रात्रि भ्रमण के दौरान वारिसलीगंज रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने अपना नाम संतोष मांझी बताया। बातचीत से पता चला कि संतोष मांझी के दो बच्चे हैं, उनकी पत्नी का 10 साल पहले निधन हो चुका है, और घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। वे घूम-घूम कर मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इस मुलाकात के दौरान, पुलिस ने संतोष मांझी से पूछा कि ₹500 मिलने पर वे कितने दिन घर पर आराम कर पाएंगे, जिसके जवाब में उन्होंने 10 दिन का समय बताया। इस पर, पुलिस ने उन्हें ₹500 दिए और निर्देश दिया कि वे 10 दिन तक घर पर आराम करें। साथ ही, उनसे कहा गया कि 10 दिन बाद वे थाना आएं, जहाँ उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें मांगने की आवश्यकता न पड़े और वे आराम से घर में रह सकें। इस बातचीत के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों को अपने बुजुर्गों और अभिभावकों को प्यार देना चाहिए।
रात्रि भ्रमण के दौरान वारिसलीगंज रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने अपना नाम संतोष मांझी बताया। बातचीत से पता चला कि संतोष मांझी के दो बच्चे हैं, उनकी पत्नी का 10 साल पहले निधन हो चुका है, और घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। वे घूम-घूम कर मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इस मुलाकात के दौरान, पुलिस ने संतोष मांझी से पूछा कि ₹500 मिलने पर वे कितने दिन घर पर आराम कर पाएंगे, जिसके जवाब में उन्होंने 10 दिन का समय बताया। इस पर, पुलिस ने उन्हें ₹500 दिए और निर्देश दिया कि वे 10 दिन तक घर पर आराम करें। साथ ही, उनसे कहा गया कि 10 दिन बाद वे थाना आएं, जहाँ उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें मांगने की आवश्यकता न पड़े और वे आराम से घर में रह सकें। इस बातचीत के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों को अपने बुजुर्गों और अभिभावकों को प्यार देना चाहिए।
- रात्रि भ्रमण के दौरान वारिसलीगंज रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिसने अपना नाम संतोष मांझी बताया। बातचीत से पता चला कि संतोष मांझी के दो बच्चे हैं, उनकी पत्नी का 10 साल पहले निधन हो चुका है, और घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। वे घूम-घूम कर मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इस मुलाकात के दौरान, पुलिस ने संतोष मांझी से पूछा कि ₹500 मिलने पर वे कितने दिन घर पर आराम कर पाएंगे, जिसके जवाब में उन्होंने 10 दिन का समय बताया। इस पर, पुलिस ने उन्हें ₹500 दिए और निर्देश दिया कि वे 10 दिन तक घर पर आराम करें। साथ ही, उनसे कहा गया कि 10 दिन बाद वे थाना आएं, जहाँ उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें मांगने की आवश्यकता न पड़े और वे आराम से घर में रह सकें। इस बातचीत के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों को अपने बुजुर्गों और अभिभावकों को प्यार देना चाहिए।1
- शुक्रवार की रात बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में वन कर्मियों ने अवैध अभ्रक खनन कर भाग रहे एक पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के वर्तमान मुखिया नारायण सिंह के घर के पास से जब्त कर लिया। वन विभाग के गश्ती दल ने बसरोन जंगल से अभ्रक लादकर भाग रहे माफियाओं का पीछा किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वन विभाग के वनरक्षी और वन कर्मी सवैयाटांड़ पंचायत के वन क्षेत्र में गश्त पर थे, तभी उन्हें बसरोन वन क्षेत्र में अवैध अभ्रक खनन की गुप्त सूचना मिली। खनन स्थल पर पहुंचने पर उन्होंने अभ्रक माफियाओं को एक पिकअप वैन में अभ्रक भरते देखा। वन कर्मियों को देखते ही माफिया अभ्रक भरना छोड़कर आधे-अधूरे लदे पिकअप वैन के साथ जंगल से भाग निकले। वन कर्मियों ने तुरंत उनका पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा किए जाने पर अभ्रक माफिया पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के मुखिया नारायण सिंह के घर के दरवाजे के पास लगाकर जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। माफियाओं ने पिकअप को जब्त होने से बचाने के लिए उसकी बैटरी और स्टार्ट करने वाली सामग्री भी खोल ली थी। वन कर्मियों ने जब्त पिकअप वैन की सूचना रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय के रेंजर नारायण लाल सेवक को दी। सूचना मिलने पर रेंजर नारायण लाल सेवक वन विभाग और रजौली पुलिस की संयुक्त टीम के साथ सवैयाटांड़ पहुंचे और जब्त पिकअप वैन को बसरोन से रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय ले आए। पिकअप वैन को कार्यालय लाने के लिए शनिवार सुबह रजौली से जेसीबी मशीन मंगवाकर खींचना पड़ा, क्योंकि रेंजर ने रातभर जंगल में बिताया था। रेंजर नारायण लाल सेवक ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सभी वन कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल को अवैध खनन करने वाले अभ्रक माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और वन विभाग में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। रेंजर ने यह भी बताया कि अवैध खनन और वनों की कटाई की रोकथाम के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी रहेगा और अवैध खनन करने वाले माफियाओं को चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस दौरान रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल समेत कई वनकर्मी व पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। वहीं, दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बिहार राज्य के नवादा जिले के रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के चटकरी, बाराटांड़, झलकडीहा, ढकनीछोर और झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के डोमचांच व सपही से आने वाले अभ्रक माफियाओं द्वारा रजौली प्रखंड के ललकी, टिटहियां, अगलगवा, सेठवा, फगुनी, टोपा पहाड़ी, चटकरी, धनकुटवा, कोरैया व बुढ़ियासांख क्षेत्र के पननमा माइंस के पास वर्षों से बड़े पैमाने पर अभ्रक का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम कभी भी इन खनन स्थलों पर छापेमारी करने नहीं जाती, जिससे बिहार-झारखंड क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।2
- देश में प्रमुख परीक्षाओं के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना तक लगानी पड़ रही है और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की मार्किंग में भी गलतियाँ सामने आई हैं। इन घटनाओं से यह मूलभूत प्रश्न उठता है कि आखिर क्यों देश के बड़े एग्जाम सही ढंग से नहीं हो पा रहे हैं।1
- नवादा सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिला परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी ने अधिकारियों की क्लास लगाई है। अस्पताल की दयनीय और बदहाल स्थिति पर अध्यक्षा पुष्पा देवी ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए अपनी नाराजगी जताई, जिसके चलते अधिकारियों को जवाब देना पड़ा।1
- पूरे देश में प्रतिष्ठित NEET परीक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या यह सिर्फ एक 'व्यावसायिक धंधा' बनकर रह गई है।1
- कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में ECLGS योजना के अंतर्गत ऋणों का वितरण किया गया। इस पहल के तहत, कुल 25 लाभुकों को इसका फायदा पहुँचा।1
- शनिवार, 30 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) नवादा जिला इकाई के जिला अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नवादा शहर स्थित 3 नंबर बस स्टैंड के समीप मोर्या गार्डन में एक महत्वपूर्ण बैठक और चुनाव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से पार्टी के क्रियाशील सदस्य, पंचायत अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन के दौरान केवल विनय कुशवाहा का नाम सामने आया और किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। परिणामस्वरूप, चुनाव पदाधिकारियों ने विनय कुशवाहा को निर्विरोध जिला अध्यक्ष घोषित कर दिया। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई, और उपस्थित लोगों ने तालियों तथा नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। नव-निर्वाचित जिला अध्यक्ष विनय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि वे पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों के अनुरूप पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सौंपी गई जिम्मेदारी पर खरा उतरने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की देखरेख जिला संयोजक राजेन्द्र कुशवाहा ने की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पंचायत एवं प्रखंड स्तर के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विनय कुशवाहा के निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुने जाने पर उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- एक वीडियो में दिखाया गया है कि अभिषेक बनर्जी पर किस तरह से हमला किया गया।1