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लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें। लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें।
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लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें। लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- Post by Aniruddh Kashyap1
- नरैनी तहसील के पुकारी गांव के पास आर्मी का एक हेलीकॉप्टर कुछ देर के लिए उतरा, देखने ग्रामीण पहुंचे??1
- सुबह से शाम तक तेज रफ्तार से उड़ते फाइटर जेट्स को देखकर लोग छतों और सड़कों पर निकल आए। कई बार विमानों ने लो-फ्लाइंग भी की, जिससे नजारा और भी रोमांचक हो गया। बच्चे हों या युवा—हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करता नजर आया। दोपहर में नरैनी तहसील के पुकारी गांव के पास सेना का हेलीकॉप्टर भी कुछ देर के लिए उतरा, जिससे आसपास के गांवों में भारी भीड़ जुट गई। इस सैन्य अभ्यास में 🚁 Boeing CH-47 Chinook 🚁 Boeing AH-64 Apache जैसे शक्तिशाली हेलीकॉप्टर भी शामिल रहे, जिन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। 💪 यह नजारा सिर्फ एक अभ्यास नहीं था… यह भारत की सैन्य ताकत, तत्परता और आकाश में उसकी अजेय शक्ति का प्रदर्शन था। 🇮🇳 आसमान में गूंजती हर आवाज एक संदेश दे रही थी— देश सुरक्षित है, क्योंकि सेना हर पल तैयार है।2
- Post by Ranu shukla1
- बांदा । थाना कमासिन पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी बबेरु सौरभ सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना कमासिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को भीती तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।घटना 03/04 अप्रैल 2026 की देर रात की है, जब थाना क्षेत्र के ग्राम जामू में ट्यूबवेल पर सो रहे एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और फील्ड यूनिट व फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।मृतक की मां सरस्वती देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि मृतक की पत्नी का उसके देवर (मृतक के सगे भाई) के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी होने पर मृतक और दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया।1
- बांदा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जब खाकी की छाया संरक्षण के बजाय उत्पीड़न का प्रतीक बनने लगे, तो सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि व्यवस्था की आत्मा का होता है। बांदा में सामने आई ताज़ा घटना ने इसी पीड़ा को मुखर कर दिया है, जहां एक महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ कथित दुर्व्यवहार ने जनमानस को झकझोर दिया है।आरोप है कि महिला पत्रकार रूपा गोयल जब अपने कर्तव्य निर्वहन के तहत वीडियो बना रही थीं, तभी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों ने न केवल उनका मोबाइल छीन लिया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया। यह घटना केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकारिता जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में दोषी माने जा रहे ASI संतोष कुमार और सरून राजभर के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है, ताकि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वर्दी की मर्यादा अब जवाबदेही से परे हो गई है? जब रक्षक ही भक्षक का रूप धारण कर लें, तो आमजन की सुरक्षा और लोकतंत्र की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?1
- #Apkiawajdigital बांदा। बुंदेलखंड के बांदा जनपद में कुदरत की मार ने अन्नदाता को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है। बेमौसम हुई मूसलाधार बारिश और भीषण ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों के इस दर्द को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) की जिला इकाई ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बसपा जिलाध्यक्ष रामसेवक प्रजापति के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। कुदरत के कहर से 'दाने-दाने' को मोहताज हुआ किसान:---- ज्ञापन में बसपा पदाधिकारियों ने जिले की विकट स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि अचानक हुई बारिश और पत्थर (ओले) गिरने से पूरे बांदा जिले में फसलें नष्ट हो गई हैं। किसान अपनी आंखों के सामने अपनी साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिलते देख हताश और निराश है। स्थिति इतनी गंभीर है कि किसानों में अप्रिय घटनाएं (आत्महत्या) बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। BSP की प्रमुख मांगें: 'सर्वे में न हो देरी, तुरंत मिले मुआवजा' बसपा ने राज्यपाल से किसानों के हित में प्रभावी कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की है: त्वरित सर्वे: आकस्मिक वर्षा और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल स्थलीय निरीक्षण और मूल्यांकन कराया जाए। उचित मुआवजा: जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें अविलंब आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए। फसल बीमा: सभी पात्र किसानों को समय से फसल बीमा धनराशि उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। प्रशासनिक अमले में हड़कंप, कलेक्ट्रेट में गूंजी किसानों की आवाज ज्ञापन सौंपने के दौरान बसपा जिलाध्यक्ष रामसेवक प्रजापति के साथ दर्जनों वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि प्रशासन ने समय रहते किसानों की सुध नहीं ली, तो पार्टी बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख: रामसेवक प्रजापति (जिलाध्यक्ष), मनोज कुमार टिकू, अवधेश कुमार बौद्ध (पूर्व जिला अध्यक्ष), बलदेव प्रसाद वर्मा, छेदीलाल वर्मा, रामौतार वर्मा निवाड़ा, मनोहर लाल बौद्ध, जिवेश प्रकाश, और अन्य क्षेत्रीय नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे। निष्कर्ष: शासन की संवेदनशीलता की परीक्षा यह ज्ञापन केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों किसानों की पुकार है जो आज आसमान की ओर देख रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन कागजी खानापूर्ति से आगे बढ़कर अन्नदाता के जख्मों पर मरहम लगाता है या नहीं।4
- Post by Aniruddh Kashyap1