रायगढ़: घर में घुसकर नाबालिग से छेड़खानी, दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़। जिले में नाबालिग बालिका से छेड़खानी का गंभीर मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला रायगढ़ का है। महिला थाना में 14 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि 13 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे गांव के दो युवक घर के पीछे से मकान में घुस आए और कमरे में सो रही उनकी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने लगे। बालिका के शोर मचाने पर परिजन जाग गए और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख दोनों आरोपी वहां से छिपते हुए भाग निकले। पड़ोसियों ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे जंगल की ओर फरार हो गए। गंभीर धाराओं में मामला दर्ज पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा POCSO Act के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस टीम की सक्रियता से दोनों आरोपियों को जल्द ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं: रोहन उरांव (20 वर्ष) पवन कुमार मिंज (25 वर्ष) दोनों आरोपी उर्दना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
रायगढ़: घर में घुसकर नाबालिग से छेड़खानी, दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़। जिले में नाबालिग बालिका से छेड़खानी का गंभीर मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला रायगढ़ का है। महिला थाना में 14 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि 13 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे गांव के दो युवक घर के पीछे से मकान में घुस आए और कमरे में सो रही उनकी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने लगे। बालिका के शोर मचाने पर परिजन जाग गए और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख दोनों आरोपी वहां से छिपते हुए भाग निकले। पड़ोसियों ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे जंगल की ओर फरार हो गए। गंभीर धाराओं में मामला दर्ज पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा POCSO Act के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस टीम की सक्रियता से दोनों आरोपियों को जल्द ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं: रोहन उरांव (20 वर्ष) पवन कुमार मिंज (25 वर्ष) दोनों आरोपी उर्दना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
- तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले ग्राम पंचायत के उपसरपंच और पंचों द्वारा इस मामले में दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी और इस संबंध में एसडीएम तथा तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। लेकिन इसके बाद जब दस्तावेज सामने आए, तो पता चला कि उसी एनओसी दस्तावेज पर सरपंच, उपसरपंच और कुछ पंचों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। जब इस विषय पर पत्रकारों ने सरपंच से सवाल किया, तो सरपंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बाउंड्री वॉल अवैध है तो उसे तोड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ पंचों द्वारा इस पूरे मामले में लिखित रूप से विरोध भी दर्ज कराया गया है। पंचों का कहना है कि इस विषय में शासन-प्रशासन को सही तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक ओर एनओसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं और दूसरी ओर उसी विषय में विरोध का लिखित आवेदन भी दिया गया है, तो आखिर शासन-प्रशासन किसे मान्य मानेगा? क्या एनओसी के हस्ताक्षर को वैध माना जाएगा, या फिर विरोध में दिए गए आवेदन को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और विवादित बाउंड्री वॉल के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है। संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़1
- पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में चल रही जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। और बड़े खुलासों की संभावनाए सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल एक कर्मचारी की करतूत तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस धोखाधड़ी में बैंक के अन्य कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी। जांच आगे बढ़ने के साथ इस बैंक घोटाले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।5
- लोकेशन. बलौदाबाजार रिपोर्टर. प्रदीप माहेश्वरी स्लग...गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन एंकर, गंगेश्वर मारवाड़ी मंदिर में आज 56 भोग का आयोजन किया गया भगवान श्री कृष्ण जी की सुबह पूजा अर्चना की गई सुबह दूध अभिषेक, तथा विधि विधान से पूजा की गई उसके बाद भक्तों के द्वारा 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया.. ऐसी मान्यता है कि मथुरा में भगवान इंद्र के द्वारा वज्रपात प्राप्त किया गया था.. लगातार सात दिन तक बारिश हो रही थी तब भगवान श्री कृष्णा गोवर्धन पर्वत को अपनी चींटी उंगली में 7 दिन तक उठ कर रखे थे.. भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की सुरक्षा की थी.. बृजवासियों ने भगवान श्री कृष्ण को प्रतिदिन आठ प्रकार के व्यंजन से उन्हें भोग लगाया करते थे... तभी से मान्यता चली आ रही है भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाता है भोग लगाने के बाद भक्तों के द्वारा भक्तिमय भजन संगीत का का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी ने भजन में भाग लिया.. उसके बाद महा आरती की गई.. भगवान श्री कृष्ण का भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया.. I बाइट..सोमा भट्टर अध्यक्ष महिला माहेश्वरी समाज बलोदाबाजार4
- Post by गोविंद राम 92947315371
- Post by पत्रकार1
- मुंगेली कलेक्टोरेट में कलेक्टर कुंदन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत पंजीयन कराने, बोर और कुओं को सुरक्षित ढकने, अवैध शराब और नारकोटिक्स दवाइयों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।1
- राजधानी रायपुर के तेलीबांधा एक्सप्रेसवे से लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई है। एक्सप्रेसवे का जर्जर मलवा अचानक नीचे गिर गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर लोगों की जान से खिलवाड़ और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- बिलासपुर। Bilaspur जिले के कोटा क्षेत्र स्थित Dr. C. V. Raman University से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाला बी-फार्मा का छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। छात्र के कई दिनों से गायब रहने के बावजूद परिजनों को समय पर सूचना नहीं दिए जाने से यूनिवर्सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार बिहार निवासी अमरेंद्र कुमार का बेटा रोहित कुमार पिछले दो वर्षों से Dr. C. V. Raman University में बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था और यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर अध्ययन कर रहा था। परिजनों के मुताबिक 6 मार्च से रोहित कुमार अचानक हॉस्टल परिसर से लापता है। हैरानी की बात यह है कि छात्र के कई दिनों तक गायब रहने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इसकी सूचना परिजनों को समय रहते नहीं दी। जब छात्र के पिता अमरेंद्र कुमार बिहार से Bilaspur पहुंचे और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बेटे के बारे में जानकारी लेने तथा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो वहां विवाद की स्थिति बन गई। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी भी की गई, जिससे वे काफी आहत हैं। अपने बेटे के अचानक लापता होने से चिंतित पिता अब न्याय और मदद की गुहार लगा रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने Chhattisgarh Police के अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द से जल्द बेटे को खोजने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर परिजन बेहद परेशान और चिंतित हैं। वहीं यूनिवर्सिटी परिसर से छात्र के लापता होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और लापता छात्र का सुराग कब तक मिल पाता है।1