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युवक ने फांसी का फंदा बना किया आत्महत्या सूचना पर पुलिस जांच में जुटी घटना कल्हैपाट डीपा टोली में हुआ
आलोक कुमार
युवक ने फांसी का फंदा बना किया आत्महत्या सूचना पर पुलिस जांच में जुटी घटना कल्हैपाट डीपा टोली में हुआ
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- Post by AAM JANATA1
- महुआडांड़ (संवाददाता):नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी सियासी घमासान अब महुआडांड़ की सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ तीखा आक्रोश जताया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इतने अहम कानून पर कांग्रेस का रुख नकारात्मक रहा है, जिससे आम जनता में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे-सीधे महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। *मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल का तीखा बयान:* मौके पर मौजूद मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल ने दो टूक कहा,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने का मजबूत प्रयास है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने से पीछे हट रहे हैं। अब देश की जनता सब समझ रही है और ऐसे नेताओं को जवाब जरूर देगी।”उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है और इसे हर हाल में जमीन पर उतारना जरूरी है। *प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख चेहरे:* प्रशांत सिंह (मंडल अध्यक्ष), अमित जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, सुनील जायसवाल, दिलीप प्रसाद, संजय राय, विश्वनाथ राम, रोहित सिंह, विनोद कुमार सिंह, राजेंद्र सोनी, कृष्णा लोहारा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से मांग उठी कि अधिनियम को जल्द और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके1
- रांची के मौसम में अचानक करवट बदल आज दोपहर के बाद आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश हुआ है1
- लातेहार। हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर लातेहार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने काला बिला लगाकर विरोध किया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- रामप्रवेश गुप्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच महुआडांड़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम का समर्थन नहीं किया, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, अमित जाजवाल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल दिलीप जायसवाल सुनील जायसवाल दिलीप प्रसाद संजय राय विश्वनाथ राम रोहित सिंह विनोद कुमार सिंह राजेंद्र सोनी कृष्णा लोहारा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह अधिनियम ऐतिहासिक कदम है और इसका विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से मांग की कि इस कानून को जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।3
- Post by Sanjay kumar1
- महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था एक बार फिर मजाक बनकर रह गई है। हल्की आंधी-तूफान ने ही पूरे सिस्टम की पोल खोल दी—जैसे ही हवा चली, वैसे ही ‘बिजली रानी’ ने हाथ खड़े कर दिए और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जरा सी हवा या बूंदाबांदी होते ही बिजली सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल उठ रहा है कि जब हल्की आंधी में ही हालात ऐसे हैं, तो तेज तूफान या बारिश में क्या होगा?बिजली गुल होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया, वहीं गर्मी और उमस के बीच लोग रातभर बेहाल रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन दुरुस्त की जाती है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हर बार ‘जल्द सुधार’ का भरोसा देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।1
- Post by Sanjay kumar1
- रामप्रवेश गुप्ता गुरुवार को महुआडांड़ प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। संत मिखाईल स्कूल, साले से छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों से भरा एक टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में कक्षा 7 के छात्र अंकुर मिंज (ग्राम अक्सी) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों बच्चे घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छुट्टी के बाद करीब 30 बच्चे एक ही टेम्पो में ठूंस-ठूंसकर बैठाए गए थे। वाहन जब साले बस्ती पार कर मौनाडीह के पास मुख्य सड़क पर पहुंचा, तभी चालक के पास आगे 5-6 लोगों के बैठे होने के कारण स्टेयरिंग नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। संतुलन बिगड़ते ही टेम्पो अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ पहुंचाया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल गमगीन हो गया। घायलों में आर्तीक बाड़ा, सोनू एक्का, अवैश कुजुर, अनुज उरांव, शुभम खलखो, अनुरूपा एक्का, नेहा टोप्पो, प्रिज्मा केरकेट्टा, एंजेल टोप्पो, वर्तिका केरकेट्टा, अर्श मिंज, साक्षी टोप्पो समेत कई बच्चे शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है, जबकि कुछ को हल्की चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ओवरलोडिंग बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर बच्चों को रोजाना इसी तरह क्षमता से अधिक भरकर ले जाया जाता था, लेकिन प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पाई। गौरतलब है कि थाना प्रभारी द्वारा पूर्व में स्कूलों और कॉलेजों में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया था और ओवरलोडिंग पर सख्ती बरतने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद लापरवाही जारी रही। 👉 घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।2