झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे पर छतरपुर बॉर्डर में घुसते ही वाहन चालकों से सरेआम अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। देवरी बंधा पुल के पहले कुछ लोग पुलिस जैसी वर्दी पहनकर और आरटीओ लिखे बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोक रहे हैं। इन लोगों पर आरोप है कि वे वाहन चालकों को डरा-धमकाकर खुलेआम पैसे वसूल रहे हैं। इस वसूली के तहत ट्रैक्टर चालकों से ₹500, ऑटो चालकों से ₹300 से ₹500 और ट्रक चालकों से ₹1000 से ₹2000 तक की जबरन वसूली की जा रही है। पैसे न देने पर वाहनों को बंद करने और कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इस पूरी घटना के कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में छतरपुर पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मांग है कि यदि ये लोग पुलिस या आरटीओ के अधिकृत कर्मचारी हैं, तो प्रशासन स्पष्ट करे कि यह वसूली किस कानूनी अधिकार के तहत हो रही है, और यदि ये फर्जी हैं, तो इनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि लगाए गए आरोप गलत हैं, तो संबंधित विभाग को वास्तविक तथ्य सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे पर छतरपुर बॉर्डर में घुसते ही वाहन चालकों से सरेआम अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। देवरी बंधा पुल के पहले कुछ लोग पुलिस जैसी वर्दी पहनकर और आरटीओ लिखे बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोक रहे हैं। इन लोगों पर आरोप है कि वे वाहन चालकों को डरा-धमकाकर खुलेआम पैसे वसूल रहे हैं। इस वसूली के तहत ट्रैक्टर चालकों से ₹500, ऑटो चालकों से ₹300 से
₹500 और ट्रक चालकों से ₹1000 से ₹2000 तक की जबरन वसूली की जा रही है। पैसे न देने पर वाहनों को बंद करने और कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इस पूरी घटना के कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में छतरपुर पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन
से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मांग है कि यदि ये लोग पुलिस या आरटीओ के अधिकृत कर्मचारी हैं, तो प्रशासन स्पष्ट करे कि यह वसूली किस कानूनी अधिकार के तहत हो रही है, और यदि ये फर्जी हैं, तो इनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि लगाए गए आरोप गलत हैं, तो संबंधित विभाग को वास्तविक तथ्य सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
- छतरपुर के बगौता निवासी राजेंद्र राजपूत ने अपने बड़े भाई पुष्पेंद्र राजपूत उर्फ पप्पू छीपा पर धोखाधड़ी कर जमीन बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित का परिवार गहरे आर्थिक संकट में घिर गया है और राजेंद्र को अपनी तीन छोटी बेटियों के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित का आरोप है कि कुछ दिन पहले उनके भाई के बेटे ने उनकी पत्नी और बेटी के साथ मारपीट और अभद्रता भी की थी। इस मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। राजेंद्र राजपूत ने सिविल लाइन थाने के एक मुंशी पर भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का सीधा आरोप लगाया है। पुलिस की इस ढिलाई से परेशान होकर पीड़ित ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) और डीआईजी कार्यालय पहुंचकर आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर न्याय की गुहार लगाई है।1
- टीकमगढ़ जिले के थाना बम्होरी कलां पुलिस ने यूपी बॉर्डर पर स्थित कनेरा चौकी पर हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया है। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले कुछ लोगों के चालान काटे गए, जबकि कुछ वाहन चालकों को पुलिस ने समझाइश देकर छोड़ दिया। इस पूरे मामले पर राम सिंह यादव जी के साथ एक खास रिपोर्ट तैयार की गई है।1
- छतरपुर के गांधी आश्रम में आज 18 जुलाई को शाम करीब 5:00 बजे ह्यूमन राइट रिसर्च काउंसिल द्वारा दक्षिण अफ्रीका के महान नेता नेल्सन मंडेला का जन्मदिवस मनाया गया। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने नेल्सन मंडेला के जीवन, उनके संघर्ष और मानवता के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। इस विशेष अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नेल्सन मंडेला महात्मा गांधी के विचारों से गहराई से प्रेरित थे, जिसके कारण उन्हें "दूसरा गांधी" भी कहा जाता है। इसके साथ ही मानवाधिकारों के महत्व पर चर्चा करते हुए उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जीवन की चुनौतियों का सामना हमेशा शांतिपूर्ण और संयमित तरीके से ही करना चाहिए, क्योंकि क्रोध और आवेश व्यक्ति के कार्यों में केवल बाधा उत्पन्न करते हैं।1
- झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे पर छतरपुर बॉर्डर में घुसते ही वाहन चालकों से सरेआम अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। देवरी बंधा पुल के पहले कुछ लोग पुलिस जैसी वर्दी पहनकर और आरटीओ लिखे बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोक रहे हैं। इन लोगों पर आरोप है कि वे वाहन चालकों को डरा-धमकाकर खुलेआम पैसे वसूल रहे हैं। इस वसूली के तहत ट्रैक्टर चालकों से ₹500, ऑटो चालकों से ₹300 से ₹500 और ट्रक चालकों से ₹1000 से ₹2000 तक की जबरन वसूली की जा रही है। पैसे न देने पर वाहनों को बंद करने और कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इस पूरी घटना के कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में छतरपुर पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मांग है कि यदि ये लोग पुलिस या आरटीओ के अधिकृत कर्मचारी हैं, तो प्रशासन स्पष्ट करे कि यह वसूली किस कानूनी अधिकार के तहत हो रही है, और यदि ये फर्जी हैं, तो इनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि लगाए गए आरोप गलत हैं, तो संबंधित विभाग को वास्तविक तथ्य सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।3