भोपाल में भगवा पार्टी ने वक्फ बोर्ड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहे से एक प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वक्फ बोर्ड की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि की गई, जिसके बाद वक्फ बोर्ड को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल के महीनों में वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों से जुड़े कई विवाद और विरोध प्रदर्शन देशभर में सामने आए हैं, जिसने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में रखा है। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा होकर वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र पढ़े गए और प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर वक्फ बोर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भारत सनातन परंपराओं का देश है और यहां का कानून संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए वक्फ बोर्ड को बढ़ावा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि हाल ही में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन से संबंधित विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद विभिन्न राज्यों में देखे गए हैं।
भोपाल में भगवा पार्टी ने वक्फ बोर्ड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहे से एक प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वक्फ बोर्ड की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि की गई, जिसके बाद वक्फ बोर्ड को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल के महीनों में वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों से जुड़े कई विवाद और विरोध प्रदर्शन देशभर में सामने आए हैं, जिसने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में रखा है। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा होकर वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र पढ़े गए और प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर वक्फ बोर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भारत सनातन परंपराओं का देश है और यहां का कानून संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए वक्फ बोर्ड को बढ़ावा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि हाल ही में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन से संबंधित विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद विभिन्न राज्यों में देखे गए हैं।
- राजधानी भोपाल के रेत घाट पर एसीपी चंद्रशेखर पांडे के नेतृत्व में एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत हेलमेट और सीट बेल्ट की जांच करते हुए चालानी कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक पुलिस को देखते ही अपने वाहन वापस मोड़ते हुए नजर आए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के फोटो लेकर उन्हें ई-चालान भी भेजे जा रहे हैं।1
- भोपाल में गोविंदपुरा पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए एक महिला का खोया हुआ बैग 24 घंटे के भीतर खोज निकाला। इस बैग में 20 लाख रुपये के जेवरात थे, जो महिला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसकी मदद से आखिरकार गुम हुआ बैग ढूंढ लिया गया और उसे संबंधित महिला को सुरक्षित वापस लौटा दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी की नर्मदा नदी में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन जारी है। जहाजपुरा, जजाना, बाबरी, नहलाई, माठगांव, आवली घाट, जाजाना, बाबरी, डीमावार, बाबरी, अम्बा जाहिद, अम्बा, वडगांव, नीलकंठ, छिदगांव और कच्छी जैसे विभिन्न घाटों पर रेत माफिया रात भर सक्रिय रहते हैं। इन खनन स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड और पनडुब्बियों जैसी भारी मशीनों का मेला लगा रहता है, जिससे बिना किसी सुरक्षा के और जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। सीहोर जिले में हो रही इस पूरी गतिविधि के बावजूद, जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर 'कुंभकर्ण की नींद' में सोए रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने विला केरीलोस का दौरा किया।1
- भोपाल में हाउसिंग बोर्ड स्थित गैस राहत कॉलोनी के छः घरा रोड की सड़क पिछले पाँच वर्षों से बदहाल पड़ी है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क पाँच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही इसका डामर पूरी तरह उखड़ गया था। अब, वर्ष 2026 में भी इस सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बताया गया है कि नरेला विधानसभा के मंत्री विश्वास सारंग ने लॉकडाउन के समय नगर निगम से यह 'महान कार्य' करवाया था।2
- ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक महत्वपूर्ण मांग की है। कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था का इंतज़ाम किए, लोगों के आशियाने और उनके रोजगार को उजाड़ा न जाए।1
- भोपाल में भगवा पार्टी ने वक्फ बोर्ड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहे से एक प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वक्फ बोर्ड की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि की गई, जिसके बाद वक्फ बोर्ड को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल के महीनों में वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों से जुड़े कई विवाद और विरोध प्रदर्शन देशभर में सामने आए हैं, जिसने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में रखा है। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा होकर वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र पढ़े गए और प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर वक्फ बोर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भारत सनातन परंपराओं का देश है और यहां का कानून संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए वक्फ बोर्ड को बढ़ावा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि हाल ही में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन से संबंधित विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद विभिन्न राज्यों में देखे गए हैं।1
- रायसेन दरगाह पर एक गंभीर हादसा हुआ है, जहाँ साहिल नामक एक व्यक्ति की बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब साहिल एक डीपी (विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर) पर लाइट सही करने का प्रयास कर रहा था। हादसे के बाद मृतक के शव को जिला अस्पताल लाया गया।1