बारा तहसील परिसर में जर्जर भवन का गिरा छज्जा, बाल बाल बचे लोग। जसरा। प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में शुक्रवार को एक जर्जर भवन का छज्जा टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय बारजे के नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उस समय कोई कर्मचारी, अधिवक्ता या फरियादी वहां से गुजर रहा होता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। बताया जा रहा है कि बारा तहसील परिसर में स्थित यह भवन काफी समय से जर्जर हालत में है। भवन की खराब स्थिति को लेकर पूर्व में भी अधिकारियों का ध्यानआकर्षित कराया जा चुका है। प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने भी पहले तहसील परिसर का निरीक्षण किया था। उन्होंने जर्जर भवन की स्थिति देखकर नाराजगी व्यक्त की थी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है।स्थानीय लोगों और तहसील परिसर में आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि जर्जर भवन से आए दिन प्लास्टर के टुकड़े गिरते रहते हैं। इसके चलते कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न कार्यों से तहसील आने वाले फरियादियों के बीच हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। शुक्रवार को बारजा टूटने की घटना के बाद एक बार फिर जर्जर भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस संबंध में उप जिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार ने बताया कि जर्जर भवन का बारजा अचानक गिरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम को देखते हुए किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके मद्देनजर बारजे को सुरक्षा की दृष्टि से गिराया गया है। उन्होंने बारजे को जानबूझकर गिराए जाने की बात स्वीकार की है।वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए,अथवा उसे सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराकर नया निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना न रहे।
बारा तहसील परिसर में जर्जर भवन का गिरा छज्जा, बाल बाल बचे लोग। जसरा। प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में शुक्रवार को एक जर्जर भवन का छज्जा टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय बारजे के नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उस समय कोई कर्मचारी, अधिवक्ता या फरियादी वहां से गुजर रहा होता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। बताया जा रहा है कि बारा तहसील परिसर में स्थित यह भवन काफी समय से जर्जर हालत में है। भवन की खराब स्थिति को लेकर पूर्व में भी अधिकारियों का ध्यानआकर्षित कराया जा चुका है। प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने भी पहले तहसील परिसर का निरीक्षण किया था। उन्होंने जर्जर भवन की स्थिति देखकर नाराजगी व्यक्त की थी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है।स्थानीय लोगों और तहसील परिसर में आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि जर्जर भवन से आए दिन प्लास्टर के टुकड़े गिरते रहते हैं। इसके चलते कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न कार्यों से तहसील आने वाले फरियादियों के बीच हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। शुक्रवार को बारजा टूटने की घटना के बाद एक बार फिर जर्जर भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस संबंध में उप जिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार ने बताया कि जर्जर भवन का बारजा अचानक गिरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम को देखते हुए किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके मद्देनजर बारजे को सुरक्षा की दृष्टि से गिराया गया है। उन्होंने बारजे को जानबूझकर गिराए जाने की बात स्वीकार की है।वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए,अथवा उसे सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराकर नया निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना न रहे।
- शंकरगढ़ के पुरानी बाजार से धड़ल्ले से दौड़ रहे भारी वाहन शंकरगढ़ (प्रयागराज)। शंकरगढ़ के पुरानी बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में एक भारी वाहन की वजह से जल निगम की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुरानी बाजार की सड़क संकरी होने के बावजूद बड़े-बड़े ट्रक और अन्य भारी वाहन दिनभर गुजरते रहते हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय भी इन वाहनों की आवाजाही जारी रहती है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भारी चिंता और आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने तथा स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।1
- शंकरगढ़ स्थित जेनिथ मॉडल स्कूल में अलंकरण समारोह संपन्न, नव निर्वाचित छात्र परिषद ने ली शपथ। शंकरगढ़ स्थित जेनिथ मॉडल स्कूल में अलंकरण समारोह संपन्न, नव निर्वाचित छात्र परिषद ने ली शपथ।1
- मुख्यमंत्री के निर्देश बेअसर! नाली न बनने से घरों में घुसा बारिश का पानी, ग्रामीणों में रोष जसरा। प्रयागराज।मुख्यमंत्री के गांवों में बेहतर जल निकासी और विकास कार्यों के दावों के बीच जसरा विकासखंड की पांडर ग्रामसभा के मजरा कालिका का पूरा में हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। नाली का निर्माण न होने से बारिश का पानी ग्रामीणों के घरों में भर गया है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई परिवार पूरी रात जागकर घरों से पानी निकालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से नाली निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या हर साल विकराल रूप ले लेती है। इससे घरों में पानी घुसने के साथ-साथ आवागमन भी बाधित हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जसरा ब्लॉक के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर कालिका का पूरा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। उनका कहना है कि यदि उच्च अधिकारी मौके पर निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा जल्द से जल्द नाली निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1
- बारा तहसील की जर्जर छत दो तीन जगह से गिरी बाल बाल बचे लोग प्रशासन बड़ी घटना का कर रहा इंतजार बारा प्रयागराज बारा तहसील परिसर में जर्जर भवन लोगों के लिए काल बनते जा रहे हैं। बीते दिनों तहसील के 2 से 3 स्थानों पर अचानक छत का प्लास्टर और मलबा गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय वकीलों और फरियादियों का आरोप है कि तहसील का भवन कई सालों से जर्जर हालत में है। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासनिक अमला कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। एसडीएम से लेकर तमाम अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन किसी की नजर जर्जर छत और दीवारों पर नहीं पड़ रही।लोगों में दहशत का माहौल गिरती छत के बाद से तहसील आने वाले लोगों में दहशत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी दिन बड़ा हादसा होगा तब प्रशासन की आंख खुलेगी। बरसात में स्थिति और खराब हो गई है। दीवारों में दरारें हैं, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।" क्या है मांग तहसील भवन की तत्काल मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए जर्जर हिस्सों को तुरंत सील कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए उच्च अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई जाए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जाए, वरना बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में बारा एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।1
- गुमराह लोगों को सही राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन हमें ही कठिन कार्य करना है। देश निरंतर आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा। आप भी आगे बढ़े यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूँ। आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूँ। आइए हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएँ। गुमराह लोगों को सही राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन हमें ही कठिन कार्य करना है। देश निरंतर आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा। आप भी आगे बढ़े यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूँ। आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूँ। आइए हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएँ।1
- नाले में गिरी बच्ची की तलाश जारी, 26 घंटे बाद भी नहीं मिला मासूम का सुराग, वीडियो वायरल *नाले में गिरी बच्ची की तलाश जारी, 26 घंटे बाद भी नहीं मिला मासूम का सुराग, वीडियो वायरल* उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बेहद दर्दनाक हासदा हो गया है,यहां वायरल वीडियो में एक मासूम बच्ची कथित तौर पर नाले में गिरती दिखाई देती है। इसके तुरंत बाद स्थानीय लोग बच्ची को बचाने के लिए दौड़ते नजर आते हैं, बताया जा रहा है की साठा इलाके की चारु नाम की बच्ची तेज बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अभी तक मिली रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के 26 घंटे बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है। फिलहाल प्रशासन की ओर से बचाव अभियान जारी है।1