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- जैसलमेर में बदमाशों ने किसान की पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ट्रैक्टर और जीरा भी चुरा ले गए। हत्या के समय महिला घर पर अकेले ही थी। किसान किसी शादी में गया हुआ था। पति बुधवार दोपहर घर लौटा तो लहूलुहान हालत में पत्नी की बॉडी मकान के अंदर पड़ी हुई थी। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। एक आंख फूटकर बाहर आ चुकी थी और जबड़ा भी टूटा हुआ था। किसान ने पुलिस को सूचना दी। घटना झिझनियाली गांव से 2 किलोमीटर दूर बीरे की ढाणी की है। मृतका हथु देवी (50) और उसका पति अमराराम चौधरी मूल रूप से कानोड़ (बायतु) के निवासी हैं। करीब 13 साल से अपने खेत में लगे ट्यूबवेल पर रह रहे थे।1
- सड़क किनारे सो रहे मजदूरों पर चढ़ा ट्रेलर, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 4 मासूमों की हालत नाजुक झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी में शुक्रवार तड़के कच्चे रास्ते पर सो रहे एक भोपा परिवार को बेकाबू ट्रेलर ने कुचल दिया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। तीन अन्य बच्चों को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने भोड़की चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।1
- Post by विक्रम कुमार1
- जैसलमेर, जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिले के समस्त अभिभावकों से अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अवश्य लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला कलक्टर ने जानकारी दी कि भारत सरकार के निर्देशानुसार यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ लें और अपनी बेटियों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य के लिए उन्हें समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसे एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। समय पर लगाया गया यह टीका बालिकाओं को दीर्घकालीन सुरक्षा प्रदान करता है। जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावकों को जागरूक करें और टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू एवं प्रभावी बनाएं। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें एवं वैज्ञानिक तथ्यों पर विश्वास करते हुए इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है।2
- रेवदर कस्बे में कांडला हाईवे पर मारुति शोरूम के पास गुरुवार को एक सड़क हादसा हो गया। राजस्थान रोडवेज की बस और एक कार के बीच आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत रेवदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों घायल युवक धान और ईदरला गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, रोडवेज बस रेवदर से सिरोही की ओर जा रही थी और उसमें यात्री सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- जोधपुर | दिनांक: 23.04.2026 *जोधपुर डिस्कॉम जोधपुर ,जिले में 'निजीकरण' के विरुद्ध रैली का आगाज;* जोधपुर शहर सहित जोधपुर जिले के सभी उपखण्ड बिलाड़ा पीपाड़ बोरुंदा बावड़ी भोपालगंद्ध नानदड़ी माथानिया ओसिया मटोड़ा शेरगढ़ बालेसर तिवरी सालावस मंडोर लूणी उपखडो में हजारों बिजली कार्मिकों ने संभाला मोर्चा,समिति के संयोजक उमेद राम चौधरी ने बताया कि भारी संख्या में अधिकारियों व कर्मचारियों नेआक्रोषित रूप लेते हुए 23अप्रेल को OLD POWER HAUSE मैं इकट्ठे होकर नारेबाजी करते हुए शांतिपूर्ण अनुशासनात्मक विरोध प्रदर्शन कर oph से रैली के माध्यम से कलेक्ट्रेट कार्यलय पर प्रदर्शन कर जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया जोधपुर। जोधपुर विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरुद्ध संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले सभी 14 जिलों में 30 अप्रैल को अभूतपूर्व कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। डिस्कॉम के प्रत्येक उपखंड (Sub-division) और वृत्त (Circle) कार्यालय पर तकनीकी कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक ने लामबंद होकर राज्य सरकार की 'निजीकरण नीति' के खिलाफ हुंकार भरी और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय किया प्रमुख घटनाक्रम और व्यापकता: आज के विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जोधपुर शहर, जोधपुर ग्रामीण, के सभी वर्ग के कार्मिकों , अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्पष्ट संदेश है कि जोधपुर डिस्कॉम को 'पायलट प्रोजेक्ट फ्रेंचाइजी ppp मोड़ mbc या डिस्कोम को चार भागो मे बाटना बिल्कुल भी मंजूर नहीं होगा और निजीकरण ' के नाम पर निजी हाथों की कठपुतली नहीं बनने दिया जाएगा। ज्ञापन के मुख्य बिंदु एवं गंभीर तर्क: * करोडो अरबो रूपये का संरक्षण: संघर्ष समिति ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई कि जब केंद्र और राज्य सरकारव कर्मचारियों की मेहनत से तैयार करोडो अरबो की भारी राशि से डिस्कॉम का बुनियादी ढांचा सम्पति (Infrastructure) तैयार क नेटवर्क को निजी कंपनियों को मुनाफा कमाने के लिए सौंपना जनता के साथ विश्वासघात है। * विफल मॉडल्स का बार बार परीक्षण के पश्चात वर्ष 2000 मे जो घाटा 2500करोड़ था जिसे आज अरबो पार कराने के जिम्मेदारो अधिकारियो और नेताओं के विरुद्ध श्वेत पत्र क्यों नहीं कर्मचारियों पर दोषारोपण क्यों,ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि कोटा, बीकानेर और भरतपुर में निजी फ्रेंचाइजी मॉडल पूरी तरह विफल रहा है। निजी कंपनियां केवल मलाईदार क्षेत्रों का लाभ उठाती हैं और संकट के समय जिम्मेदारी से भाग जाती हैं। * उपभोक्ता विरोधी नीति: निजीकरण से न केवल कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा, बल्कि किसानों की सब्सिडी और आम उपभोक्ताओं की सस्ती बिजली पर भी सीधा प्रहार होगा। जारी रहेगा संघर्ष: संयुक्त संघर्ष समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध केवल प्रतीकात्मक नहीं है। आगे भी संपूर्ण जोधपुर डिस्कॉम में इसी प्रकार का उग्र विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि सरकार ने निजीकरण के इस आत्मघाती कदम को तुरंत वापस नहीं लिया, तो संघर्ष समिति आगामी दिनों में पूर्ण कार्य बहिष्कार और बिजली ठप करने जैसे कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी। एकजुटता की अपील: आज के सफल प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति ने सभी संविदा कर्मियों, तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों को बधाई देते हुए आह्वान किया है कि जब तक निजीकरण रूपी तलवार नहीं हटती, तब तक कोई भी पीछे नहीं हटेगा। , मीडिया प्रभारी संयुक्त संघर्ष समिति, जोधपुर डिस्कॉम1
- डीडवाना1
- Post by विक्रम कुमार1
- जैसलमेर, । जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि 24 अप्रैल (शुक्रवार) को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट पूर्वाभ्यास के दौरान किसी प्रकार का पैनिक न करें, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह सक्रिय भागीदारी निभाएं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार होने वाला यह अभ्यास केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन, पुलिस, नागरिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की तत्परता और समन्वय की भी परख की जाएगी। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि इस दौरान हॉटलाइन एवं रेडियो संचार, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, ब्लैकआउट व्यवस्था, चिकित्सा, अग्निशमन एवं रसद सेवाओं का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों से इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि वे आपदा के समय समाज के सशक्त सहयोगी बन सकें। *ब्लैकआउट के दौरान रखें विशेष सावधानी* जिला कलक्टर जोरवाल ने बताया कि अभ्यास के तहत 5 मिनट का सायरन हवाई हमले के संकेत के रूप में बजेगा। सायरन बजते ही सभी नागरिक अपने घरों एवं आसपास की सभी प्रकार की लाइटें - बिजली, इनवर्टर, जनरेटर, मोबाइल टॉर्च, वाहन लाइट, रोड लाइट, हाईमास्ट एवं हाईवे लाइट तुरंत बंद कर दें। उन्होंने बताया कि जब तक 2 मिनट का “ऑल क्लियर” सायरन नहीं बजता, तब तक कोई भी लाइट चालू न करें। ब्लैकआउट की कुल अवधि लगभग 15 मिनट रहेगी। जिला कलक्टर ने अपील करते हुए कहा कि यह अभ्यास किसी भी प्रकार की वास्तविक आपदा नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी नागरिक इसे सीखने और जागरूक बनने के अवसर के रूप में लें एवं अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जिले को आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाने में सहयोग करें।4