टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
- टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।1
- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान 15 जून को गंगापुर सिटी स्थित एक होटल में विद्युत चोरी का मामला पकड़ा गया है। निगम की टीम ने मौके पर ही विद्युत चोरी निरोधक प्रावधानों के तहत वीसीआर (Voluntary Compliance Report) भरकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने बताया कि अलीगंज रोड स्थित होटल हवेली के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उपभोक्ता ने अपने स्वीकृत विद्युत कनेक्शन के अतिरिक्त एल.टी. पोल से एक समानांतर केबल जोड़कर, चेंजओवर और स्विच के माध्यम से होटल की विद्युत व्यवस्था से अवैध कनेक्शन कर रखा था। इस व्यवस्था का उपयोग निगम के मीटर को बायपास करते हुए अवैध रूप से विद्युत ऊर्जा का उपभोग करने के लिए किया जा रहा था। जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर निगम की टीम ने नियमानुसार वीसीआर दर्ज करते हुए उपभोक्ता पर 4.50 लाख रुपये से अधिक की पेनल्टी लगाई है और साथ ही विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से निगम को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि विद्युत चोरी में संलिप्त व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जेवीवीएनएल ने आम उपभोक्ताओं से केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करने और किसी भी प्रकार की विद्युत चोरी की सूचना निकटतम विद्युत कार्यालय को देने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में स्थित सुरेली रेलवे स्टेशन पर एक शादीशुदा युवक और युवती ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस घटना में दोनों की जान चली गई, जिसकी वजह उनका प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।1
- टोंक शहर में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक का मुख्य पानी निकास नाला इस समय पूरी तरह से जाम हो चुका है। मौजूदा मानसून सत्र के चलते, नालों की सफाई के अभाव में आने वाले बारिश के सीजन में टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। नाले में कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। आम जनता के हित को देखते हुए, नगर परिषद से इन नालों की तत्काल और उचित सफाई करवाने की मांग की जा रही है। हालांकि, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई को लेकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे भविष्य में टोंक को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।1
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मचकुंड में आस्था और श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में एक मासूम को कुएं में धक्का देकर उसका मोबाइल फोन लूट लिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1