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ईसानगर गांव में लगातार तीन चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। यह स्थिति चोरों के आतंक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Saroj Tiwari
ईसानगर गांव में लगातार तीन चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। यह स्थिति चोरों के आतंक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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- जनपद लखीमपुर खीरी के ब्लॉक बांकेगंज में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित होने के बाद इलाके में जमकर बवाल हुआ और लाठीचार्ज की घटना भी हुई। इस मामले में आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान मीडिया के माध्यम से स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए, जिससे इस घटना को लेकर गहरा रोष और चिंता व्यक्त की गई है। चिराग पासवान ने इस घटना को केवल प्रशासनिक लापरवाही मानने के बजाय दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की एक बड़ी साजिश होने की संभावना जताई। उन्होंने प्रश्न उठाया कि बाबा साहेब की प्रतिमा खंडित होने के कई घंटों बाद तक आखिर प्रशासन निष्क्रिय क्यों रहा और क्या यह प्रशासन की संवेदनहीनता को नहीं दर्शाता। जिन लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, उनका आरोप है कि पुलिस ने पीड़ितों पर ही कार्रवाई की है, जिस पर पासवान ने पूछा कि क्या प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। दलित समाज का यह कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती तो यह बवाल होता ही नहीं, जिससे चिराग पासवान ने भी सहमति व्यक्त की। चिराग पासवान ने मांग की है कि प्रतिमा खंडित करने वाले दोषियों पर एनएसए या गैंगस्टर जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में दलितों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है, जिससे लगता है कि सरकार सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में विफल रही है। लोक जनशक्ति पार्टी ने इस मामले को संसद से लेकर सड़क तक उठाने का संकल्प लिया है, और पासवान ने घोषणा की है कि यदि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती तो वे खुद आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना 2027 के चुनाव से पहले दलित वोटरों के बीच एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। पासवान का मानना है कि बाबा साहेब के नाम पर राजनीति तो बहुत होती है, लेकिन उनके सम्मान की रक्षा में सरकारें लगातार विफल हो रही हैं। लाठीचार्ज में घायल हुई महिलाओं और युवाओं का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, जिसे चिराग पासवान ने लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को मुआवजा, सुरक्षा और सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने इस मामले में स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। लोक जनशक्ति पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।1
- ईसानगर गांव में लगातार तीन चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। यह स्थिति चोरों के आतंक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।1
- खीरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना गोला पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 25 मई 2026 को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोकशी गिरोह के दो शातिर और वांछित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक खीरी (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी गोला के मार्गदर्शन में की गई। घटना के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, थाना गोला में मु.अ.सं. 214/2026 धारा 303(2) बीएनएस एवं 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित ये दोनों अभियुक्त गोकशी के मामलों में सक्रिय थे। सुबह मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें अलीगंज-गोला रोड से सिद्धनाथ मंदिर (सिद्ध बाबा मंदिर) जाने वाले रास्ते पर घेर लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया, जिससे उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। इसी दौरान, अभियुक्त नदीम ने पुलिस टीम पर देशी तमंचे से जानलेवा हमला करते हुए फायर कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में नदीम के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे तत्काल सी.एच.सी. गोला में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। दूसरे अभियुक्त शीबू को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नदीम पुत्र रफीउल्ला (लगभग 23 वर्ष) और शीबू पुत्र रफीउल्ला (लगभग 26 वर्ष) के रूप में हुई है, ये दोनों ग्राम भुडवारा, थाना गोला, जिला खीरी के निवासी हैं। मुठभेड़ के बाद नदीम के कब्जे से तमंचा बरामद होने पर उसके खिलाफ थाना स्थानीय पर मु.अ.सं. 216/2026 अन्तर्गत धारा 109(1) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट और शीबू के विरुद्ध धारा 109(1)/3(2) बीएनएस में नया मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक नीले रंग की होंडा शाइन मोटरसाइकिल (पंजीकरण संख्या UP31AS4611) के साथ-साथ गोकशी में प्रयुक्त होने वाले उपकरण जैसे एक लोहे का गंडासा, दो लोहे के बांका, दो लोहे के चाकू, एक प्लास्टिक की रस्सी, एक लोहे की कुल्हाड़ी, एक लोहे की तराजू व बांट, लकड़ी का गोलदार बोटा और 800 ग्राम प्लास्टिक की पन्नी भी बरामद की है। दोनों अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास रहा है। नदीम पर पूर्व में हत्या के प्रयास, गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट सहित पाँच और शीबू पर दो विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें दहेज हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही प्रचलित है। इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक श्री अम्बर सिंह सहित थाना गोला के कुल पंद्रह पुलिसकर्मी शामिल थे।1
- जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को प्रसिद्ध गुलमर्ग गोंडोला में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फँस गए। रोपवे के रुकने से वहाँ मौजूद महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई। इसके बाद, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों ने मिलकर एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया। इस अभियान के तहत सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, और राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।1
- उत्तराखंड में स्थित यमुनोत्री धाम को देवभूमि का एक पवित्र स्थल बताया गया है, जहाँ माँ यमुना का पावन उद्गम और हिमालय की अद्भुत गोद है। यह स्थान सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था और प्रकृति का एक अनूठा संगम है, जो शांति प्रदान करता है। हालांकि, इस पावन धाम में दर्शन और स्नान के बाद लोग अक्सर वहीं कपड़े, प्लास्टिक और अन्य कचरा छोड़ जाते हैं, जिससे निराशा व्यक्त की गई है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि आस्था का अर्थ गंदगी फैलाना नहीं, बल्कि पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखना भी है। इसमें सवाल उठाया गया है कि माँ यमुना जो हमें जीवन देती हैं, क्या हम उन्हें स्वच्छता नहीं दे सकते? लोगों से यह आग्रह किया गया है कि वे यमुनोत्री धाम की यात्रा करें और दर्शन करें, लेकिन देवभूमि की शांति और स्वच्छता को कभी नुकसान न पहुँचाएँ। पोस्ट में इस बात पर भी तीखी टिप्पणी की गई है कि लोग अक्सर किसी भी समस्या के लिए केवल सरकारों को दोष देते हैं और सोशल मीडिया पर उंगली टीपकर आलोचना करते हैं, जबकि अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से बचते हैं।1
- लखीमपुर खीरी में, जो पुलिस दूसरों को यातायात नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी निभाती है, वही खुद इन नियमों को तोड़ती हुई नज़र आई। डीएम बंगला रोड पर स्थित महिला थाना के सामने एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चला रहा था और साथ ही मोबाइल फोन पर बात भी कर रहा था। उसके साथ ही एक और पुलिसकर्मी दूसरी मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट के सफर करता दिखा। इस घटना को देख स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब आम जनता पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए चालान काटा जाता है, तो ऐसे नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।1
- लखीमपुर खीरी में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ दूसरों को यातायात नियमों का पालन कराने वाली पुलिस खुद उन नियमों की धज्जियाँ उड़ाती दिखाई दी। डीएम बंगला रोड पर महिला थाना के ठीक सामने एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाता हुआ और साथ ही मोबाइल फोन पर बात करता हुआ कैमरे में कैद हुआ। इतना ही नहीं, उसके साथ मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी भी दूसरी बाइक पर बिना हेलमेट के ही मोटरसाइकिल चला रहा था। इस घटना को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि जब आम जनता द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर उनका चालान काटा जाता है, तो फिर ऐसे नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।1
- लखीमपुर खीरी के डीएम बंगला रोड पर, महिला थाना के सामने, यातायात नियमों को लागू करने वाली पुलिस खुद ही इन नियमों को तोड़ती नजर आई है, जिस पर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन पर बात करता दिखा, जबकि उसके साथ दूसरा पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट के ही मोटरसाइकिल चला रहा था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने यह सवाल उठाया कि जब आम जनता का चालान काटा जाता है तो ऐसे नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी।1