साईंखेड़ा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के विरोध में नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। जनपद कार्यालय के बाजू में नागरिकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। वीओ- नरसिंहपुर जिले में दादा धूनीवालों की नगरी साईंखेड़ा में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। रंजीत सिंह तोमर, प्रदेश सचिव मध्यप्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, पत्रकार एवं स्थानीय नागरिकों के नेतृत्व में 10 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने 2 करोड़ की लागत से बन रहे बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कलेक्टर की मौजूदगी में कॉलम खुदवाकर गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। साथ ही मुक्तिधाम, नव-निर्मित नगर परिषद भवन, तालाब और 2 करोड़ की लागत से बने नाले के निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। नगर के तालाब नरहरियानंद को NGT के आदेशानुसार संरक्षित करने, तहसील कार्यालय के सामने बनी सड़क की गुणवत्ता जांच, नगर परिषद की दुकानों के पारदर्शी आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच और कृषि उपज मंडी को मूल नक्शे के अनुसार विकसित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके अलावा नगर के एकमात्र खेल मैदान को सुरक्षित रखने, स्वच्छ भारत अभियान में खर्च राशि की सार्वजनिक जांच तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए फायर ब्रिगेड और अन्य वाहनों की जांच की मांग भी धरने में जोर पकड़ रही है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा— “आश्वासन नहीं, जांच चाहिए… भ्रष्टाचार पर कार्यवाही चाहिए।” आउट्रो अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या जनता को निष्पक्ष जांच मिल पाती है या नहीं। *बाइट – प्रदर्शनकारी / रंजीत सिंह तोमर* “हम सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि निष्पक्ष जांच और भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई चाहते हैं। जनता के पैसे की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
साईंखेड़ा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के विरोध में नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। जनपद कार्यालय के बाजू में नागरिकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। वीओ- नरसिंहपुर जिले में दादा धूनीवालों की नगरी साईंखेड़ा में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। रंजीत सिंह तोमर, प्रदेश सचिव मध्यप्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, पत्रकार एवं स्थानीय नागरिकों के नेतृत्व में 10 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने 2 करोड़ की लागत से बन रहे बस
स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कलेक्टर की मौजूदगी में कॉलम खुदवाकर गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। साथ ही मुक्तिधाम, नव-निर्मित नगर परिषद भवन, तालाब और 2 करोड़ की लागत से बने नाले के निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। नगर के तालाब नरहरियानंद को NGT के आदेशानुसार संरक्षित करने, तहसील कार्यालय के सामने बनी सड़क की गुणवत्ता जांच, नगर परिषद की दुकानों के पारदर्शी आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच और कृषि उपज मंडी को मूल नक्शे के अनुसार विकसित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके अलावा नगर के एकमात्र खेल मैदान को सुरक्षित रखने, स्वच्छ
भारत अभियान में खर्च राशि की सार्वजनिक जांच तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए फायर ब्रिगेड और अन्य वाहनों की जांच की मांग भी धरने में जोर पकड़ रही है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा— “आश्वासन नहीं, जांच चाहिए… भ्रष्टाचार पर कार्यवाही चाहिए।” आउट्रो अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या जनता को निष्पक्ष जांच मिल पाती है या नहीं। *बाइट – प्रदर्शनकारी / रंजीत सिंह तोमर* “हम सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि निष्पक्ष जांच और भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई चाहते हैं। जनता के पैसे की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
- *आज दिन गुरुवार को विशेष मुंडन मुहूर्त पर प्रशासनिक व्यवस्था के बीच 57000 से अधिक दर्शनार्थियों ने सुगमता से मां शारदा के दर्शन प्राप्त किए*1
- खौफनाक ! सतना में एक कुत्ते ने 40 लोगों को काट डाला, अस्पताल में मची चीख-पुकार मध्य प्रदेश के सतना शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पहले इंदौर के महू में एक कुत्ते ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। वहीं, अब बुधवार को सतना में एक ही कुत्ते ने करीब 40 लोगों को काट लिया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है, जहां मरीजों की भारी भीड़ के कारण इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप की स्थिति बनी रही। घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं। एंटी-रैबीज टीके लगाए जा रहे सतना जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. शरद दुबे ने बताया कि एक कुत्ते ने शहर के गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच लगभग 40 लोगों को काटा और सभी घायलों का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है। कुत्ते से जान बचाकर भागे सुंदरलाल ने सुनाई आपबीती इस घटना में घायल सुंदरलाल साकेत नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि वह अस्पताल चौक के पास चाय लेने आया हुआ था कि इसी दौरान एक भूरे रंग के कुत्ते ने उन्हें काट लिया। उन्होंने बताया, "मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। मेरे बाद उसे कुत्ते ने लगातार करीब आठ-10 लोगों को मेरे सामने अपना शिकार बनाया।" लोगों में दहशत, घर के अंदर ही छिपे चश्मदीदों के मुताबिक, कुत्ता इतना आक्रामक था कि वह लोगों के पैरों और हाथों को बुरी तरह नोंच रहा था। इस घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई। लोग जरूरी काम होने के बावजूद भी घरों से नहीं निकले।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- Rewa Sivil Laine Chetra ke pass sharab ke nshe me ak vekti thela me tod fod kar rha tha achanak tela calak dande se mar ke sir fhod diya1
- कच्चे मकान की दीवार गिरी, आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र के कुम्हारी गांव में बड़ा हादसा हो गया। एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिरने से आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी घायल एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।2
- सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियाँ 💯 लापरवाही या हत्या जिम्मेदार कौन? 8 वर्ष के मासूम की जान 📍1
- Post by Neeraj Ravi1
- सतना-जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलता एक वीडियो सामने आया है। जिसमें मरीज को खस्ताहाल व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ रहा है जिसका एक चका टूटा हुआ हुआ है1