जब रक्षक ही बन जाए भक्षक! बांदा में पत्रकारों संग़ R P F की गुंडागर्दी पर पत्रकारों में उबाल बांदा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जब खाकी की छाया संरक्षण के बजाय उत्पीड़न का प्रतीक बनने लगे, तो सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि व्यवस्था की आत्मा का होता है। बांदा में सामने आई ताज़ा घटना ने इसी पीड़ा को मुखर कर दिया है, जहां एक महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ कथित दुर्व्यवहार ने जनमानस को झकझोर दिया है।आरोप है कि महिला पत्रकार रूपा गोयल जब अपने कर्तव्य निर्वहन के तहत वीडियो बना रही थीं, तभी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों ने न केवल उनका मोबाइल छीन लिया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया। यह घटना केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकारिता जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में दोषी माने जा रहे ASI संतोष कुमार और सरून राजभर के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है, ताकि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वर्दी की मर्यादा अब जवाबदेही से परे हो गई है? जब रक्षक ही भक्षक का रूप धारण कर लें, तो आमजन की सुरक्षा और लोकतंत्र की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
जब रक्षक ही बन जाए भक्षक! बांदा में पत्रकारों संग़ R P F की गुंडागर्दी पर पत्रकारों में उबाल बांदा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जब खाकी की छाया संरक्षण के बजाय उत्पीड़न का प्रतीक बनने लगे, तो सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि व्यवस्था की आत्मा का होता है। बांदा में सामने आई ताज़ा घटना ने इसी पीड़ा को मुखर कर दिया है, जहां एक महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ कथित दुर्व्यवहार ने जनमानस को झकझोर दिया है।आरोप है कि महिला पत्रकार रूपा गोयल जब अपने कर्तव्य निर्वहन के तहत वीडियो बना रही थीं, तभी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों ने न केवल उनका मोबाइल छीन लिया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया। यह घटना केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकारिता जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में दोषी माने जा रहे ASI संतोष कुमार और सरून राजभर के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है, ताकि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वर्दी की मर्यादा अब जवाबदेही से परे हो गई है? जब रक्षक ही भक्षक का रूप धारण कर लें, तो आमजन की सुरक्षा और लोकतंत्र की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
- लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें।1
- ब्रेकिंग न्यूज बांदा *खाकी का रक्षक बना भक्षक! बांदा में पत्रकारों के साथ RPF की गुंडागर्दी, भारी आक्रोश।* *महिला पत्रकार रूपा गोयल और उनके साथियों को RPF थाने में किया गया प्रताड़ित।* *वीडियो बनाने पर छीना गया मोबाइल, महिला पत्रकार के साथ की गई धक्का-मुक्की।* *राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन।* *दोषी ASI संतोष कुमार और सरून राजभर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग।*2
- मौदहा हमीरपुर। बीते नौ दिन पहले कुत्ते के दौडाने से हुई बाईक सवार किशोर की मौत के सदमे से लोग अभी उबरे नहीं थे कि, बीती रात एक नेत्रहीन युवक को कुत्तों ने खदेड लिया जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया जिसके गंभीर चोंटें आईं हैं। नगर के मोहल्ला पूर्वी तरौस निवासी नेत्रहीन युवक पिंटू ने बताया कि बीती देरशाम वह मोहल्ले की दूकान पर सामान लेने गया था तभी कुत्तों ने उसे खदेड लिया नेत्रहीन होने के कारण वह भाग नहीं सका और दीवार में भिड गया जिससे उसके सर में गंभीर चोँटैं आईं हैं और पांच टांके लगे हैं। पीडित ने बताया कि उसने नगरपालिका अध्यक्ष, नगरपालिका और सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नम्बरों पर फोन कर शिकायत की जिसपर नगरपालिका के कर्मचारियों ने कुछ कुत्तों को इधर उधर कर दिया और उससे ओटीपी मांग रहे थे लेकिन कुत्ते फिर से वापस आ गए और स्कूल टाईम पर बच्चों को खदेडते हैं जिससे कभी बडा हादसा हो सकता है। बताते चलें कि बीते सप्ताह भी कुत्तों के खदेडने से बाइक सवार किशोर की गिरकर मौत हो गई थी लेकिन नगरपालिका ने कोई कार्यवाही नहीं की।1
- हमीरपुर। सोशल मीडिया पर इन दिनों ट्रैफिक इंचार्ज हरवेंद्र यादव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फरवरी माह का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद एक बार फिर उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुराना है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोबारा तेजी से प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। वीडियो के वायरल होते ही पत्रकारों के प्रति कथित बदसलूकी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आमजन के साथ-साथ मीडिया जगत में भी इस मामले को लेकर रोष व्याप्त है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रैफिक इंचार्ज हरवेंद्र यादव का अभद्र भाषा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। पूर्व में सामने आए वीडियो के बाद भी उनके व्यवहार में सुधार न दिखने की चर्चाएं अब फिर तेज हो गई हैं। लगातार इस तरह के वीडियो सामने आने से विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारियों को संयमित भाषा और मर्यादित व्यवहार का परिचय देना चाहिए, खासकर तब जब वे सार्वजनिक दायित्व निभा रहे हों। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन वीडियो के आधार पर मामला चर्चा में है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण का संज्ञान लेकर कोई जांच या कार्रवाई करता है या नहीं।1
- Post by Surendra driver1
- कमासिन थाना क्षेत्र के जामू गांव में हुई थी घटना2
- मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,चोरी की 3 मोटरसाइकिल बरामद।1
- राठ/हमीरपुर। जनपद हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने देर रात करीब 12 बजे के बाद कोतवाली राठ का औचक निरीक्षण कर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। अचानक हुए इस निरीक्षण से थाना स्टाफ सतर्क नजर आया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना कार्यालय, लॉकअप, मालखाना, महिला हेल्पडेस्क, साइबर हेल्पडेस्क और सीसीटीएनएस कक्ष का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही उन्होंने अभिलेखों की गुणवत्ता, रखरखाव और अपडेट स्थिति की भी जांच की। एसपी ने थाना परिसर में साफ-सफाई, बेहतर व्यवस्थाएं और आमजन के लिए अनुकूल माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ शालीन, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों को लेकर भी एसपी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि 1090, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के प्रति आमजन को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा चौकी प्रभारियों से संवाद करते हुए एसपी ने अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क निगरानी बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। इस आधी रात हुए औचक निरीक्षण से स्पष्ट संदेश गया है कि पुलिस अधीक्षक जिले की कानून-व्यवस्था और थाना व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- ई-श्रम कार्ड योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।1