रायबरेली के गदागंज क्षेत्र के मिश्रा पुर धूता के पास खेतों में खून से लथपथ और दर्द से कराहती एक गौ माता की तस्वीर सामने आई है, जिसने देखने वालों का मन विचलित कर दिया और आँखें भर आईं। यह हृदयविदारक दृश्य गौ माता की जमीनी हकीकत को चीख-चीख कर बयां कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एक तरफ सरकार और शासन-प्रशासन गौ माता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गौ रक्षक सेवा दल, साधु-संतों और मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा लगातार यह मांग की जा रही है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए। इस दर्दनाक तस्वीर ने सभी दावों की पोल खोल दी है और जिम्मेदारों की कहानी को उजागर कर रही है। इस संबंध में पशु चिकित्सक कुलदीप द्विवेदी से बात करने पर उन्होंने घायल गौ माता को देखवाने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही होती है, जबकि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग भी लगातार तेज होती जा रही है।
रायबरेली के गदागंज क्षेत्र के मिश्रा पुर धूता के पास खेतों में खून से लथपथ और दर्द से कराहती एक गौ माता की तस्वीर सामने आई है, जिसने देखने वालों का मन विचलित कर दिया और आँखें भर आईं। यह हृदयविदारक दृश्य गौ माता की जमीनी हकीकत को चीख-चीख कर बयां कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एक तरफ सरकार और शासन-प्रशासन गौ माता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गौ रक्षक सेवा दल, साधु-संतों और मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा लगातार यह मांग की जा रही है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए। इस दर्दनाक तस्वीर ने सभी दावों की पोल खोल दी है और जिम्मेदारों की कहानी को उजागर कर रही है। इस संबंध में पशु चिकित्सक कुलदीप द्विवेदी से बात करने पर उन्होंने घायल गौ माता को देखवाने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही होती है, जबकि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग भी लगातार तेज होती जा रही है।
- रायबरेली के गदागंज क्षेत्र के मिश्रा पुर धूता के पास खेतों में खून से लथपथ और दर्द से कराहती एक गौ माता की तस्वीर सामने आई है, जिसने देखने वालों का मन विचलित कर दिया और आँखें भर आईं। यह हृदयविदारक दृश्य गौ माता की जमीनी हकीकत को चीख-चीख कर बयां कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एक तरफ सरकार और शासन-प्रशासन गौ माता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गौ रक्षक सेवा दल, साधु-संतों और मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा लगातार यह मांग की जा रही है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए। इस दर्दनाक तस्वीर ने सभी दावों की पोल खोल दी है और जिम्मेदारों की कहानी को उजागर कर रही है। इस संबंध में पशु चिकित्सक कुलदीप द्विवेदी से बात करने पर उन्होंने घायल गौ माता को देखवाने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही होती है, जबकि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग भी लगातार तेज होती जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सराय अकिल थाना क्षेत्र के खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में शुक्रवार की रात अज्ञात हमलावरों ने 45 वर्षीय मनीता देवी की बेरहमी से हत्या कर दी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मनीता देवी का शव गांव पहुँचते ही पूरे इलाके में गहरा मातम पसर गया। मिली जानकारी के अनुसार, मनीता देवी शुक्रवार रात करीब 8 बजे अपने पति दशरथ लाल को पशुबाड़े में खाना देने के लिए घर से निकली थीं। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और इसी दौरान एक बांस की कोठी के पास उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। शनिवार को जब मृतका का शव उनके पैतृक घर लाया गया, तो वहाँ का नज़ारा बेहद हृदयविदारक था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, और मां के शव को देखकर बेटियाँ चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ीं तथा बेसुध हो गईं। घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए थे, और हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) चायल, फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, और मामले के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।1
- मूल पोस्ट में तीखे शब्दों में कहा गया है कि देश को लूटने वाले डकैत अपना काम करके भाग निकले हैं, जबकि देश का 'चौकीदार' इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोता रहा। यह टिप्पणी इस बात पर जोर देती है कि देश में हुई कथित लूटपाट और गंभीर क्षति के समय चौकीदार पूरी तरह से निष्क्रिय रहा।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद के सिराथू ब्लॉक अंतर्गत पल्टीपुर अंदावाँ गांव में बीती रात आए तेज़ आंधी-तूफान ने एक गरीब परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। गुंजा सोनकर के परिवार की झोपड़ी पूरी तरह से धराशायी हो गई है, जिससे घर में रखा राशन, कपड़े और अन्य ज़रूरी सामान मलबे में दब गए। एक मासूम बेटी ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है, “डीएम साहब, हमारी झोपड़ी टूट गई... हमें नया घर दिलवा दीजिए।” इस घटना के बाद से परिवार के घर का चूल्हा शुक्रवार सुबह से नहीं जला है, और मासूम बच्चे इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने तथा भूखे पेट दिन बिताने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार द्वारा हर गरीब को पक्का मकान देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह पीड़ित परिवार आज भी सुरक्षित छत की आस में है। जिलाधिकारी कौशाम्बी से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे इस पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराएं और सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाकर उनके सिर पर छत का इंतज़ाम करें। इस पीड़ित परिवार की आवाज़ प्रशासन तक पहुंचाने के लिए पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में देदार का पुरवा, मजरा सिमराटा (पोस्ट जाम धाटा) में सड़क पर पानी भरा हुआ है। इस स्थिति के बावजूद, कुछ लोग खुलेआम यह धमकी दे रहे हैं कि वे जबरदस्ती पानी बहाएंगे और उसे रास्ते में ही भरेंगे। उनका कहना है कि अगर किसी में रोकने का दम है, तो रोक कर दिखाए। यह चेतावनी केवल एक नहीं, बल्कि दो घरों से दी जा रही है, जो यही बात दोहरा रहे हैं कि वे जबरन पानी बहाएंगे।3
- कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र में लोहंदा मोड़ के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक अज्ञात ट्रक ने एम्बुलेंस में टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एम्बुलेंस के चालक सलमान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि घायल ड्राइवर सलमान फतेहपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र का निवासी है और घटना के समय वह एम्बुलेंस लेकर प्रयागराज से फतेहपुर की ओर जा रहा था।1
- कौशांबी जिले के थाना कोखराज में तैनात दरोगा आनंद स्वरूप प्रजापति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि दरोगा ने एक मुकदमे में दबाव बनाकर समझौता कराने की कोशिश की है, और इसके साथ ही, आरोपियों को बचाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, पीड़ित परिवार ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उन्हें या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दरोगा की होगी। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में लगातार चर्चाएं तेज़ हैं, और ग्रामीण समुदाय निष्पक्ष जांच की पुरज़ोर मांग कर रहा है।1
- प्रयागराज में एक चौराहे पर बीच सड़क गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इस फायरिंग के बाद, स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।1