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झारखंड के बगोदर झाड़ी पुल जीटी रोड से सिरैय अचलजामु बनासो तक की सड़क देश की आज़ादी से भी पहले से खराब है। जनता इस स्थिति से इतनी निराश हो चुकी है कि हर साल अपना चंदा लगाकर किसी तरह काम चला रही है। यह वीडियो देखने वाले भाई-बंधुओं से अपील की गई है कि इसे अधिक से अधिक शेयर करें, क्योंकि इस सड़क से इंसानियत भी गुजरती है। जोहर झारखंड।
लालू प्रजापति
झारखंड के बगोदर झाड़ी पुल जीटी रोड से सिरैय अचलजामु बनासो तक की सड़क देश की आज़ादी से भी पहले से खराब है। जनता इस स्थिति से इतनी निराश हो चुकी है कि हर साल अपना चंदा लगाकर किसी तरह काम चला रही है। यह वीडियो देखने वाले भाई-बंधुओं से अपील की गई है कि इसे अधिक से अधिक शेयर करें, क्योंकि इस सड़क से इंसानियत भी गुजरती है। जोहर झारखंड।
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- झारखंड के बगोदर झाड़ी पुल जीटी रोड से सिरैय अचलजामु बनासो तक की सड़क देश की आज़ादी से भी पहले से खराब है। जनता इस स्थिति से इतनी निराश हो चुकी है कि हर साल अपना चंदा लगाकर किसी तरह काम चला रही है। यह वीडियो देखने वाले भाई-बंधुओं से अपील की गई है कि इसे अधिक से अधिक शेयर करें, क्योंकि इस सड़क से इंसानियत भी गुजरती है। जोहर झारखंड।1
- मुहर्रम त्योहार के मद्देनज़र बगोदर और आसपास के इलाकों में प्रशासन पूरी तरह से चौकस नज़र आ रहा है। गुरुवार को मुहर्रम की नवमी पर, प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकालकर शांति का संदेश दिया। इस मार्च का नेतृत्व एडिशनल एसपी सुरजीत कुमार और एसडीपीओ धनंजय कुमार राम ने किया। फ्लैग मार्च में बीडीओ निशा कुमारी, सीओ परवीन कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था, जिन्होंने विभिन्न मार्गों पर भ्रमण किया। मार्च शुरू करने से पहले, एसडीपीओ ने बगोदर थाने में पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए थे। यह कार्रवाई मुहर्रम को लेकर प्रशासन की चौकसी और शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।3
- गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में हजरत इमाम हसन-हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने धार्मिक स्थलों पर पर्व की परंपराओं का निर्वहन किया और इमाम हसन-हुसैन के बलिदान को याद किया। प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अखाड़ा कमेटियों द्वारा आकर्षक तजिया और अखाड़ा जुलूस निकाले गए, जिसमें समिति के सदस्यों ने पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। डुमरी चौक में अखाड़ा जुलूस के दौरान युवकों ने अपने कौशल का भी प्रदर्शन किया। त्याग और बलिदान के इस पर्व में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। सभी सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अनुमंडल कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था, जहाँ प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी घंटे-दर-घंटे क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज रहे थे। प्रभारी एसडीओ संतोष गुप्ता, एसडीपीओ आबिद खान, सीओ शशिभूषण वर्मा, पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार अपने दलबल के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग भी मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड पर था। समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे डुमरी में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4
- CJP फाउंडर ने शिक्षा मंत्री को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए सिर्फ दो दिन का समय दिया गया है। फाउंडर ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षा मंत्री इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें 'वरना...' की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।1
- झारखंड में 'छात्रों की गूंज' नामक एक नई पहल का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार लाना है, जिसके लिए युवाओं की आवाज़ को एक सशक्त माध्यम और उनकी शक्ति को आधार बनाया जाएगा। यह मंच शिक्षा सुधार की दिशा में युवाओं की ताकत को प्रतिध्वनित करेगा।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी में शुक्रवार को प्रसिद्ध इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मेले में कटकमदाग, कटकमसांडी और इचाक प्रखंडों से कुल 22 जुलूसों ने शानदार भागीदारी की, जिसमें खुटरा, पेलावल, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर, पबरा, लुपुंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, गोविंदपुर और कवातु सहित विभिन्न गांवों के जुलूस शामिल थे। मेले का मुख्य आकर्षण गगनचुंबी निशान था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उमड़ पड़े, जबकि विशाल इस्लामी परचम और खूबसूरती से सजाए गए ताजिए भी चर्चा का विषय बने रहे। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के अकीदतमंदों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के खेल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिससे छड़वा मैदान "या अली" और "या हुसैन" की गूंज से श्रद्धा और उत्साह से भर उठा। मेले में गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ अंतु साव का ताजिया सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और उपस्थित लोगों ने इसकी जमकर सराहना की। मेले के सफल आयोजन और शांतिपूर्ण संचालन के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेले में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिसकी निगरानी मुख्य मंच से हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती, आरक्षी अधीक्षक अमन कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे, एएसपी अमित कुमार, सीसीआर डीएसपी अरमान उल हक, प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक और अंचल इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा की गई। इस आयोजन में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्टेट कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार कुशवाहा, झारखंड हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक, कांग्रेस प्रदेश सचिव रेणू कुमारी, पूर्व मेयर प्रत्याशी तसलीम अंसारी, झामुमो केंद्रीय सदस्य राजा मोहम्द, झामुमो नेता राजा खान, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, अनवार उल हक, जहीर खान, अनंत कुमार आर्या, आफताब आलम, शमशेर आलम, मोहम्मद इम्तियाज, शरीफ उल्ला गुड्डू, पूर्व ज़िप प्रतिनिधि मिसबाहउल इस्लाम, ज़िप प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य सलाउद्दीन उर्फ बबलू, पेलावल मोहर्रम कमेटी के सदर हैदर अली, पेलावल कब्रिस्तान कमेटी के सदर मोहम्मद मुमताज, महमूद आलम, समाजसेवी एजाज अहमद, इमरान खान, मोहम्मद रेहान, मुनीष ठाकुर, मोहम्मद अकबर, पन्नू महतो, मनोज मोदी, विरेन्द्र कुमार सिंह, दिगम्बर प्रसाद मेहता, शमशेर आलम, मोहम्मद अयूब, मुखिया नरायाण साव, अयूब अंसारी, तासीर अंसारी, नदीम खान, महबूब अंसारी, अजीम अंसारी, मिन्हाज आलम, अब्दुल सत्तार, जमशेद खान सहित कई समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। हजारीबाग का छड़वा मोहर्रम मेला अपने गगनचुंबी निशान और ऐतिहासिक परंपरा के कारण वर्षों से एक विशेष पहचान रखता है। यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी प्रतीक बन चुका है, और इसी गगनचुंबी निशान के कारण इसे इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेला के नाम से जाना जाता है।3
- हजारीबाग शहर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक छात्र के अपहरण, बेरहमी से मारपीट, सिगरेट से दागने और हत्या की कोशिश का आरोप लगाते हुए पीड़ित की माँ ने बड़ी बाजार थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में छह लोगों को नामजद किया गया है और कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। माँ के आवेदन के अनुसार, 25 जून की सुबह करीब 10:40 बजे डीपीएस स्कूल के पास खड़े छात्र को आरोपितों ने जबरन अपने साथ ले लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि छात्र को एक कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा गया, उसे किसी मामले को लेकर धमकाया गया, गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर सिगरेट से शरीर के कई हिस्सों को दागा गया। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि आरोपितों ने छात्र को मृत समझकर उसे कार में डालकर कहीं फेंकने की तैयारी की थी। इसी दौरान रास्ते में वाहन रुकने पर छात्र मौका देखकर उनके चंगुल से भाग निकला और अपनी जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद, परिजनों ने छात्र की आपबीती सुनकर सीधे थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित छात्र की माँ ने अपने आवेदन में अपहरण, मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने, जान से मारने की कोशिश और घटना में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कुछ आरोपितों के नाम और एक मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आरोपितों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- सावन के पावन महीने में बाबा नगरी की यात्रा को लेकर यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि कौन-कौन लोग इस बार वहां जा रहे हैं।1