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श्रावस्ती जिले की मलिपुर खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले शंकरपुरा मधेपुर गांव में, जिसका पोस्ट पटना है, रोहित प्रधान द्वारा विकास कार्य के तहत सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
Manoj Kumar
श्रावस्ती जिले की मलिपुर खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले शंकरपुरा मधेपुर गांव में, जिसका पोस्ट पटना है, रोहित प्रधान द्वारा विकास कार्य के तहत सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
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- राजधानी लखनऊ के थाना इटौंजा क्षेत्र में एक शव मिलने की सूचना मिली है। इस घटना को लेकर पुलिस उपायुक्त उत्तरी, गोपाल कृष्ण चौधरी द्वारा एक बाइट दी गई है, जिसमें उन्होंने संबंधित जानकारी साझा की है।1
- बहराइच जिले के हरदी थाना पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने बताया कि वंशपुरवा ग्राम पंचायत के गंधीला गांव निवासी वाहिद पुत्र हादिल के विरुद्ध नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम इस मामले की विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। मंगलवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इंडियन पेट्रोल पंप के पास स्थित बगिया में छिपा है। इस सूचना पर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार कनौजिया, पुजारी प्रसाद और कांस्टेबल श्रवण कुमार की एक टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी वाहिद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी वाहिद को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।2
- जनपद बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है। इस अभियान के दौरान एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया गया है। क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा श्री प्रद्युम्न सिंह ने इस बरामदगी और गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी।1
- ज्येष्ठ माह के पांचवें बड़े मंगलवार के अवसर पर नानपारा नगर में लगभग एक दर्जन स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विश्वनाथ मंदिर के प्रांगण में समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने भंडारे की व्यवस्था की, जिसमें अमित पाण्डेय और दिलीप जायसवाल का सराहनीय सहयोग रहा। सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर में पुरोहित संतोष पाण्डेय ने डॉ. रीतेश श्रीवास्तव, श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव, नमन और शब्दिता के साथ हनुमान जी का पूजन और आरती संपन्न कराई, जिसके बाद भंडारे का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सचिव डॉ. वीरांगना कान्त, गीता श्रीवास्तव, शिप्रा श्रीवास्तव, पूनम मिश्रा, राम गोपाल मिश्रा और आशीष ओझा ने सहयोग प्रदान किया। इसी क्रम में, नई तहसील नानपारा के गेट पर तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के सौजन्य से भंडारे का आयोजन हुआ। इंडियन बैंक के गेट पर शाखा प्रबंधक अमित वर्मा ने, गोयल तिराहे पर डॉ. राम अवतार गोयल ने, तथा पुराने बस स्टैंड स्थित अपने प्रतिष्ठान पर दिलीप जायसवाल ने भी भंडारे आयोजित किए। धनीराम गली में सर्राफा व्यापारियों के सौजन्य से, रुपईडीहा बस स्टैंड पर अनिल कैटरर द्वारा, और सिंचाई कॉलोनी के निकट अपने प्रतिष्ठान पर भुवन शाह द्वारा भी भंडारे का आयोजन किया गया।2
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकासखंड अंतर्गत संग्रामगंज ग्राम के सरगैया मोहल्ले से स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सफाई की घोर कमी और सूख रहे वृक्षों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यहाँ कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आता, जिसके चलते आम और महुआ के पेड़ सहित कई पौधे सूख गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की नदी की भी सफाई नहीं हो रही है और पानी के निकास के लिए भी कोई उचित जगह नहीं है। इस अनदेखी के कारण पेड़-पौधे लगातार सूख रहे हैं। लोगों ने विकासखंड से इस गंभीर स्थिति पर ध्यान देने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।1
- श्रावस्ती जिले की मलिपुर खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले शंकरपुरा मधेपुर गांव में, जिसका पोस्ट पटना है, रोहित प्रधान द्वारा विकास कार्य के तहत सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।1
- श्रावस्ती जिले में एक महत्वपूर्ण रास्ते पर भारी जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में गंभीर बाधा का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग एक मंदिर और एक कुएँ तक पहुँचने का प्रमुख रास्ता है, और साथ ही यह मालिक राम के घर का भी मार्ग है। इस क्षेत्र को “रोहित प्रधान विकास” कहा जाता है, जहाँ जलभराव की स्थिति अत्यंत विकट है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई है। निवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या उन्हें इसी तरह की जलमग्न परिस्थितियों से होकर गुज़रना पड़ेगा, और यह भी पूछा जा रहा है कि कितने अन्य गाँवों में भी लोग ऐसे ही रास्तों से जूझने को मजबूर हैं।3