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एक महत्वपूर्ण खबर के अनुसार, आउटसोर्सिंग और ठेका अनुबंधित कर्मचारियों के लिए 'ऐसे' अधिकारियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस संदर्भ में, 'सर जी' नवेट खान की जमकर सराहना की गई है, यह दर्शाता है कि उनकी कार्यशैली और योगदान को अत्यधिक प्रशंसनीय माना जा रहा है।
Naved khan
एक महत्वपूर्ण खबर के अनुसार, आउटसोर्सिंग और ठेका अनुबंधित कर्मचारियों के लिए 'ऐसे' अधिकारियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस संदर्भ में, 'सर जी' नवेट खान की जमकर सराहना की गई है, यह दर्शाता है कि उनकी कार्यशैली और योगदान को अत्यधिक प्रशंसनीय माना जा रहा है।
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- भोपाल में भगवा पार्टी ने वक्फ बोर्ड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहे से एक प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वक्फ बोर्ड की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि की गई, जिसके बाद वक्फ बोर्ड को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल के महीनों में वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों से जुड़े कई विवाद और विरोध प्रदर्शन देशभर में सामने आए हैं, जिसने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में रखा है। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा होकर वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र पढ़े गए और प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर वक्फ बोर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भारत सनातन परंपराओं का देश है और यहां का कानून संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए वक्फ बोर्ड को बढ़ावा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि हाल ही में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन से संबंधित विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद विभिन्न राज्यों में देखे गए हैं।1
- भोपाल में हाउसिंग बोर्ड स्थित गैस राहत कॉलोनी के छः घरा रोड की सड़क पिछले पाँच वर्षों से बदहाल पड़ी है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क पाँच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही इसका डामर पूरी तरह उखड़ गया था। अब, वर्ष 2026 में भी इस सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बताया गया है कि नरेला विधानसभा के मंत्री विश्वास सारंग ने लॉकडाउन के समय नगर निगम से यह 'महान कार्य' करवाया था।2
- ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक महत्वपूर्ण मांग की है। कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था का इंतज़ाम किए, लोगों के आशियाने और उनके रोजगार को उजाड़ा न जाए।1
- ए एम न्यूज के रिपोर्टर फैसल खान ने ओल्ड भोपाल के जुमराती रोड, अलीगंज, पुराना पोस्ट ऑफिस चौकी और इमामबाड़ा रोड पर जलभराव की गंभीर स्थिति पर रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 10 मिनट की बारिश में ही इन सड़कों पर भारी पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, निगम से तत्काल हस्तक्षेप कर इस परेशानी का स्वयं समाधान करने का अनुरोध किया गया है।1
- यह पोस्ट देशभक्ति के दो अलग-अलग प्रकारों को व्यंग्यात्मक ढंग से परिभाषित करती है। पहले प्रकार में पाकिस्तान का नाम सुनते ही खून खौल उठता है, वहीं दूसरे प्रकार में अमेरिका का नाम सुनते ही 'आंदभक्तों' के होश उड़ जाते हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि ये 'आंड़भक्त' अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरों की पूजा करते हुए उन्हें अपना 'बाप' बनाए बैठे थे। इसके बावजूद, ट्रम्प ने, यह जानते हुए भी कि वे जहाज भारत के हैं, कथित तौर पर तीन जहाज मार दिए। पोस्ट के अनुसार, ट्रम्प ने यह कहकर चुनौती दी कि "जो करना है कर लो," क्योंकि उन्हें 'इन लोगों के पापा' के बारे में अच्छे से मालूम है।1
- मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के सफल कार्यकाल के १२ वर्ष पूरे होने पर गर्व और गौरव व्यक्त किया, साथ ही बताया कि मध्य प्रदेश भाजपा देश में एक विशिष्ट स्थान रखती है। उन्होंने राहुल कोठारी की महामंत्री के रूप में प्रभावी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा को मिली जीत इतनी बड़ी और अप्रत्याशित थी कि उन्हें भी ऐसी जीत मिलने का अंदाजा नहीं था, यह एक 'छप्पर फाड़' जीत थी। मुख्यमंत्री ने भाजपा की गौरवशाली परंपरा का जिक्र किया, जिसके तहत सामान्य कार्यकर्ताओं को, यहाँ तक कि किसी संत को भी, उच्च सदन में पहुँचाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह 'राजजी का जमाना' है, इसलिए महेश केवट को भी उच्च सदन में आना था, और उन्होंने महेश केवट को सौभाग्यशाली बताया। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कांग्रेस पूछ रही है कि भाजपा अपने उम्मीदवार कहाँ से लाती है, जबकि भाजपा 'सबका हिसाब, सबका विकास' करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार ने झूठ बोला था और कांग्रेस को ७५ सीटों की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने अपने २५ विधायक भी नहीं उठाए क्योंकि उन्हें पता था कि उनका नामांकन खारिज हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अपने लोगों ने ही भाजपा को यह जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस नामांकन पर आपत्ति उठा सकती थी, लेकिन नहीं उठाई क्योंकि भाजपा के नामांकन में कोई गलती नहीं थी। अधिकारी ने कांग्रेस को अपना पक्ष रखने का समय भी दिया था, और उनके वकीलों ने भी गलती स्वीकार की, जिसके कारण उनका नामांकन निरस्त हो गया। इसी कारण महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि उनका कोई विरोधी नहीं बचा था।1
- पटना की ट्रेनों में विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराए जाने का दावा पिछले 12 सालों से महज़ एक नौटंकी बनकर रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। स्थिति यह है कि इन ट्रेनों में यात्रा करना अपनी जान को सीधे तौर पर जोखिम में डालने जैसा है। इस गंभीर और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए, बुलेट ट्रेन के लिए मुहिम चलाने वाले तथाकथित स्वनामधन्य और आत्ममुग्ध बुद्धिजीवियों से आग्रह किया गया है कि उन्हें एक बार यह वीडियो अवश्य देखनी चाहिए ताकि वे वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें।1