ताजमहल CISF यूनिट का IG द्वारा वार्षिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के आईजी नॉर्थ सेक्टर नवज्योति गोगोई ने वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ताजमहल परिसर की सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से जायजा लेते हुए हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने प्रवेश द्वारों, निगरानी व्यवस्था, ड्यूटी पॉइंट्स तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए, ताकि विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सके। आईजी नवज्योति गोगोई ने CISF जवानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जवानों की तत्परता और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ समन्वय, सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। CISF अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किया।
ताजमहल CISF यूनिट का IG द्वारा वार्षिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के आईजी नॉर्थ सेक्टर नवज्योति गोगोई ने वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ताजमहल परिसर की सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से जायजा लेते हुए हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने प्रवेश द्वारों, निगरानी व्यवस्था, ड्यूटी पॉइंट्स तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए, ताकि विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सके। आईजी नवज्योति गोगोई ने CISF जवानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जवानों की तत्परता और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ समन्वय, सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। CISF अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किया।
- ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक के लिए भेजेंगे नोटिस महिला आयोग शक्त1
- Post by Khachera Aadiwasi1
- # Mere Ghar Ki Raunak hai Social Media news#1
- कानपुर थाना पनकी क्षेत्र में दीपिका सैनी की मृत्यु के संबंध में हत्या का अभियोग तत्काल पंजीकृत किया गया है। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, प्रकरण से संबंधित सभी साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं तथा शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रकरण के सम्बन्ध में श्रीमान पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री एस.एम.कासिम आबिदी द्वारा दी गई बाइट1
- aise logon ki madad jyada Se jyada Karen1
- आगरा में बंदरों की समस्या अब जानलेवा होती जा रही है। इस वीडियो में देखें कैसे ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों और शहर के स्थानीय निवासियों के लिए बंदर बड़ी मुसीबत बन चुके हैं। प्रशासन के दावों और ज़मीनी हकीकत की पूरी रिपोर्ट।1
- गाजियाबाद की दर्दनाक घटना में तीन नाबालिग बच्चियों की आत्महत्या के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। अध्यक्ष ने इस घटना को पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए बच्चों पर बढ़ते डिजिटल दबाव और मोबाइल की लत को चिंताजनक बताया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई एक मजबूरी थी, लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। ऐसे में बच्चों के हाथ में लगातार मोबाइल देना उनकी मानसिक सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ता दबाव और अनियंत्रित ऑनलाइन कंटेंट बच्चों में तनाव और अवसाद जैसी समस्याएँ पैदा कर रहा है। आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि स्कूलों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसमें मोबाइल के जरिए होमवर्क देने की व्यवस्था पर रोक लगाने पर जोर होगा। उन्होंने स्कूलों से पढ़ाई के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक माध्यम अपनाने की अपील की, ताकि बच्चों पर डिजिटल निर्भरता कम की जा सके। बबीता चौहान ने अभिभावकों से भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना स्कूल और माता-पिता दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद की घटना से सबक लेते हुए आयोग ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।1
- क्या बोली राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष1
- गाजियाबाद में तीन नाबालिग बच्चियों की आत्महत्या की दर्दनाक घटना के बाद राज्य महिला आयोग सख्त हो गया है। आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान ने इस घटना को पूरे समाज के लिए चेतावनी बताया है। महिला आयोग ने ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल से दिए जा रहे होमवर्क पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग का कहना है कि बच्चों के हाथ में मोबाइल उनकी मानसिक सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। स्कूलों को नोटिस भेजने की तैयारी है और मोबाइल आधारित पढ़ाई पर रोक लगाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई मजबूरी थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। डिजिटल दबाव, ऑनलाइन कंटेंट और मोबाइल की लत बच्चों को तनाव और अवसाद की ओर धकेल रही है। महिला आयोग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। आयोग ने साफ किया कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना स्कूल और माता-पिता — दोनों की साझा जिम्मेदारी है।1