औरैया के ककोर स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया, उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने छत्रपति शाहूजी महाराज को आरक्षण का जनक बताया। उन्होंने कहा कि शाहूजी महाराज ने अपने कार्यकाल के दौरान दलितों और पिछड़ों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था लागू कर सामाजिक न्याय की एक मजबूत नींव रखी थी। जिलाध्यक्ष ने आगे बताया कि शाहूजी महाराज ने जाति व्यवस्था पर प्रहार करते हुए गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे समाज में समानता का संदेश फैला। गौतम ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज को केवल एक क्षत्रिय राजा के रूप में नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्ग के हितैषी राजा के रूप में याद किया जाता है। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में बाबा रामनरेश यादव, प्रमोद गुप्ता, पूर्व विधायक मदन सिंह गौतम, पूर्व विधायक रश्मि यादव, भगवती देवी निषाद, राज नारायण बघेल, नरसिंह यादव, श्याम बाबू यादव, अनवर सिंह यादव, नाथूराम शर्मा, मुकेश यादव उर्फ डकुरे, राम आसरे शर्मा, राम शंकर निषाद, हरिशंकर दिवाकर, बीपी यादव, राजन यादव, मनीष कठेरिया, राम रतन दोहरे सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
औरैया के ककोर स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया, उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने छत्रपति शाहूजी महाराज को आरक्षण का जनक बताया। उन्होंने कहा कि शाहूजी महाराज ने अपने कार्यकाल के दौरान दलितों और पिछड़ों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था लागू कर सामाजिक न्याय की एक मजबूत नींव रखी थी। जिलाध्यक्ष ने आगे बताया कि शाहूजी महाराज ने जाति व्यवस्था पर प्रहार करते हुए गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे समाज में समानता का संदेश फैला। गौतम ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज को केवल एक क्षत्रिय राजा के रूप में नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्ग के हितैषी राजा के रूप में याद किया जाता है। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में बाबा रामनरेश यादव, प्रमोद गुप्ता, पूर्व विधायक मदन सिंह गौतम, पूर्व विधायक रश्मि यादव, भगवती देवी निषाद, राज नारायण बघेल, नरसिंह यादव, श्याम बाबू यादव, अनवर सिंह यादव, नाथूराम शर्मा, मुकेश यादव उर्फ डकुरे, राम आसरे शर्मा, राम शंकर निषाद, हरिशंकर दिवाकर, बीपी यादव, राजन यादव, मनीष कठेरिया, राम रतन दोहरे सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- औरैया के ककोर स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया, उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने छत्रपति शाहूजी महाराज को आरक्षण का जनक बताया। उन्होंने कहा कि शाहूजी महाराज ने अपने कार्यकाल के दौरान दलितों और पिछड़ों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था लागू कर सामाजिक न्याय की एक मजबूत नींव रखी थी। जिलाध्यक्ष ने आगे बताया कि शाहूजी महाराज ने जाति व्यवस्था पर प्रहार करते हुए गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे समाज में समानता का संदेश फैला। गौतम ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज को केवल एक क्षत्रिय राजा के रूप में नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्ग के हितैषी राजा के रूप में याद किया जाता है। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में बाबा रामनरेश यादव, प्रमोद गुप्ता, पूर्व विधायक मदन सिंह गौतम, पूर्व विधायक रश्मि यादव, भगवती देवी निषाद, राज नारायण बघेल, नरसिंह यादव, श्याम बाबू यादव, अनवर सिंह यादव, नाथूराम शर्मा, मुकेश यादव उर्फ डकुरे, राम आसरे शर्मा, राम शंकर निषाद, हरिशंकर दिवाकर, बीपी यादव, राजन यादव, मनीष कठेरिया, राम रतन दोहरे सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मोहर्रम के दृष्टिगत, डीआईजी यमुना प्रसाद ने ताजिया जुलूस के पूरे रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया है। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील मोड़ों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- कस्बा रुरूगंज में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और शाहिदाने कर्बला की याद में यकीदत और एहतराम के साथ ताजिए निकाले गए। इस दौरान, जुलूस में बड़ी संख्या में हजरत हुसैन रजी अल्लाह ताला के दीवाने शामिल हुए, जिन्होंने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंतर्गत, मोहम्मद आमिर ने ढाल के साथ रुरूगंज में कमेटी को सम्मानित किया और फूल-मालाओं से सभी का स्वागत किया। इसके अतिरिक्त, रुरूगंज के अन्य लोगों ने भी खूब लंगर लुटाया, जिसे बाहर से आए हुए लोगों ने बड़े उत्साह के साथ ग्रहण किया।2
- मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर के यमुना प्रसाद ने औरैया जनपद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पर्व को शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की। भ्रमण के दौरान, डीआईजी ने ताजिया जुलूसों के मार्गों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने जनपद के प्रमुख चौराहों और महत्वपूर्ण स्थलों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए कोतवाली औरैया में बनाए गए एकीकृत कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश जारी किए। रिजर्व पुलिस बल को भी ब्रीफ किया गया और उन्हें ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए गए। ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारियों को जुलूस के दौरान लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण के समय पुलिस अधीक्षक औरैया, अपर जिलाधिकारी औरैया और अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र ने मोहर्रम पर्व के लिए की गई सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया।4
- औरैया जिले में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में, कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी यमुना प्रसाद ने शुक्रवार को जनपद औरैया के खानपुर क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ताजिया जुलूसों के निर्धारित मार्गों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख क्षेत्रों का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीआईजी यमुना प्रसाद ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर मोहर्रम के पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी, और लोगों से पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ताजिया जुलूसों के सभी मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। डीआईजी ने कड़े शब्दों में कहा कि अफवाह फैलाने या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और जुलूस मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए और अधिकारियों को मोहर्रम के दौरान लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहने का निर्देश दिया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अविनाश चंद्र मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा, क्षेत्राधिकारी नगर शैलेंद्र सिंह, सदर कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी पूजा राठौर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।3
- मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत, कानपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) ने जनपद औरैया का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने एक बाइट भी दी।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर यमुना प्रसाद ने जनपद औरैया का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद किया और उनसे पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की। अपने भ्रमण के दौरान, उप महानिरीक्षक ने ताजिया जुलूसों के मार्गों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर विशेष निगरानी रखने के लिए भी संबंधितों को निर्देशित किया। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए जनपद के प्रमुख चौराहों और महत्वपूर्ण स्थलों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग हेतु कोतवाली औरैया में बनाए गए एकीकृत कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, रिजर्व पुलिस बल को ब्रीफ कर उन्हें भी जरूरी हिदायतें दी गईं। ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और कर्मचारियों को जुलूस के दौरान लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक औरैया, अपर जिलाधिकारी, और अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण मौजूद रहे।2
- औरैया जिले के सदर ब्लॉक क्षेत्र के दासपुर गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल संख्या-172 पर अवैध रूप से लकड़ी काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अखिलेश ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग बिना किसी अनुमति या नीलामी प्रक्रिया के सरकारी पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रधान ने अयाना थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल को दिए शिकायती पत्र में विशेष रूप से शिवकुमार पुत्र श्रीराम और व्यास नारायण पुत्र बाबूराम पर ट्यूबवेल परिसर में खड़े पेड़ों की लकड़ी जबरन कटवाने का आरोप लगाया है। शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान अखिलेश का कहना है कि खुलेआम सरकारी संपत्ति की लूट हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी पेड़ों की कटान के लिए नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, मगर इस मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर तेजी से लकड़ी हटाई जा रही है। प्रधान अखिलेश ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी संसाधनों की यह लूट जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सरकारी संपत्ति की रक्षा को प्रशासन की जिम्मेदारी बताया है, इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।1