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एक नागरिक ने जयपुर में जैन अस्पताल के पास एक खाली पड़ी जगह की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ काफी स्थान अनुपयोगी पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि यह जगह वर्तमान में बेकार पड़ी है, जबकि इसका सदुपयोग करके लोगों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जा सकती हैं। प्रिंस नामक व्यक्ति ने, जिन्होंने खुद को एक 'टैलेंटेड लड़का' और 'लोगों का रक्षक' बताया, अधिकारियों से इस खाली जगह पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाने की अपील की है। उनकी मुख्य प्रार्थना यह है कि यदि इस स्थान का तीव्र गति से विकास किया जाता है, तो इससे स्थानीय जनता को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। प्रिंस ने लोगों के प्रति अपने प्रेम और उनकी सुरक्षा की इच्छा व्यक्त करते हुए, अधिकारियों से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि इस अनुपयोगी जगह का इस्तेमाल जन सुविधा के लिए किया जा सके।
Prince Kumar
एक नागरिक ने जयपुर में जैन अस्पताल के पास एक खाली पड़ी जगह की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ काफी स्थान अनुपयोगी पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि यह जगह वर्तमान में बेकार पड़ी है, जबकि इसका सदुपयोग करके लोगों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जा सकती हैं। प्रिंस नामक व्यक्ति ने, जिन्होंने खुद को एक 'टैलेंटेड लड़का' और 'लोगों का रक्षक' बताया, अधिकारियों से इस खाली जगह पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाने की अपील की है। उनकी मुख्य प्रार्थना यह है कि यदि इस स्थान का तीव्र गति से विकास किया जाता है, तो इससे स्थानीय जनता को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। प्रिंस ने लोगों के प्रति अपने प्रेम और उनकी सुरक्षा की इच्छा व्यक्त करते हुए, अधिकारियों से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि इस अनुपयोगी जगह का इस्तेमाल जन सुविधा के लिए किया जा सके।
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- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनके हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रदेशव्यापी 'कर्मचारी जागृति यात्रा' की घोषणा की है। इस यात्रा का शुभारंभ जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना और आशीर्वाद के साथ किया गया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने यात्रा के पीछे सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, लंबित 25 सूत्री मांगों की अनदेखी और संवादहीनता को मुख्य कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसके साथ ही, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के निजीकरण की आशंकाओं को लेकर भी कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी बढ़ रही है। राठौड़ ने बताया कि 8 जून से शुरू हुई यह यात्रा प्रदेश के सभी संभागों और जिलों में पहुंचेगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों, लंबित मांगों और संगठन की आगामी रणनीति से अवगत कराना है। महासंघ की प्रमुख मांगों में RGHS के निजीकरण का विरोध, समर्पित अवकाश का नगद भुगतान, 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान, मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 प्रदान करना, संविदा व ठेका कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान, और लंबित पदोन्नतियों के लिए अनुभव में दो वर्ष की अतिरिक्त छूट देना शामिल है। यात्रा के शुभारंभ पर महासंघ के कई प्रदेश पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासंघ ने सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की इन लंबित मांगों पर उच्चस्तरीय वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाले।1
- 6 जून से 11 जून तक के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि के दौरान सभी को विशेष रूप से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।1
- टैक्सी चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, एक ओर जहाँ उन पर गाड़ी की किस्तें, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, डीजल-पेट्रोल जैसे बढ़ते खर्चों का बोझ है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलतियों पर ₹5000 के भारी चालानों से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। चालकों का कहना है कि न तो सरकार और न ही बड़ी कंपनियाँ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले ये टैक्सी चालक आज गहरे आर्थिक दबाव में हैं। आरटीओ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, टैक्सी ड्राइवर यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँ। वे संबंधित विभागों और सरकार से अपनी मुश्किलों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान उतना ही महत्वपूर्ण है।1
- मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। इस भीषण हादसे में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक 5 मौतों की ही पुष्टि की गई है। इसके अतिरिक्त, 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों को आपात स्थिति में दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इस दर्दनाक मुजफ्फरपुर आईसीयू अग्निकांड के बाद 'जिम्मेवार कौन?' यह सवाल उठ रहा है, और पूछा जा रहा है कि क्या इसके लिए 'वो 10000' जिम्मेदार हैं या सरकार।1
- जयपुर के जगतपुरा में स्थित सक्षम ड्राइविंग स्कूल, सुरक्षित, आसान और आत्मविश्वासपूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। यह स्कूल नए और अनुभवी दोनों तरह के शिक्षार्थियों को अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कार ड्राइविंग सिखाता है। सक्षम ड्राइविंग स्कूल महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करता है, जिसमें एक्टिवा चलाने का प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रैफिक नियमों, रोड सेफ्टी और प्रैक्टिकल ड्राइविंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि शिक्षार्थी एक जिम्मेदार चालक बन सकें। स्कूल सुविधाजनक समय, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को अपनी विशेषता बताता है। इच्छुक शिक्षार्थियों से आत्मविश्वास के साथ ड्राइविंग सीखने के लिए आज ही नामांकन कराने का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9983135755 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- संसद में राहुल गांधी को बोलने से मना कर दिया गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सही थी।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में अब प्रत्येक विषय के लिए अलग से विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएँगे। उन्होंने एक भाषण के दौरान यह बात कही, जिसमें उन्होंने बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में इस नए कदम को उठाने की बात दोहराई।1
- जस्ट जयपुर लाइव की एक व्यंग्य समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने टैक्सी चालकों की कमर तोड़ दी है। मौजूदा हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ड्राइवर अब मज़ाक में कहने लगे हैं कि "जब किराया साइकिल के हिसाब से मिलेगा, तो बुकिंग भी साइकिल से ही मारेंगे!" एक ओर गाड़ी की किस्त, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस और मेंटेनेंस जैसे खर्चों का बोझ है, तो दूसरी ओर ईंधन की बढ़ती कीमतें और कम किराया उनकी कमाई पर सीधा असर डाल रहे हैं। टैक्सी चालक पूछ रहे हैं कि आखिर वे अपनी मेहनत की कमाई कैसे बचाएँगे। इसी परेशानी के चलते ड्राइवरों की यह प्रमुख माँग है कि किराया दरों की तत्काल समीक्षा की जाए और उन्हें बढ़ती महंगाई तथा मौजूदा ईंधन कीमतों के अनुरूप संशोधित किया जाए।1
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दांव खेलते हुए पूनिया अलका को राज्यसभा का टिकट दिया है। इस कदम को जाट और गुर्जर वोट बैंक को सीधा सियासी संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।1