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कचरा रखने वाला लाखों रुपया का सेट कचरा बन गया.😱 #shortvideo #shorts #viral #lohardaga #kachra
AAM JANATA
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More news from Jharkhand and nearby areas
- लातेहार उपायुक्त ने मंडल कारा एवं प्रखंड कार्यालय का किया औचक निरीक्षण।1
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज सूचना भवन सभागार में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें भारत की जनगणना 2027 को लेकर जिले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।2
- बुढ़मू प्रखंड के ग्राम मनातू में गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति की लंबी समस्या का अंत हो गया। विधायक प्रतिनिधि शमीम बढ़ेहार ने 25 केवी के नए ट्रांसफार्मर का फीता काटकर बुधवार को विधिवत उद्घाटन किया। पुराने ट्रांसफार्मर खराब होने से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे, लेकिन अब नियमित बिजली मिलने की उम्मीद जगी है। उद्घाटन के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने तहे दिल से कांके विधायक श्री सुरेश कुमार बैठा का आभार माना, जिनकी पहल से यह सुविधा संभव हुई। मौके पर मुदस्सिर एहरार, भूषण पहान, नरेश यादव, तापस यादव, राम किशोर पहान, कुदूस अंसारी, अंसारुल अंसारी, भोला यादव, गुलमोहमद अंसारी आदि उपस्थित रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह नई व्यवस्था गर्मी में उनकी परेशानी कम करेगी और दैनिक जीवन को सुगम बनाएगी।1
- गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे। *नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश* उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। *79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस* निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_ उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।2
- Post by Shamsher Alam1
- गुमला:- उपायुक्त का पदभार ग्रहण करने बाद दिलेश्वर महतो पहली बार घाघरा प्रखण्ड के कतरी और मसरिया का दौरा किया।सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर मसरिया और कतरी डैम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने अनेक त्रुटियां देखी। देखा कि नहर कई जगहों से टूट गया है जिससे नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। और पानी अनावश्य रूप से बर्बाद हो रहा है। इतना ही नहीं टोटांबी, दोदाग और बेलागाड़ा में नहरों की स्थिति काफी खराब पाई गई। उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारी को तुंरत निर्देश देते हुए कहा कि नहर की मरम्मत जल्द कराई जाए।ताकि किसानों को समय पर अपने फसल के लिए पानी मिल सके। इसके बाद उपायुक्त ने मसरीया डैम का निरीक्षण कर जल प्रबंधन प्रणाली का आकलन किया। इसे और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। अन्त में वे आरोग्य भवन पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली ।इस दौरान बीडीओ दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के कर्मी उपस्थित थे।1
- महुआडांड़ (लातेहार):प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण उमस और तेज गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि 24 घंटे में महज 6 से 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है, जिससे प्रखंडवासी त्राहिमाम कर उठे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली काट दी जाती है। दिन हो या रात, कभी भी सप्लाई ठप हो जाती है। इससे न केवल घरों में रहने वाले लोग परेशान हैं, बल्कि छोटे व्यवसाय, दुकानदार, छात्र और मरीज भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।गर्मी और उमस के इस दौर में पंखा और कूलर तक बेकार साबित हो रहे हैं। पानी की समस्या भी विकराल रूप ले रही है, क्योंकि अधिकांश घरों में मोटर से पानी की आपूर्ति होती है। बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को पेयजल के लिए भी जूझना पड़ रहा है।व्यवसायियों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से उनका कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, खासकर परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही और खराब प्रबंधन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो आपूर्ति में सुधार हुआ और न ही कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है।प्रखंडवासियों ने लातेहार जिला प्रशासन से मांग की है कि बिजली आपूर्ति की अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, नियमित और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो लोगों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।1
- लातेहार में भारत जनगणना 2027 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण लातेहार। प्रखंड कार्यालय सभागार में भारत जनगणना 2027 को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें जनगणना कार्य को डिजिटल माध्यम से करने की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि तीनों दिनों में प्रशिक्षणार्थियों को चरणबद्ध तरीके से जनगणना की प्रक्रिया समझाई गई। पहले दिन भवन, मकान और जनगणना मकान की परिभाषा स्पष्ट की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि घर-घर जाकर किस प्रकार अभिवादन करना है, लोगों से संवाद स्थापित करना है और ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह व्यवहारिक रूप से जानकारी एकत्र करनी है। दूसरे दिन प्रशिक्षण का मुख्य फोकस डिजिटल ऐप पर रहा। प्रशिक्षुओं को मोबाइल के माध्यम से जनगणना कार्य करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। यह बताया गया कि यह जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, इसलिए ऐप के संचालन, डाटा एंट्री, और सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। तीसरे दिन नजरिया नक्शा (नजरी नक्शा) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि फील्ड में जाकर सही तरीके से नक्शा कैसे तैयार करना है और पिछली जनगणना में हुई त्रुटियों को इस बार कैसे सुधारना है। फील्ड ट्रेनर धीरज कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया। भारत में जनगणना की शुरुआत कब हुई और समय के साथ इसमें क्या बदलाव आए, इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई से 14 जून तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का विवरण एकत्र करेंगे।3
- रांची के डोरण्डा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पेंशन भोगी विधवा नाहिद परवीन की 25 अप्रैल 2026 को बाथरूम में गिरने से मौत बताई गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि उनकी दत्तक पुत्री, प्रेमी अरबाज खान और उसके दोस्त समीर ने तकिए से मुंह दबाकर उनकी हत्या की थी। हत्या का कारण मृतिका नाहिद परवीन पेंशन और पति के पीएफ से संपन्न थीं। दत्तक पुत्री प्रेमी अरबाज पर पैसे खर्च कर रही थी, जिसका विरोध होने पर विवाद हुआ। 24 अप्रैल की रात आरोपी बेटी ने प्रेमी अरबाज, समीर और दो अन्य के साथ मिलकर हत्या की और घर साफ कर बाथरूम हादसे का भ्रम फैलाया। डोरण्डा पुलिस ने शव दफनाने से पहले चोट के निशानों पर संदेह कर थाना कांड 107/26 दर्ज किया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से शव निकालकर मेडिकल बोर्ड ने हत्या की पुष्टि की। गिरफ्तारियां पुलिस ने दत्तक पुत्री (नाबालिग), अरबाज खान (20 वर्ष, पिता अकबर खान, गया बिहार) और समीर खान (20 वर्ष, पिता फखरे आलम, गया बिहार) को गिरफ्तार किया। अन्य दो की तलाश जारी है। बरामदगी में खून लगी बेडशीट और तकिए का कवर शामिल जांच टीम प्रभारी दीपिका प्रसाद के नेतृत्व में पु.अ.नि. आजाद अंसारी (अनुसंधानकर्ता), रितेश कुमार पाण्डेय, रीना दास, रितेश कुमार महतो, एसआई पवन कुमार यादव, स.अ.नि. चंदा किस्कू और अन्य शामिल। डोरण्डा थाना पुलिस सक्रियता से जांच कर रही है।1