बिहार के रजौली प्रखंड स्थित उदासीन संगत अमावां की धार्मिक और न्यास संपत्तियों पर अवैध कब्जे, तोड़फोड़, धमकी और अराजकता का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना के बावजूद, अनेक शिकायतों, प्राथमिकी और उच्च अधिकारियों को बार-बार सूचना दिए जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। उदासीन संगत अमावां के वैध न्यासधारी महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि ने बताया कि संगत परिसर में असामाजिक एवं आपराधिक तत्व लगातार धार्मिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं। न्यास की चल-अचल संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, ताले तोड़े जा रहे हैं, सामान गायब किया जा रहा है, सीसीटीवी व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, और साधु-संतों तथा श्रद्धालुओं को भयभीत करने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि जिन व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद शिकायतें और मुकदमे दर्ज हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं और कानून का उपहास उड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम यह कहते फिर रहे हैं कि प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे आम नागरिकों, श्रद्धालुओं तथा संत समाज के बीच भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया है। महंत ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की होगी। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही हो रही है।
बिहार के रजौली प्रखंड स्थित उदासीन संगत अमावां की धार्मिक और न्यास संपत्तियों पर अवैध कब्जे, तोड़फोड़, धमकी और अराजकता का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना के बावजूद, अनेक शिकायतों, प्राथमिकी और उच्च अधिकारियों को बार-बार सूचना दिए जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। उदासीन संगत अमावां के वैध न्यासधारी महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि ने बताया कि संगत परिसर में असामाजिक एवं आपराधिक तत्व लगातार धार्मिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं। न्यास की चल-अचल संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, ताले तोड़े जा रहे हैं, सामान गायब किया जा रहा है, सीसीटीवी व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, और साधु-संतों तथा श्रद्धालुओं को भयभीत करने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि जिन व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद शिकायतें और मुकदमे दर्ज हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं और कानून का उपहास उड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम यह कहते फिर रहे हैं कि प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे आम नागरिकों, श्रद्धालुओं तथा संत समाज के बीच भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया है। महंत ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की होगी। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही हो रही है।
- रात्रि भ्रमण के दौरान वारिसलीगंज रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने अपना नाम संतोष मांझी बताया। बातचीत से पता चला कि संतोष मांझी के दो बच्चे हैं, उनकी पत्नी का 10 साल पहले निधन हो चुका है, और घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। वे घूम-घूम कर मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इस मुलाकात के दौरान, पुलिस ने संतोष मांझी से पूछा कि ₹500 मिलने पर वे कितने दिन घर पर आराम कर पाएंगे, जिसके जवाब में उन्होंने 10 दिन का समय बताया। इस पर, पुलिस ने उन्हें ₹500 दिए और निर्देश दिया कि वे 10 दिन तक घर पर आराम करें। साथ ही, उनसे कहा गया कि 10 दिन बाद वे थाना आएं, जहाँ उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें मांगने की आवश्यकता न पड़े और वे आराम से घर में रह सकें। इस बातचीत के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों को अपने बुजुर्गों और अभिभावकों को प्यार देना चाहिए।1
- शुक्रवार की रात बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में वन कर्मियों ने अवैध अभ्रक खनन कर भाग रहे एक पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के वर्तमान मुखिया नारायण सिंह के घर के पास से जब्त कर लिया। वन विभाग के गश्ती दल ने बसरोन जंगल से अभ्रक लादकर भाग रहे माफियाओं का पीछा किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वन विभाग के वनरक्षी और वन कर्मी सवैयाटांड़ पंचायत के वन क्षेत्र में गश्त पर थे, तभी उन्हें बसरोन वन क्षेत्र में अवैध अभ्रक खनन की गुप्त सूचना मिली। खनन स्थल पर पहुंचने पर उन्होंने अभ्रक माफियाओं को एक पिकअप वैन में अभ्रक भरते देखा। वन कर्मियों को देखते ही माफिया अभ्रक भरना छोड़कर आधे-अधूरे लदे पिकअप वैन के साथ जंगल से भाग निकले। वन कर्मियों ने तुरंत उनका पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा किए जाने पर अभ्रक माफिया पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के मुखिया नारायण सिंह के घर के दरवाजे के पास लगाकर जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। माफियाओं ने पिकअप को जब्त होने से बचाने के लिए उसकी बैटरी और स्टार्ट करने वाली सामग्री भी खोल ली थी। वन कर्मियों ने जब्त पिकअप वैन की सूचना रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय के रेंजर नारायण लाल सेवक को दी। सूचना मिलने पर रेंजर नारायण लाल सेवक वन विभाग और रजौली पुलिस की संयुक्त टीम के साथ सवैयाटांड़ पहुंचे और जब्त पिकअप वैन को बसरोन से रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय ले आए। पिकअप वैन को कार्यालय लाने के लिए शनिवार सुबह रजौली से जेसीबी मशीन मंगवाकर खींचना पड़ा, क्योंकि रेंजर ने रातभर जंगल में बिताया था। रेंजर नारायण लाल सेवक ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सभी वन कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल को अवैध खनन करने वाले अभ्रक माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और वन विभाग में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। रेंजर ने यह भी बताया कि अवैध खनन और वनों की कटाई की रोकथाम के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी रहेगा और अवैध खनन करने वाले माफियाओं को चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस दौरान रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल समेत कई वनकर्मी व पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। वहीं, दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बिहार राज्य के नवादा जिले के रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के चटकरी, बाराटांड़, झलकडीहा, ढकनीछोर और झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के डोमचांच व सपही से आने वाले अभ्रक माफियाओं द्वारा रजौली प्रखंड के ललकी, टिटहियां, अगलगवा, सेठवा, फगुनी, टोपा पहाड़ी, चटकरी, धनकुटवा, कोरैया व बुढ़ियासांख क्षेत्र के पननमा माइंस के पास वर्षों से बड़े पैमाने पर अभ्रक का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम कभी भी इन खनन स्थलों पर छापेमारी करने नहीं जाती, जिससे बिहार-झारखंड क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।2
- कोडरमा में जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से स्थानांतरित किए जाने के विरोध में छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने रांची-पटना रोड को जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।1
- जन सुराज सुप्रीमो पीके सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए लोगों पर तीखा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने बच्चों का भविष्य मात्र दस हज़ार रुपए में बेच दिया है।1
- एक कार्यक्रम में, पूर्व सिविल सर्जन डॉ॰ विमल सिंह के हाथों 'छत्रपति शिवाजी सेवा संस्थान' द्वारा प्रशस्तिपत्र और मोमेंटो प्राप्त कर सम्मानित होने का अवसर मिला। यह सम्मान समाज सेवा और रक्तदान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जिस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने अब तक कई बार रक्तदान किया है और उनका मानना है कि रक्तदान किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने का सबसे सरल और महान माध्यम है। रक्त की आवश्यकता किसी को भी, कभी भी पड़ सकती है, यही कारण है कि स्वस्थ व्यक्तियों को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। सभी से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे आगे आएं, रक्तदान करें और मानवता की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें, क्योंकि उनका एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है।3
- गिरिडीह जिले के नवडीहा क्षेत्र में नकली शराब की एक मिनी फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से 7 लाख रुपये से अधिक मूल्य की नकली शराब, मशीनें और अन्य संबंधित सामग्री बरामद की गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, और मामले की जांच फिलहाल जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की आपूर्ति कहाँ से हो रही थी और इस पूरे अवैध धंधे के पीछे कौन-कौन शामिल है।1
- जनता ने सर्विस रोड निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में, मनोज कुमार यादव ने यह स्पष्ट किया है कि जनता की समस्या उनकी पहली प्राथमिकता है।1
- एक वीडियो में दिखाया गया है कि अभिषेक बनर्जी पर किस तरह से हमला किया गया।1