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सागरथ पंचायत के युवा सोमनाथ ने प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है।
इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
सागरथ पंचायत के युवा सोमनाथ ने प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है।
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- कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड अंतर्गत कोलासी पुलिस शिविर क्षेत्र के मथुरा गांव में एक दुकान के सामने कैरेट में पाँच बम बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मोहर्रम पर्व से महज दो दिन पहले हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी की और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। मधुरा पंचायत स्थित एक दुकान के सामने रखे कैरेट में संदिग्ध बम होने की सूचना मिलने के बाद कोलासी शिविर प्रभारी सरवन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के लोगों को दूर हटाया और बम को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की। वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर बामनिरोधक दस्ता दल को बुलाया गया, जिसने बम को सुरक्षित स्थान ले जाकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी द्वितीय सुनील शर्मा ने बताया कि कोलासी पुलिस को मधुरा पंचायत में गुप्त सूचना मिली थी कि विष्णु यादव के कमला जनरल स्टोर के सामने ठंडा के कैरेट से पाँच सुतली बम बरामद किए गए हैं। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक टीम बुलाकर बम को डिस्पोज किया गया है, तथा अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।4
- सागरथ पंचायत के युवा सोमनाथ ने प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है।1
- हावड़ा पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में एक युवक बेहोशी की हालत में मिला है, जिसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उसे तुरंत पूर्णिया रेफर किया गया है। यह घटना रेल पुलिस के लिए एक रहस्य बन गई है, क्योंकि अभी तक युवक की बेहोशी का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। घायल युवक वैशाली का रहने वाला बताया जा रहा है।1
- बीएससी परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस वर्ष कई विद्यार्थियों ने 70 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की है। सफल छात्र-छात्राओं ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। परीक्षा परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा, जहाँ अनेक छात्राओं ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपने परिवार, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। यह भी बताया गया है कि देशभर में विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों में भी छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर देखने को मिला है। सफल विद्यार्थियों ने इस अवसर पर बताया कि नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भी इन विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- एक ओर जहां देश डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है, वहीं हसनगंज के कोला गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। पूरा गांव आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर है, जिसके कारण यहां के बच्चों को अपनी पढ़ाई 'डिग्री' के सहारे करनी पड़ रही है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार की सड़कों की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि सड़कों का हाल देखकर यही लगता है कि 'हमारा बिहार कभी नहीं बदलने वाला' है।1
- कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड अंतर्गत मखदमपुर पंचायत के नंदग्राम जलही गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राजेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद के चलते विपक्षी पक्ष द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पूर्व में थाने में भी की थी। इस घटना के बाद राजेश कुमार सिंह का परिवार भय और दहशत के माहौल में जी रहा है। राजेश कुमार सिंह के अनुसार, उनका और गांव के ही अनिल मंडल के बीच कई वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस संबंध में पहले भी कई बार झड़पें हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत थाना से लेकर जनता दरबार तक की गई थी, जहां सुनवाई के बाद फैसला उनके पक्ष में आया था, फिर भी विवाद समाप्त नहीं हुआ और विपक्षी लगातार दबाव बना रहे थे। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बीती रात अनिल मंडल, सुनील मंडल, विपिन मंडल, सिंटू मंडल सहित लगभग दस लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर में जबरन घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान घर में संचालित दुकान से करीब ₹40,000 नकद भी लूट लिए गए। राजेश सिंह ने आगे बताया कि जब उनकी पत्नी ने विरोध किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। हमलावरों ने उनकी पत्नी को जबरन खींचकर ले जाने का प्रयास किया और परिवार को धमकी दी कि वे अपनी लगभग 15 वर्षीय बेटी की शादी उनके बेटे से करा दें, अन्यथा उन्हें इसी तरह परेशान किया जाता रहेगा। साथ ही, उन पर जमीन खाली करने का भी दबाव बनाया गया। राजेश का कहना है कि उनके पास विवादित भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और उनकी पत्नी विगत 20 वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जमीन पर घर के साथ किराने की दुकान चलाकर अपनी जीविका चलाती हैं, जबकि राजेश मजदूरी करते हैं। इस घटना की सूचना मिलने के बाद यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि विवाद के मामलों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई न होने से अक्सर तनाव बढ़ता है और छोटी-छोटी कहासुनी गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने परिवार को जान-माल की क्षति पहुंचने की भी आशंका जताई है। फिलहाल, मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी मिलने पर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- कटिहार में मुहर्रम के आयोजन से पहले ही वर्षों से चले आ रहे अखाड़े के पारंपरिक रूट में बदलाव को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इसी नाराजगी के चलते कई खलीफाओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव ने भी अपना पद छोड़ दिया है। बताया गया है कि मुहर्रम कमेटी के सचिव और कई खलीफा अखाड़ा के रूट में किए गए इस बदलाव से नाखुश थे। कटिहार नगर निगम के रामपाड़ा मोहल्ले में हुई एक बैठक के दौरान, रामपाड़ा बड़ी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 फकरुद्दीन और मो0 अंसार, बेगना हाजीटोला के खलीफा शेख मंजर, रामपाड़ा छोटी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 मुमताज, मोमिन टोला रामपाड़ा के खलीफा मो0 गोल्डन और झरनी के खलीफा नूर मोहम्मद ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इन सभी खलीफाओं ने आरोप लगाया कि चौधरी मोहल्ले में हुई पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि जिला प्रशासन की राय जानने के बाद सभी खलीफाओं के साथ बैठकर अखाड़ा के रूट पर विचार किया जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और अचानक जिला प्रशासन द्वारा अखाड़ा का रूट बदल दिया गया, जिससे वे सहमत नहीं हैं। इस्तीफा देने वाले खलीफाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस नए रूट के कारण मुहर्रम नहीं मनाएंगे। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव इजहार अली ने भी एक पत्र जारी करते हुए अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा देने वाले खलीफाओं की बातों से सहमत हैं और उन्होंने अपने निजी कार्यों में व्यस्तता का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद, मुहर्रम के अखाड़ा निकालने वाले कई मोहल्लों के लोग अब नाराज़ हैं और जिला प्रशासन से पुराने रूट को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।2