षकों के प्रयासों से शिक्षा का ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है, जिसने विद्यालय को जिले के उत्कृष्ट शासकीय विद्यालयों की श्रेणी में पहचान दिलाई है। जिला मुख्यालय से लगभग 29 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां में कक्षा 9वीं एवं 10वीं का संचालन किया जाता है। विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समावेशी शिक्षा, जीवन कौशल, पर्यावरण शिक्षा, करियर काउंसलिंग तथा सतत एवं व्यापक अधिगम मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। मुश्किल दौर से बदलाव की शुरुआत वर्ष 2021-22 में विद्यालय में चोरी की घटना के बाद आवश्यक संसाधनों की कमी सामने आई। ऐसे समय में विद्यालय के शिक्षकों ने समस्या को चुनौती मानते हुए जनसहयोग का रास्ता अपनाया। शिक्षकों, ग्रामीणों, पालकों, मित्रों और प्रदेश के सहयोगकर्ताओं से संपर्क कर सहयोग राशि जुटाई गई। अब तक 3 लाख रुपये से अधिक का जनसहयोग प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने में किया गया। जनसहयोग से विद्यालय में पंखे, स्मार्ट क्लास, राजा भोज पुस्तकालय, माता सरस्वती मंदिर तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। विद्यालय की पुस्तकालय व्यवस्था को नई दिशा देने में पुस्तक भवन नई दिल्ली, राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार के सहयोग से संचालित वाणी फाउंडेशन तथा अनुपम फाउंडेशन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पर्यावरण संरक्षण बना विद्यार्थियों का संस्कार विद्यालय के इको क्लब एवं पर्यावरण मित्र क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया। विवाह वर्षगांठ एवं जन्मदिन जैसे अवसरों पर लोगों से पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए जालियां सहयोग स्वरूप प्राप्त की गईं। इसके परिणामस्वरूप विद्यालय परिसर एवं आसपास के विभिन्न पार्कों में लगभग 1000 पौधों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। कारगिल पार्क, नवग्रह पार्क, रानी लक्ष्मीबाई पार्क सहित विद्यालय परिसर में विकसित हरित क्षेत्र विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण शिक्षा की जीवंत प्रयोगशाला बन गए हैं। वर्ष 2026 में देवी अहिल्या बाई पार्क का निर्माण भी इसी सकारात्मक पहल की एक नई कड़ी है। शिक्षा के साथ संस्कार और जागरूकता विद्यालय में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समय-समय पर
जागरूकता रैली, जल जीवन अभियान, ऊर्जा संरक्षण, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, योग, कहानी प्रस्तुतीकरण तथा विभिन्न सामाजिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने के लिए बाल कैबिनेट का गठन किया गया है। विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन, संघर्ष और योगदान से परिचित कराने के लिए उनकी जयंती एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम विद्यालय में भयमुक्त वातावरण और ‘खेल-खेल में शिक्षा’ की अवधारणा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि वर्ष 2021-22 से सत्र 2025-26 तक विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगभग 97 प्रतिशत रहा है। लगातार चार वर्षों से विद्यालय का नाम जिले के शीर्ष 10 शासकीय विद्यालयों में शामिल रहा है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। विद्यालय द्वारा किए गए प्रयासों से गांव में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आज ग्रामीण समाज शिक्षा एवं बेटियों के भविष्य को लेकर अधिक सजग हुआ है। *“लोगों का विश्वास जीतना ही सबसे बड़ी सफलता”* विद्यालय के शिक्षक श्री ओमप्रकाश जायसवाल बताते हैं कि शासकीय विद्यालय को बेहतर ढंग से संचालित करने और ग्रामीणों एवं पालकों का सरकारी स्कूल के प्रति विश्वास मजबूत करने के उद्देश्य से जनसहयोग की पहल शुरू की गई थी। शुरुआत में कठिनाइयां आईं, लेकिन जब विद्यालय में धरातल पर सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा तो लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर सहयोग करना शुरू किया। वे कहते हैं कि इस बदलाव में प्राचार्य, सभी शिक्षकों, मित्रों, पालकों और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जनसहयोग बना बदलाव की ताकत शासकीय हाई स्कूल सोनखेड़ा कलां की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि जब शासन की योजनाओं के साथ शिक्षक का समर्पण, समुदाय का विश्वास और जनसहयोग जुड़ता है, तो सीमित संसाधनों वाला विद्यालय भी उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम कर सकता है।यह विद्यालय अब केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभर रहा है।।
- ब्यावरा कलां के शासकीय स्कूल में बदहाल टॉयलेट व्यवस्था, बच्चों को हो रही परेशानी खिलचीपुर तहसील के ग्राम ब्यावरा कलां स्थित शासकीय स्कूल में टॉयलेट और वॉशरूम की स्थिति खराब होने के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शौचालय जाने के लिए असुविधा होती है। ग्रामीणों एवं अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लिए स्कूल में स्वच्छ और सुरक्षित टॉयलेट की सुविधा होना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद स्कूल की वर्तमान व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि स्कूल की टॉयलेट-वॉशरूम व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई एवं उचित व्यवस्था जल्द कराई जाए, ताकि बच्चों को परेशानी न उठानी पड़े।1
- आप सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं लखन सिंह लोधी प्रदेश सचिव ओबीसी महासभा मध्य प्रदेश जिला राजगढ़ की ओर से आप सभी को बहुत-बहुत बधाई1
- भाई-बहन के प्यार का खूबसूरत त्योहार ❤️🎀 रक्षाबंधन पर बहन ने बांधी राखी, भाई ने दिया प्यार और वचन! #रक्षाबंधन रक्षाबंधन के इस खास मौके पर भाई-बहन के प्यार की खूबसूरत झलक ❤️🎀 बहन ने भाई को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर इस खास रिश्ते को और भी यादगार बनाया। भाई-बहन का यह प्यार हमेशा यूं ही बना रहे। 🙏❤️ आपने रक्षाबंधन कैसे मनाया? कमेंट में जरूर बताएं।1
- त्यौहारों पर मिलावट के खिलाफ कलेक्टर का एक्शन 20 हजार की सामग्री जब्त त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर कलेक्टर की सख्ती, खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं—संदिग्ध मावा-पनीर के नमूने लिए, 20 हजार रुपये की सामग्री जब्त राजगढ़, 28 अगस्त 2026। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरिश कुमार मिश्रा ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच एवं नमूना कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 27 अगस्त 2026 की रात्रि लगभग 11 बजे सुठालिया बाईपास, ब्यावरा स्थित राधा-कृष्ण दूध मावा पनीर प्लांट का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाए गए मावा एवं पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए। मौके पर 40 किलोग्राम मावा एवं 20 किलोग्राम पनीर, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये है, जब्त किया गया। खाद्य पदार्थों के नमूने नियमानुसार जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व अमला भी सक्रिय, खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी तेज त्योहारी सीजन में मिलावट एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ राजस्व विभाग का अमला भी सक्रिय किया गया है। जिले में दूध, मावा, पनीर, मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण और विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। यह संयुक्त कार्रवाई तहसीलदार श्री कमल सोलंकी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री एस.एस. खत्री द्वारा की गई। कलेक्टर डॉ. गिरिश कुमार मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा मिलावट या अमानक खाद्य सामग्री पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।2
- भाई बहन का पवित्र त्योहार मनाया गया रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनें भाइयों को राखी बांधने भाइयों के घर पहुंचती है और राखी काधागा बांधकर जिसे रक्षासूत्र भी कहते है भाई बहन के प्रेम और बहन की रक्षा के लिए भाई बहनों से राखी बंधवाते हैं और उन्हें जीवन में हर तरह की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने का विश्वास दिलाने की संस्कृति व परंपरा को निभाया जाता है।1
- बहनों ने भाई की कलाई पर बांधा प्रेम का रक्षासूत्र लंबी उम्र की करी मनोकामना बहनों ने भाई की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र, भाइयों की लंबी उम्र की कामना मीना राजपूत, ब्यूरो राजस्थान। राजस्थान आप देख सकते हो जहा राखी के अवसर पर इस पावन त्यौहार पर बहन भाई को राखी बांधती है और भाई की लंबी उम्र की कामना करती है और भाई बहन की रक्षा करने का वचन देता है और हर वक्त साथ देने की शपथ लेता है लेकिन सच यह भी है की वही दूसरी और अब यह भी देखा जाता है कि राखी उस परमपिता परमात्मा को बांधो जो सबकी रक्षा करता है वह परमेश्वर परमपिता सबके तारणहार सबके सर्जनहार उस भगवान को हम रक्षा सूत्र बंधेंगे तो वह हम सब की रक्षा वह परमात्मा करेंगे आओ हम सब मिलकर उस परमपिता परमेश्वर को रक्षा सूत्र बांध के हमारी सब की रक्षा की कामना करते हैं3
- जिला जेल राजगढ़ में मनाया गया रक्षाबंधन पर्व कैदियों को बहनों ने बांधी राखी।1
- लखनऊ इंदौर बस हादसा.. सायबर पुलिस इंस्पेक्टर सहित 4कीमौत,11 घायल. राजगढ़ एसपी अमित तोलानी एडिशनल एसपी बंजारे एसडीएम दुबे ने संभाला मोर्चा { श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 लखनऊ इंदौर बस हादसा.. सायबर पुलिस इंस्पेक्टर सहित 4कीमौत,11 घायल. राजगढ़ एसपी अमित तोलानी एडिशनल एसपी बंजारे एसडीएम दुबे ने संभाला मोर्चा { श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 ओ राजगढ़ :- जिले के ब्यावरा में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा हो गया । यहाँ नेशनल हाईवे-52 पर ब्यावरा-इंदौर बायपास के ट्रायंगल ओवरब्रिज पर बने खतरनाक 90 डिग्री घुमावदार मोड़ पर एक तेज रफ्तार स्लीपर कोच बस नंबर NL 01 D 3436 अनियंत्रित होकर सेफ्टी वॉल से जा टकराई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और ऊपरी केबिन व स्लीपर बर्थ में सो रहे यात्री शीशे टूटने के कारण पुल से करीब 20 फीट नीचे भोपाल रोड पर जा गिरे । इस खौफनाक हादसे में बेंगलुरु पुलिस के सायबर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) समेत 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पुलिस स्टाफ सहित 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं देहात पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बस लखनऊ से इंदौर की तरफ जा रही थी । बस में बेंगलुरु (कर्नाटक) के साउथ-ईस्ट सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन की एक टीम सवार थी,जो उत्तर प्रदेश में एक मामले की जांच के बाद आरोपी की धरपकड़ के लिए इंदौर जा रही थी । सुबह का वक्त होने के कारण सभी यात्री गहरी नींद में थे और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला घटना की गंभीरता को देखते हुए ब्यावरा विधायक राज्य मंत्री नारायण सिंह पवार, राजगढ़ एसपी अमित तोलानी, एडिशनल एसपी बंजारे और एसडीएम गोविंद दुबे तुरंत बल सहित सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों के त्वरित उपचार के इंतजाम किए । हादसे में मृत सभी 4 व्यक्तियों के शवों की शिनाख्त हो.गई है जिनमें :- रवि के.बी. पिता बसप्पा, उम्र 45 साल पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), सायबर क्राइम स्टेशन, बेंगलुरु कर्नाटक ।विकास शुक्ला (बस चालक), उम्र 29 साल पिता अवध नारायण, निवासी- तेंदुली, फतेहपुर उत्तर प्रदेश । सह-चालक गुड्डू पिता कुंवर कुशवाह, निवासी- सीतापुर सुरक्षित । बेलाल अली,उम्र 23 साल: पिता कलीमुल्लाह मियां, निवासी- साथी, गोपालगंज बिहार । ज्योतिरादित्य सिंह गौड़: पिता विक्रम सिंह गौड़, निवासी- बिजवाड़ । हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 5 अत्यंत नाजुक मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत भोपाल रेफर किया गया है । घायलों में बेंगलुरु पुलिस के एएसआई और सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं जिनको भोपाल रेफर किया उनके नाम है । अमित कुमार, उम्र 40 साल पिता विनोद कुमार सिंह, निवासी- मोहम्मदपुर, जौनपुर उत्तर प्रदेश । सुरेंद्र प्रताप सिंह,उम्र 68 साल पिता भद्रसेन सिंह, ग्राम हुरुरी जिला- जौनपुर उत्तर प्रदेश ।सुमन शर्मा,उम्र 36 साल पति रवि शर्मा,निवासी- कानपुर उत्तर सप्रदेश । श्रीनिवास,उम्र 50 साल पिता वेंकटेश गिरी,निवासी बेंगलुरु कर्नाटक — ASI, बेंगलुरु पुलिस । केशव,उम्र 28 साल पिता श्रीपाल,निवासी मथुला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश । ब्यावरा सिविल अस्पताल में उपचाराधीन घायल 7 यात्री जिनके नाम । मीनू सिंह,उम्र 37 साल पति अमित कुमार,निवासी मोहम्मदपुर,जौनपुर उत्तर प्रदेश । रक्षित सिंह,उम्र 13 साल पिता अमित सिंह, निवासी- जौनपुर उत्तर प्रदेश । रवि शर्मा,उम्र 42 साल पिता दीनानाथ शर्मा, निवासी- कानपुर उत्तर प्रदेश । पार्थ शर्मा,उम्र 08 साल पिता रवि शर्मा,निवासी कानपुर उत्तर प्रदेश । सोनू उम्र 39 साल पिता हरी बाबू,निवासी- खैराबाद, सीतापुर उत्तर प्रदेश । रमेश नायक: पिता पंडप्पा, निवासी- बेंगलुरु (कर्नाटक) — सब-इंस्पेक्टर (SI), बेंगलुरु पुलिस । विश्वनाथ, उम्र 39 साल: पिता मोहन, निवासी- बेंगलुरु (कर्नाटक) — पुलिस स्टाफ, सायबर सेल इस भीषण हादसे ने राजगढ़ जिले की आपातकालीन चिकित्सा सेवा 'संजीवनी 108' पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं । प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद सूचना दिए जाने के बावजूद करीब आधे घंटे तक कोई भी सरकारी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची । लहूलुहान यात्री पुल के नीचे सड़क पर तड़पते रहे स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि जब इमरजेंसी के समय पर ही एम्बुलेंस उपलब्ध न हो, तो ऐसी आपातकालीन सेवा का क्या औचित्य है ? बाद में पुलिस वाहनों और निजी साधनों से घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया । इस ओवरब्रिज पर बना सिंगल-वे मार्ग और अचानक आने वाला करीब 90 डिग्री का तीखा टर्न ही हादसे की मुख्य वजह बना । स्थानीय निवासियों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान ही इस ओवरब्रिज के डिजाइन और खतरनाक टर्न को लेकर गंभीर सवाल उठे थे । क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें और पत्र भेजकर खामी दूर करने की मांग की थी लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण इस 'ब्लैक स्पॉट' को दुरुस्त नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज फिर मासूम जिंदगियों को भुगतना पड़ा ।4