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मऊगंज में कई वर्षों से बंद एक रास्ते को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर “राखी के वचन” भूलने का आरोप लगा है। इस रास्ते के बंद होने का दर्द हाल ही में एक बेटी की विदाई के दौरान सामने आया, जब डोली के लिए भी ताला नहीं खुला। परिणामस्वरूप, बेटी की विदाई मोटरसाइकिल से खेतों के रास्ते करनी पड़ी। इस घटना ने प्रशासनिक दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, और जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन हैं। नौढ़िया नंबर-1 के आदिवासी परिवारों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि अपने घरों तक पहुंचने के मूल अधिकार की आवश्यकता है। इन परिवारों का आरोप है कि वे कई वर्षों से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। अब उन्होंने जिला कलेक्टर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
मऊगंज में कई वर्षों से बंद एक रास्ते को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर “राखी के वचन” भूलने का आरोप लगा है। इस रास्ते के बंद होने का दर्द हाल ही में एक बेटी की विदाई के दौरान सामने आया, जब डोली के लिए भी ताला नहीं खुला। परिणामस्वरूप, बेटी की विदाई मोटरसाइकिल से खेतों के रास्ते करनी पड़ी। इस घटना ने प्रशासनिक दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, और जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन हैं। नौढ़िया नंबर-1 के आदिवासी परिवारों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि अपने घरों तक पहुंचने के मूल अधिकार की आवश्यकता है। इन परिवारों का आरोप है कि वे कई वर्षों से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। अब उन्होंने जिला कलेक्टर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं एडवोकेट कल्पना चौधरी लगातार अधिवक्ता साथियों से जनसंपर्क कर रही हैं और उनसे समर्थन तथा आशीर्वाद मांग रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 3 जुलाई 2026 को होना निर्धारित है, जिसमें कल्पना चौधरी का सरल क्रमांक 3 है। कल्पना चौधरी ने अधिवक्ता साथियों से अपील की है कि वे उन्हें अपना सहयोग प्रदान करें और भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन मिला, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अधिवक्ता हितों की रक्षा, संगठन को मजबूती प्रदान करने और साथियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी। अपने संदेश में, उन्होंने अधिवक्ता साथियों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त करते हुए "आपका विश्वास, हमारी जिम्मेदारी" का नारा दिया है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए मुकाबला भी रोचक होता जा रहा है। सभी की नजरें अब 3 जुलाई 2026 को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं।2
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