जोधपुर में मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान द्वारा आयोजित “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” समारोह में कला, संस्कृति और संगीत साधकों के चेहरे खिल उठे। होटल चंद्रा में भव्य वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा, न्याय, संगीत, साहित्य, लोककला एवं संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही। यह तीसरी बार था जब संस्थान ने कार्यक्रम आयोजित कर अब तक कुल 33 कलाकारों को सम्मानित किया है। इस समारोह की अध्यक्षता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति पवन कुमार शर्मा ने की, जबकि हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास मुख्य अतिथि रहे। पद्मश्री अनवर खान और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कविता चक्रवर्ती ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद प्रमुख हस्तियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। बाल कलाकारों तृष्णा महापात्रा और मनस्वी चौधरी ने गणेश वंदना एवं शिव स्तुति की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. स्वाति शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की गतिविधियों और तीन वर्षों में कला व संस्कृति के प्रति समर्पण के कार्यों व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, साथ ही भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। प्रख्यात गजल गायक डॉ. रौशन भारती ने अपनी मधुर गजलों से कार्यक्रम का शानदार आगाज किया, जिसकी श्रोताओं ने खूब सराहना की। इस अवसर पर कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विशिष्ट हस्तियों को “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित विभूतियों में स्वर्गीय सज्जन पुरोहित (मरणोपरांत), पद्मश्री लाखा खान, भूरा राम शर्मा, डॉ. अनुराधा आडवाणी, विदुषी पुलमा दास जोशी, उस्ताद साबिर हुसैन खान, उस्ताद नियाज अहमद खान, डॉ. रौशन भारती, डॉ. मंजूषा चंद्र भूषण सक्सेना, लक्ष्य पाल सिंह राठौड़ और अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सेनू सपेरा शामिल थे। सेनू सपेरा के पेरिस में होने के कारण उनकी बड़ी बहन एवं अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार अलची सपेरा ने सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित विभूतियों के योगदान पर प्रकाश डाला गया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलगुरु डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों का संरक्षण भी है, और मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। मुख्य अतिथि जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने समाज की आत्मा को उसकी संस्कृति और कला में निहित बताया, और ऐसे आयोजनों की निरंतरता को आवश्यक बताया, साथ ही दिवंगत कलाकारों को भी मान-सम्मान देने की सराहना की। राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष पद्मश्री अनवर खान ने लोककला को हमारी पहचान और विरासत बताते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। विशिष्ट अतिथि कविता चक्रवर्ती ने राजस्थान को कला और संगीत की साधना भूमि बताते हुए संस्थान के प्रयास को अत्यंत सराहनीय कहा। आयोजन समिति में डिम्पल गौड़, सुरभि शर्मा, डॉ. अर्चना गौड़, सुनंदा पुरोहित, अनीता टाक, रश्मि शर्मा, बिंदु श्रीवास्तव, देवयानी पंवार, स्वाति दीपक शर्मा और ज्योति भटनागर ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। समारोह के अंत में संस्थान की सचिव सुमन परिहार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डिंपल माहेश्वरी ने गरिमामय वातावरण में किया, जिसमें कला, संस्कृति और संगीत के प्रति सम्मान एवं समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कला और संस्कृति से जुड़े संस्थानों के पदाधिकारियों, प्रमुख समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
जोधपुर में मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान द्वारा आयोजित “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” समारोह में कला, संस्कृति और संगीत साधकों के चेहरे खिल उठे। होटल चंद्रा में भव्य वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा, न्याय, संगीत, साहित्य, लोककला एवं संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही। यह तीसरी बार था जब संस्थान ने कार्यक्रम आयोजित कर अब तक कुल 33 कलाकारों को सम्मानित किया है। इस समारोह की अध्यक्षता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति पवन कुमार शर्मा ने की, जबकि हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास मुख्य अतिथि रहे। पद्मश्री अनवर खान और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कविता चक्रवर्ती ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद प्रमुख हस्तियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। बाल कलाकारों तृष्णा महापात्रा और मनस्वी चौधरी ने गणेश वंदना एवं शिव स्तुति की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. स्वाति शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की गतिविधियों और तीन वर्षों में कला व संस्कृति के प्रति समर्पण के कार्यों व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, साथ ही भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। प्रख्यात गजल गायक डॉ. रौशन भारती ने अपनी मधुर गजलों से कार्यक्रम का शानदार आगाज किया, जिसकी श्रोताओं ने खूब सराहना की। इस अवसर पर कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विशिष्ट हस्तियों को “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित विभूतियों में स्वर्गीय सज्जन पुरोहित (मरणोपरांत), पद्मश्री लाखा खान, भूरा राम शर्मा, डॉ. अनुराधा आडवाणी, विदुषी पुलमा दास जोशी, उस्ताद साबिर हुसैन खान, उस्ताद नियाज अहमद खान, डॉ. रौशन भारती, डॉ. मंजूषा चंद्र भूषण सक्सेना, लक्ष्य पाल सिंह राठौड़ और अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सेनू सपेरा शामिल थे। सेनू सपेरा के पेरिस में होने के कारण उनकी बड़ी बहन एवं अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार अलची सपेरा ने सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित विभूतियों के योगदान पर प्रकाश डाला गया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलगुरु डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों का संरक्षण भी है, और मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। मुख्य अतिथि जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने समाज की आत्मा को उसकी संस्कृति और कला में निहित बताया, और ऐसे आयोजनों की निरंतरता को आवश्यक बताया, साथ ही दिवंगत कलाकारों को भी मान-सम्मान देने की सराहना की। राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष पद्मश्री अनवर खान ने लोककला को हमारी पहचान और विरासत बताते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। विशिष्ट अतिथि कविता चक्रवर्ती ने राजस्थान को कला और संगीत की साधना भूमि बताते हुए संस्थान के प्रयास को अत्यंत सराहनीय कहा। आयोजन समिति में डिम्पल गौड़, सुरभि शर्मा, डॉ. अर्चना गौड़, सुनंदा पुरोहित, अनीता टाक, रश्मि शर्मा, बिंदु श्रीवास्तव, देवयानी पंवार, स्वाति दीपक शर्मा और ज्योति भटनागर ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। समारोह के अंत में संस्थान की सचिव सुमन परिहार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डिंपल माहेश्वरी ने गरिमामय वातावरण में किया, जिसमें कला, संस्कृति और संगीत के प्रति सम्मान एवं समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कला और संस्कृति से जुड़े संस्थानों के पदाधिकारियों, प्रमुख समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार, 22 जनवरी, 2026 को सुबह फ़िरोज़ाबाद जनपद के उसायनी स्थित जनसभा में आगमन हुआ। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के उद्घोषों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत "वंदे मातरम्", "भारत माता की जय", "पवनसुत हनुमान की जय", "यमुना मैया की जय" और "जय श्रीराम" जैसे जोशीले नारों के साथ की। इन जयघोषों पर हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने भी पूरे जोश के साथ समर्थन किया, जिससे जनसभा स्थल देशभक्ति और उत्साह के नारों से गूंज उठा। लोगों ने तालियों और जयघोष के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे जनता के खातों में पहुंच रहा है, जिससे बिचौलियों या बाबू के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि सहित अनेक योजनाओं से करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने नगर विधायक मनीष असीजा और विधायक प्रेमपाल धनगर की सराहना करते हुए कहा कि फ़िरोज़ाबाद में विकास कार्यों की गति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि जिले की सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलेगा तो आने वाले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं यहां लाई जाएंगी। उन्होंने फ़िरोज़ाबाद के कारीगरों की प्रतिभा और मेहनत की भी तारीफ की, जो विश्वभर में जिले की पहचान बना रहे हैं, और कहा कि प्रदेश सरकार उनके हितों में निरंतर कार्य कर रही है। एक अद्यतन जानकारी के अनुसार, 22 जून, 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹650 करोड़ से अधिक की कुल 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।1
- आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र में रविवार रात जमीन विवाद की पुरानी रंजिश एक खूनी संघर्ष में बदल गई, जब राजपुर चुंगी स्थित श्यामलाल मार्ग पर एक परचून दुकानदार गौरव राठौर को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। रात करीब 10 बजे गौरव अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी एक बाइक पर आए तीन युवकों में से एक दुकान के अंदर घुसा और तमंचा निकालकर उन पर फायर कर दिया। गोली लगने के बावजूद गौरव ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर का गमछा पकड़ लिया और उनकी बाइक रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने दोबारा फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। बदमाशों के भागते समय उनकी बाइक कई वाहनों से टकराई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई; लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। घायल गौरव को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। गौरव की बहन संगीता राठौर, जो पेशे से एक अधिवक्ता हैं, ने बताया कि दो स्थानीय युवकों ने भी हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने हथियार लहराकर उन्हें धमकाया और भाग निकले। संगीता राठौर ने आरोप लगाया है कि उनका कुछ लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, और पिछले डेढ़ वर्ष से इस संबंध में साक्ष्यों सहित शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन पुलिस स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र नागर ने बताया कि घायल का उपचार कराया जा रहा है और घटनास्थल तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- अलीगढ़ क्षेत्र के चंडोस ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) पर एएनएम, आशा सुपरवाइजर और आशा वर्कर की एक महत्वपूर्ण बैठक और प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम अधीक्षक डॉ. कुलदीप राजपुरी की देखरेख में संपन्न हुआ, जहाँ कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण सत्र में जीएसए विभाग से अरविंद राणा ने एचपीवी वैक्सीन के बारे में विस्तृत जानकारी दी, वहीं देवराज सिंह (बीपीएम), आयुष सुखबीर सिंह और सुशील कुमार ने एएनएम को वैक्सीन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। पीसीआई विभाग की ट्रेनर निगार बेगम और नरेंद्र कुमार ने 0-2 साल के बच्चों के टीकाकरण नियमों को जोड़ने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, बीसीपीएम श्याम बिहारी ने आशा सुपरवाइजरों को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विशेष सूचनाएँ दीं। बैठक में एएनएम विमलेश देवी, शैलिजोन नीम राय, पूनम पुष्पा, दुर्गेश राधा रंजन के साथ-साथ सुपरवाइजर निर्मला देवी, उषा देवी, भुवनेश भारती, पवित्र मनोरमा और अलका विमलेश भी उपस्थित रहीं। अंत में, पंकज बाबू ने सभी प्रतिभागियों को जेपीएल ग्रहण कराया।1
- आगरा जिले की किरावली तहसील के अछनेरा ब्लॉक स्थित व्यारा ग्राउंड में एक "खतरनाक टूर्नामेंट" की शुरुआत होने वाली है। इस आगामी टूर्नामेंट में कई टीमें भाग ले रही हैं, और आयोजकों ने सभी इच्छुक टीमों से जल्द से जल्द इसमें अपनी एंट्री कराने का आग्रह किया है।1
- अमित पांडे उत्तर प्रदेश के चंदौली से हैं। पोस्ट में उनके बारे में केवल इतनी ही जानकारी दी गई है।4
- वाराणसी के माडुवाड़ी शिवदासपुर स्थित इंद्रपुरी कॉलोनी में काशी की पहचान निशुल्क शिक्षा संस्था ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष आयोजन किया। संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष रूपा जायसवाल ने गरीब बच्चों को योग अभ्यास के बारे में जानकारी दी और उन्हें योगाभ्यास भी करवाया। यह संस्था गरीब बच्चों को निशुल्क सिलाई, कढ़ाई और पढ़ाई की सुविधा प्रदान करती है। योग गुरु शिक्षिका रूपा जायसवाल ने इस दौरान बच्चों को योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग से शरीर स्वस्थ रहता है और उसका विकास होता है। उन्होंने जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन योगाभ्यास करना चाहिए, जिससे शरीर स्वस्थ बना रहे।1
- जोधपुर में मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान द्वारा आयोजित “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” समारोह में कला, संस्कृति और संगीत साधकों के चेहरे खिल उठे। होटल चंद्रा में भव्य वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा, न्याय, संगीत, साहित्य, लोककला एवं संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही। यह तीसरी बार था जब संस्थान ने कार्यक्रम आयोजित कर अब तक कुल 33 कलाकारों को सम्मानित किया है। इस समारोह की अध्यक्षता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति पवन कुमार शर्मा ने की, जबकि हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास मुख्य अतिथि रहे। पद्मश्री अनवर खान और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कविता चक्रवर्ती ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद प्रमुख हस्तियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। बाल कलाकारों तृष्णा महापात्रा और मनस्वी चौधरी ने गणेश वंदना एवं शिव स्तुति की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. स्वाति शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की गतिविधियों और तीन वर्षों में कला व संस्कृति के प्रति समर्पण के कार्यों व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, साथ ही भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। प्रख्यात गजल गायक डॉ. रौशन भारती ने अपनी मधुर गजलों से कार्यक्रम का शानदार आगाज किया, जिसकी श्रोताओं ने खूब सराहना की। इस अवसर पर कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विशिष्ट हस्तियों को “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित विभूतियों में स्वर्गीय सज्जन पुरोहित (मरणोपरांत), पद्मश्री लाखा खान, भूरा राम शर्मा, डॉ. अनुराधा आडवाणी, विदुषी पुलमा दास जोशी, उस्ताद साबिर हुसैन खान, उस्ताद नियाज अहमद खान, डॉ. रौशन भारती, डॉ. मंजूषा चंद्र भूषण सक्सेना, लक्ष्य पाल सिंह राठौड़ और अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सेनू सपेरा शामिल थे। सेनू सपेरा के पेरिस में होने के कारण उनकी बड़ी बहन एवं अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार अलची सपेरा ने सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित विभूतियों के योगदान पर प्रकाश डाला गया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलगुरु डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों का संरक्षण भी है, और मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। मुख्य अतिथि जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने समाज की आत्मा को उसकी संस्कृति और कला में निहित बताया, और ऐसे आयोजनों की निरंतरता को आवश्यक बताया, साथ ही दिवंगत कलाकारों को भी मान-सम्मान देने की सराहना की। राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष पद्मश्री अनवर खान ने लोककला को हमारी पहचान और विरासत बताते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। विशिष्ट अतिथि कविता चक्रवर्ती ने राजस्थान को कला और संगीत की साधना भूमि बताते हुए संस्थान के प्रयास को अत्यंत सराहनीय कहा। आयोजन समिति में डिम्पल गौड़, सुरभि शर्मा, डॉ. अर्चना गौड़, सुनंदा पुरोहित, अनीता टाक, रश्मि शर्मा, बिंदु श्रीवास्तव, देवयानी पंवार, स्वाति दीपक शर्मा और ज्योति भटनागर ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। समारोह के अंत में संस्थान की सचिव सुमन परिहार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डिंपल माहेश्वरी ने गरिमामय वातावरण में किया, जिसमें कला, संस्कृति और संगीत के प्रति सम्मान एवं समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कला और संस्कृति से जुड़े संस्थानों के पदाधिकारियों, प्रमुख समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।1
- अलीगंज थाना क्षेत्र में एक निजी कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना सामने आई है।1