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दमोह जिले में सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें जिला कलेक्टर श्री यादव ने कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान, कलेक्टर ने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सड़क पर रोड मार्किंग, चेतावनी संकेतों की स्थापना और सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवश्य पूरा करें।
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दमोह जिले में सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें जिला कलेक्टर श्री यादव ने कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान, कलेक्टर ने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सड़क पर रोड मार्किंग, चेतावनी संकेतों की स्थापना और सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवश्य पूरा करें।
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- शुक्रवार दोपहर जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र स्थित कछपुरा ओवर ब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार मेट्रो बस ने स्कूटी पर सवार महिलाओं को टक्कर मार दी, जिसमें संजय नगर, यादव कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय कविता पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका मेडिकल अस्पताल में इलाज जारी है।1
- कटनी जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आक्रोश चरम पर पहुँच गया है, जिसके चलते शुक्रवार को मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरप्रीत लक्की सिंह के नेतृत्व में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, कटनी ने अधीक्षक भू अभिलेख अधिकारी को कलेक्टर आशीष तिवारी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 20 दिनों के भीतर उनकी लंबित और जायज मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के 32 हजार संविदा कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ज्ञापन सौंपते हुए संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत 32 हजार संविदा कर्मचारी मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में रात-दिन निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इन्हीं कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के कारण मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत किया गया है, बावजूद इसके सरकार द्वारा लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी शासन स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रदेश भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को दशहरा मैदान (टी.टी. नगर) में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में की गई घोषणा के अनुसार तत्काल नियमितीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे सामान्य प्रशासन विभाग की 2023 की नीति के तहत एन.पी.एस. (NPS) और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वार्षिक वेतनवृद्धि, नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता (DA), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के वेतन में पी.बी.आई. (PBI) का समायोजन और पूर्व की तरह इंडिकेटर लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने शासन द्वारा किए गए समकक्षता (वेतन विसंगति) के गलत निर्धारण पर तुरंत पुनर्विचार कर संशोधन करने और नियमित कर्मचारियों की तरह सभी अवकाश स्वीकृत करने की भी मांग की है। साथ ही, जब तक 'समान कार्य-समान वेतन' और समान सुविधाएँ नहीं मिल जातीं, तब तक 'सार्थक ऐप' के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था बंद करने की अपील की गई है। कर्मचारियों ने बताया कि 02 जून से वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और इस दिन से जिले के सभी कर्मचारी विभाग द्वारा दिए गए सभी प्रकार के ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार करेंगे। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार के उदासीन रवैये के कारण वे आंदोलन के लिए विवश हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 2 जून से स्वास्थ्य सुविधाएँ ठप होती हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।1
- कुछ लोग विवाद और लड़ाई को प्राथमिकता देते हैं, जबकि सभी समस्याओं का समाधान बैठकर बातचीत के माध्यम से भी संभव है। आपसी संवाद के द्वारा हर प्रकार की समस्या का निराकरण किया जा सकता है।1
- कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।4
- कटनी नगर के निमिहा क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी से संबंधित है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 मई को जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुँचे, जहाँ वे माता वैष्णों देवी के दर्शन करने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और अन्य सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इस अध्ययन के लिए उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, और इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कई अन्य प्रतिनिधिमंडल भी भेजे हैं। कटरा पहुँचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को बताया कि उनका यहाँ आने का उद्देश्य महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा माँ वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता प्राप्त भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य लक्ष्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के कुशल प्रबंधन, जनसुविधाओं की उपलब्धता और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल विकसित करने की समझ प्राप्त करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उनकी टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थाओं और प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन और अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे देवी माँ के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और उन्हें जानकारी दी गई है कि यहाँ मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज और अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएँ भी संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यहाँ श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु सुव्यवस्थित और सुनियोजित व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें सहज, सुगम और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव प्राप्त होता है।1
- दमोह जिले में सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें जिला कलेक्टर श्री यादव ने कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान, कलेक्टर ने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सड़क पर रोड मार्किंग, चेतावनी संकेतों की स्थापना और सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवश्य पूरा करें।1
- पन्ना जिले में रास्तों से जुड़े विवादों के निराकरण के लिए शासन को कड़े नियम लागू करने की मांग की गई है। यह कहा गया है कि जब शासन द्वारा सख्त नियम लागू किए जाएंगे, तभी प्रशासन इन रास्तों के विवादों को सफलतापूर्वक सुलझा पाएगा। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति के बीच लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज जैसी अप्रिय स्थितियाँ सामने न आएँ।1
- कटनी जनपद की ग्राम पंचायत पौंसरा इस समय गंभीर विवादों में घिरी हुई है। गांव के सरपंच अनिरुद्ध पांडे पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने, सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने और प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर निजी हित साधने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें अत्यधिक आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि जमोड़ी टोला में लगभग 50 वर्ष पुरानी शासकीय सीसी सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर बड़े वाहनों की आवाजाही थम गई है। उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग जमोड़ी टोला से बाम चौरा तक आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, और इसके बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। विवाद यहीं तक सीमित नहीं है; ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के लिए सुरक्षित की गई लगभग 7 डिसमिल शासकीय भूमि पर भी पक्का निर्माण करा लिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस मामले में सुरेश कुमार, आनंद, नंदनी, प्रेमलाल, नीरज, उमेश कोरी, राजेश, संजय कोल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि बंद किए गए शासकीय मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए, स्कूल की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1