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जैसलमेर में महिला की संदिग्ध हत्या, परिजनों ने गोली मारने का लगाया आरोप जैसलमेर से बड़ी खबर झिनझिनयाली थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला अभी भी उलझा हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला की गोली मारकर हत्या की गई है। ⚠️ महिला का शव अभी भी जिला मोर्चरी में रखा हुआ है और अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। 👥 परिजन और समाज के लोग मोर्चरी के बाहर एकत्र होकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। 👮‍♂️ पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

12 hrs ago
user_Dharmendra kumar
Dharmendra kumar
जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
12 hrs ago

जैसलमेर में महिला की संदिग्ध हत्या, परिजनों ने गोली मारने का लगाया आरोप जैसलमेर से बड़ी खबर झिनझिनयाली थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला अभी भी उलझा हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला की गोली मारकर हत्या की गई है। ⚠️ महिला का शव अभी भी जिला मोर्चरी में रखा हुआ है और अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। 👥 परिजन और समाज के लोग मोर्चरी के बाहर एकत्र होकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। 👮‍♂️ पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

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  • जैसलमेर, जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिले के समस्त अभिभावकों से अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अवश्य लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला कलक्टर ने जानकारी दी कि भारत सरकार के निर्देशानुसार यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ लें और अपनी बेटियों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य के लिए उन्हें समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसे एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। समय पर लगाया गया यह टीका बालिकाओं को दीर्घकालीन सुरक्षा प्रदान करता है। जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावकों को जागरूक करें और टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू एवं प्रभावी बनाएं। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें एवं वैज्ञानिक तथ्यों पर विश्वास करते हुए इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है।
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    जैसलमेर,  जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिले के समस्त अभिभावकों से अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अवश्य लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला कलक्टर ने जानकारी दी कि भारत सरकार के निर्देशानुसार यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ लें और अपनी बेटियों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य के लिए उन्हें समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसे एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। समय पर लगाया गया यह टीका बालिकाओं को दीर्घकालीन सुरक्षा प्रदान करता है।
जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावकों को जागरूक करें और टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू एवं प्रभावी बनाएं।
जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें एवं वैज्ञानिक तथ्यों पर विश्वास करते हुए इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है।
    user_Dharmendra kumar
    Dharmendra kumar
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सीमावर्ती जिले जैसलमेर में कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि 24 अप्रैल को जिले में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का पूर्वाभ्यास होगा। 5 मिनट के सायरन के साथ ही पूरे जिले को अपनी लाइटें, इनवर्टर और मोबाइल टॉर्च तक बंद रखने होंगे। जब तक 2 मिनट का 'ऑल क्लियर' सायरन न बजे, तब तक अंधेरा रखना अनिवार्य है। यह अभ्यास हमें युद्ध या आपदा जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
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    सीमावर्ती जिले जैसलमेर में कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि 24 अप्रैल को जिले में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का पूर्वाभ्यास होगा। 5 मिनट के सायरन के साथ ही पूरे जिले को अपनी लाइटें, इनवर्टर और मोबाइल टॉर्च तक बंद रखने होंगे। जब तक 2 मिनट का 'ऑल क्लियर' सायरन न बजे, तब तक अंधेरा रखना अनिवार्य है। यह अभ्यास हमें युद्ध या आपदा जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
    user_Chandrabhan Solanki Journalist
    Chandrabhan Solanki Journalist
    Local News Reporter जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • कांग्रेस के 'संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत शुक्रवार, 24 अप्रैल को पोकरण विधानसभा क्षेत्र के फलसूंड में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पूरे जैसलमेर जिले के कार्यकर्ता व पदाधिकारी जुटे हैं और फलसूंड में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संगठन की जड़ों को और अधिक सशक्त करना व वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार करेंगे और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। फलसूंड को इस आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है, जहाँ जिले भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
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    कांग्रेस के 'संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत शुक्रवार, 24 अप्रैल को पोकरण विधानसभा क्षेत्र के फलसूंड में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पूरे जैसलमेर जिले के कार्यकर्ता व पदाधिकारी जुटे हैं और फलसूंड में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संगठन की जड़ों को और अधिक सशक्त करना व वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार करेंगे और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। फलसूंड को इस आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है, जहाँ जिले भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
    user_Gopal singh jodha
    Gopal singh jodha
    Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • अगर किसी भाई बहन की सादी हो हलवाई कि जरूरत है बाड़मेर बालोतरा जैसलमेर सिणधरी साचोर धोरीमन्ना और आस पास के गांव में हो तो संपर्क करें 7023942952हलवाई हरदेव जाखङ अपना भाई जायडु ओर सनावड़ा में अपनी दुकान है वाजिब दाम में काम हो जाऐगा @prem_jakhar_jaydu इंस्टा आईडी है फोलो करें
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    अगर किसी भाई बहन की सादी हो हलवाई कि जरूरत है बाड़मेर बालोतरा जैसलमेर सिणधरी साचोर धोरीमन्ना और आस पास के गांव में हो तो संपर्क करें 7023942952हलवाई हरदेव जाखङ अपना भाई जायडु ओर सनावड़ा में अपनी दुकान है  वाजिब दाम में काम हो जाऐगा @prem_jakhar_jaydu   इंस्टा आईडी है फोलो करें
    user_Premjakhar Premjakhar
    Premjakhar Premjakhar
    Video Creator बाड़मेर, बाड़मेर, राजस्थान•
    35 min ago
  • Post by Gena Ran
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    Post by Gena Ran
    user_Gena Ran
    Gena Ran
    बाड़मेर, राजस्थान•
    36 min ago
  • बाड़मेर
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    बाड़मेर
    user_@sawai parihar 🆔 youtub chena
    @sawai parihar 🆔 youtub chena
    Taxi Driver बाड़मेर ग्रामीण, बाड़मेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • बाड़मेर बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा पचपदरा रिफाइनरी की भीषण आगजनी और PM सुरक्षा में हुई चूक पर सरकार का रवैया "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे" जैसा है। विश्व स्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाली HPCL रिफाइनरी में प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित दौरे से मात्र 20 घंटे पहले 20 अप्रैल को मुख्य प्रोसेसिंग CDU-VDU यूनिट में आग लग जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और PM की सुरक्षा में चूक व गंभीर लापरवाही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। लेकिन बड़ा अफसोस यह हैं कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद चार दिन बाद भी किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया। केवल पचपदरा थानाधिकारी, CI अचलाराम ढाका को निलंबित किया गया है। क्या इतनी गंभीर घटना पर यही जवाबदेही तय होती है? कारण यह बताया गया कि 20 अप्रैल 2026 को शाम 07:00 बजे एक युवक ने सभास्थल के पांडाल में वीआईपी मूवमेंट क्षेत्र, मंच और डी-ब्लॉक के पास जाकर वीडियो बना लिया। जबकि इससे पहले शाम 05:00 बजे पेट्रोलियम मंत्रालय ने X (ट्विटर) पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने की घोषणा कर दी थी। इसके तुरंत बाद 06:50 बजे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी ने भी कार्यक्रम रद्द/स्थगित होने की सूचना जारी कर दी थी। ऐसे में आगजनी जैसी गंभीर घटना को नजरअंदाज कर इस प्रकार के कारण प्रस्तुत करना न केवल हास्यास्पद प्रतीत होता है, बल्कि यह शासन और सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। जब कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था, तब खाली मंच पर किसी युवक द्वारा वीडियो बना लेना “प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक” मानकर SHO को निलंबित करना क्या न्यायसंगत है? वहीं दूसरी ओर, रिफाइनरी में हुई भीषण आगजनी, जिससे देश की संपत्ति को करोड़ों का नुकसान हुआ, उस पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? – तो क्या प्रधानमंत्री की सुरक्षा में वास्तविक चूक वह आगजनी नहीं थी, बल्कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद बना यह वीडियो था? – क्या PM और CM के दौरे की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सिर्फ एक थानेदार पर होता है? जबकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG और उच्चाधिकारियों के अधीन होती है। – रिफाइनरी के अंदर हुई आगजनी की घटना क्या सुरक्षा तंत्र की लापरवाही, प्रबंधन की तकनीकी खामियों और संभावित भ्रष्टाचार को भी उजागर नहीं करती हैं? इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? – चार दिन बाद भी जवाबदेही तय करने के बजाय लीपापोती क्यों की जा रही है? यह गंभीर संदेह उत्पन्न करता है कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है? – यदि घटना के 7 घंटे बाद PM के कार्यक्रम के स्थगन का आधिकारिक आदेश जारी हो चुका था और टेंट/डोम लगाने वाली कंपनी ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था, तो शाम 07:00 बजे किस प्रकार की सुरक्षा का प्रश्न रह जाता है? वहीं पिछले वर्ष 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा जिले के नापला गांव में PM मोदी जी की जनसभा के दौरान तकनीकी खराबी के कारण 10 मिनट के लिए वीडियो सिस्टम बंद हो गया था। उस समय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की एक IAS अधिकारी को उसी दिन तत्काल APO कर दिया गया था। लेकिन पचपदरा रिफाइनरी की इस गंभीर घटना जिसने प्रधानमंत्री की सुरक्षा, देश की संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय छवि तीनों को प्रभावित किया उसमें चार दिन बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? – क्या रिफाइनरी में आग लगना इतनी बड़ी घटना नहीं है कि 4 दिन बाद भी किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई न हो? – क्या जांच एजेंसियों को अब तक किसी की गलती नजर नहीं आई है? – क्या एक वीडियो सिस्टम की तकनीकी खराबी, प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी इस गंभीर घटना से बड़ी थी? – क्या बांसवाड़ा की तकनीकी खराबी, रिफाइनरी में हुए करोड़ों के नुकसान से भी अधिक गंभीर थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई हुई? पचपदरा की इस भीषण आगजनी और सुरक्षा में इतनी बड़ी ढिलाई पर अब तक किसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इससे यह साफ है कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सरकार बताए कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है?
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    बाड़मेर 
बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा पचपदरा रिफाइनरी की भीषण आगजनी और PM सुरक्षा में हुई चूक पर सरकार का रवैया "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे" जैसा है।
विश्व स्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाली HPCL रिफाइनरी में प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित दौरे से मात्र 20 घंटे पहले 20 अप्रैल को मुख्य प्रोसेसिंग CDU-VDU यूनिट में आग लग जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और PM की सुरक्षा में चूक व गंभीर लापरवाही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
लेकिन बड़ा अफसोस यह हैं कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद चार दिन बाद भी किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया। केवल पचपदरा थानाधिकारी, CI अचलाराम ढाका को निलंबित किया गया है। क्या इतनी गंभीर घटना पर यही जवाबदेही तय होती है?
कारण यह बताया गया कि 20 अप्रैल 2026 को शाम 07:00 बजे एक युवक ने सभास्थल के पांडाल में वीआईपी मूवमेंट क्षेत्र, मंच और डी-ब्लॉक के पास जाकर वीडियो बना लिया। जबकि इससे पहले शाम 05:00 बजे पेट्रोलियम मंत्रालय ने X (ट्विटर) पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने की घोषणा कर दी थी। इसके तुरंत बाद 06:50 बजे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी ने भी कार्यक्रम रद्द/स्थगित होने की सूचना जारी कर दी थी।
ऐसे में आगजनी जैसी गंभीर घटना को नजरअंदाज कर इस प्रकार के कारण प्रस्तुत करना न केवल हास्यास्पद प्रतीत होता है, बल्कि यह शासन और सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। जब कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था, तब खाली मंच पर किसी युवक द्वारा वीडियो बना लेना “प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक” मानकर SHO को निलंबित करना क्या न्यायसंगत है?
वहीं दूसरी ओर, रिफाइनरी में हुई भीषण आगजनी, जिससे देश की संपत्ति को करोड़ों का नुकसान हुआ, उस पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
– तो क्या प्रधानमंत्री की सुरक्षा में वास्तविक चूक वह आगजनी नहीं थी, बल्कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद बना यह वीडियो था?
– क्या PM और CM के दौरे की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सिर्फ एक थानेदार पर होता है? जबकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG और उच्चाधिकारियों के अधीन होती है।
– रिफाइनरी के अंदर हुई आगजनी की घटना क्या सुरक्षा तंत्र की लापरवाही, प्रबंधन की तकनीकी खामियों और संभावित भ्रष्टाचार को भी उजागर नहीं करती हैं? इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
– चार दिन बाद भी जवाबदेही तय करने के बजाय लीपापोती क्यों की जा रही है? यह गंभीर संदेह उत्पन्न करता है कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है?
– यदि घटना के 7 घंटे बाद PM के कार्यक्रम के स्थगन का आधिकारिक आदेश जारी हो चुका था और टेंट/डोम लगाने वाली कंपनी ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था, तो शाम 07:00 बजे किस प्रकार की सुरक्षा का प्रश्न रह जाता है?
वहीं पिछले वर्ष 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा जिले के नापला गांव में PM मोदी जी की जनसभा के दौरान तकनीकी खराबी के कारण 10 मिनट के लिए वीडियो सिस्टम बंद हो गया था। उस समय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की एक IAS अधिकारी को उसी दिन तत्काल APO कर दिया गया था।
लेकिन पचपदरा रिफाइनरी की इस गंभीर घटना जिसने प्रधानमंत्री की सुरक्षा, देश की संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय छवि तीनों को प्रभावित किया उसमें चार दिन बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
– क्या रिफाइनरी में आग लगना इतनी बड़ी घटना नहीं है कि 4 दिन बाद भी किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई न हो?
– क्या जांच एजेंसियों को अब तक किसी की गलती नजर नहीं आई है?
– क्या एक वीडियो सिस्टम की तकनीकी खराबी, प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी इस गंभीर घटना से बड़ी थी?
– क्या बांसवाड़ा की तकनीकी खराबी, रिफाइनरी में हुए करोड़ों के नुकसान से भी अधिक गंभीर थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई हुई?
पचपदरा की इस भीषण आगजनी और सुरक्षा में इतनी बड़ी ढिलाई पर अब तक किसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इससे यह साफ है कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सरकार बताए कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है?
    user_Jitesh
    Jitesh
    Local News Reporter बाड़मेर, बाड़मेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • जैसलमेर, । जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि 24 अप्रैल (शुक्रवार) को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट पूर्वाभ्यास के दौरान किसी प्रकार का पैनिक न करें, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह सक्रिय भागीदारी निभाएं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार होने वाला यह अभ्यास केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन, पुलिस, नागरिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की तत्परता और समन्वय की भी परख की जाएगी। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि इस दौरान हॉटलाइन एवं रेडियो संचार, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, ब्लैकआउट व्यवस्था, चिकित्सा, अग्निशमन एवं रसद सेवाओं का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों से इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि वे आपदा के समय समाज के सशक्त सहयोगी बन सकें। *ब्लैकआउट के दौरान रखें विशेष सावधानी* जिला कलक्टर जोरवाल ने बताया कि अभ्यास के तहत 5 मिनट का सायरन हवाई हमले के संकेत के रूप में बजेगा। सायरन बजते ही सभी नागरिक अपने घरों एवं आसपास की सभी प्रकार की लाइटें - बिजली, इनवर्टर, जनरेटर, मोबाइल टॉर्च, वाहन लाइट, रोड लाइट, हाईमास्ट एवं हाईवे लाइट तुरंत बंद कर दें। उन्होंने बताया कि जब तक 2 मिनट का “ऑल क्लियर” सायरन नहीं बजता, तब तक कोई भी लाइट चालू न करें। ब्लैकआउट की कुल अवधि लगभग 15 मिनट रहेगी। जिला कलक्टर ने अपील करते हुए कहा कि यह अभ्यास किसी भी प्रकार की वास्तविक आपदा नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी नागरिक इसे सीखने और जागरूक बनने के अवसर के रूप में लें एवं अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जिले को आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाने में सहयोग करें।
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    जैसलमेर, । जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि 24 अप्रैल (शुक्रवार) को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट पूर्वाभ्यास के दौरान किसी प्रकार का पैनिक न करें, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार होने वाला यह अभ्यास केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन, पुलिस, नागरिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की तत्परता और समन्वय की भी परख की जाएगी। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि इस दौरान हॉटलाइन एवं रेडियो संचार, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, ब्लैकआउट व्यवस्था, चिकित्सा, अग्निशमन एवं रसद सेवाओं का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों से इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि वे आपदा के समय समाज के सशक्त सहयोगी बन सकें।
*ब्लैकआउट के दौरान रखें विशेष सावधानी*
जिला कलक्टर जोरवाल ने बताया कि अभ्यास के तहत 5 मिनट का सायरन हवाई हमले के संकेत के रूप में बजेगा। सायरन बजते ही सभी नागरिक अपने घरों एवं आसपास की सभी प्रकार की लाइटें - बिजली, इनवर्टर, जनरेटर, मोबाइल टॉर्च, वाहन लाइट, रोड लाइट, हाईमास्ट एवं हाईवे लाइट तुरंत बंद कर दें।
उन्होंने बताया कि जब तक 2 मिनट का “ऑल क्लियर” सायरन नहीं बजता, तब तक कोई भी लाइट चालू न करें। ब्लैकआउट की कुल अवधि लगभग 15 मिनट रहेगी।
जिला कलक्टर ने अपील करते हुए कहा कि यह अभ्यास किसी भी प्रकार की वास्तविक आपदा नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी नागरिक इसे सीखने और जागरूक बनने के अवसर के रूप में लें एवं अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जिले को आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाने में सहयोग करें।
    user_Dharmendra kumar
    Dharmendra kumar
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    12 hrs ago
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