लातेहार में भारत जनगणना 2027 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न लातेहार में भारत जनगणना 2027 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण लातेहार। प्रखंड कार्यालय सभागार में भारत जनगणना 2027 को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें जनगणना कार्य को डिजिटल माध्यम से करने की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि तीनों दिनों में प्रशिक्षणार्थियों को चरणबद्ध तरीके से जनगणना की प्रक्रिया समझाई गई। पहले दिन भवन, मकान और जनगणना मकान की परिभाषा स्पष्ट की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि घर-घर जाकर किस प्रकार अभिवादन करना है, लोगों से संवाद स्थापित करना है और ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह व्यवहारिक रूप से जानकारी एकत्र करनी है। दूसरे दिन प्रशिक्षण का मुख्य फोकस डिजिटल ऐप पर रहा। प्रशिक्षुओं को मोबाइल के माध्यम से जनगणना कार्य करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। यह बताया गया कि यह जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, इसलिए ऐप के संचालन, डाटा एंट्री, और सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। तीसरे दिन नजरिया नक्शा (नजरी नक्शा) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि फील्ड में जाकर सही तरीके से नक्शा कैसे तैयार करना है और पिछली जनगणना में हुई त्रुटियों को इस बार कैसे सुधारना है। फील्ड ट्रेनर धीरज कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया। भारत में जनगणना की शुरुआत कब हुई और समय के साथ इसमें क्या बदलाव आए, इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई से 14 जून तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का विवरण एकत्र करेंगे।
लातेहार में भारत जनगणना 2027 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न लातेहार में भारत जनगणना 2027 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण लातेहार। प्रखंड कार्यालय सभागार में भारत जनगणना 2027 को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें जनगणना कार्य को डिजिटल माध्यम से करने की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि तीनों दिनों में प्रशिक्षणार्थियों को चरणबद्ध तरीके से जनगणना की प्रक्रिया समझाई गई। पहले दिन भवन, मकान और जनगणना मकान की परिभाषा स्पष्ट की गई। साथ ही
यह भी बताया गया कि घर-घर जाकर किस प्रकार अभिवादन करना है, लोगों से संवाद स्थापित करना है और ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह व्यवहारिक रूप से जानकारी एकत्र करनी है। दूसरे दिन प्रशिक्षण का मुख्य फोकस डिजिटल ऐप पर रहा। प्रशिक्षुओं को मोबाइल के माध्यम से जनगणना कार्य करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। यह बताया गया कि यह जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, इसलिए ऐप के संचालन, डाटा एंट्री, और सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। तीसरे दिन नजरिया नक्शा (नजरी नक्शा) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि फील्ड में जाकर सही तरीके
से नक्शा कैसे तैयार करना है और पिछली जनगणना में हुई त्रुटियों को इस बार कैसे सुधारना है। फील्ड ट्रेनर धीरज कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया। भारत में जनगणना की शुरुआत कब हुई और समय के साथ इसमें क्या बदलाव आए, इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई से 14 जून तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का विवरण एकत्र करेंगे।
- 1 से 15 मई तक पानी कनेक्शन निःशुल्क देने का निर्णय लातेहार। भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए नगर क्षेत्र के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह की अध्यक्षता में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 1 मई से 15 मई तक नगर पंचायत क्षेत्र के इच्छुक परिवारों को पानी का नया कनेक्शन निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जहां अब तक पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। बैठक के दौरान अध्यक्ष महेश सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों से पेयजल संकट की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह जनहितकारी निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में जो भी परिवार पानी का कनेक्शन लेना चाहेंगे, उनसे किसी प्रकार का कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। केवल आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन करना होगा। मौके पर नगर उपाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार एवं सभी वार्ड के वार्ड सदस्य मौजूद रहे। वार्ड पार्षदों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है, ऐसे में यह निर्णय आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि संबंधित वार्डों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। नगर पंचायत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि पेयजल का उपयोग आवश्यकतानुसार और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि सभी को पर्याप्त पानी मिल सके। इस निर्णय से नगर क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।3
- *सरकार चाहे महुआडांड़ से तो अच्छी खासी अपने राजस्व में वृद्धि एवम अपनी कामयाबी प्राप्त कर सकती है* *महुआडांड़ की कलम से हम और आप सभी*..... महुआडांड़ (लातेहार)महुआडांड़ प्रखंड में एक तरफ बेरोजगारी चरम पर है, वहीं दूसरी ओर सरकारी जमीनें वर्षों से खाली पड़ी धूल खा रही हैं। यह विरोधाभास अब स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों के बीच आक्रोश का बड़ा कारण बनता जा रहा है। सवाल साफ है—जब संसाधन मौजूद हैं, तो रोजगार क्यों नहीं?स्थानीय विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि यदि सरकार वास्तव में विकास और राजस्व बढ़ाने को लेकर गंभीर है, तो उसे महुआडांड़ की सरकारी जमीनों पर तत्काल व्यावसायिक दुकान (रूम) निर्माण की योजना लागू करनी चाहिए। उनका मानना है कि यह एक ऐसा मॉडल है, जो “एक तीर से दो निशान” साबित हो सकता है—सरकार को नियमित आय और आम जनता को स्थायी रोजगार। *बस स्टैंड बना उदाहरण, बाकी जगह क्यों उपेक्षित?* महुआडांड़ बस स्टैंड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां करीब 150 दुकानें बनाकर सरकार न सिर्फ अच्छा-खासा राजस्व कमा रही है, बल्कि सैकड़ों परिवारों का रोजगार भी सुनिश्चित हुआ है।फिर सवाल उठता है—जब यह मॉडल सफल है, तो इसे अन्य स्थानों पर लागू करने में आखिर देरी क्यों? *चिन्हित स्थान, फिर भी कार्रवाई शून्य* स्थानीय लोगों ने कई अहम सरकारी परिसरों की पहचान की है, जहां बड़ी संख्या में दुकानें बनाई जा सकती हैं: *ब्लॉक परिसर (रांची रोड किनारे): लगभग 40 दुकानें* *आईआईआरबी कैंप (डाल्टनगंज रोड की ओर): करीब 100 दुकानें* *पोस्ट ऑफिस परिसर: लगभग 15 दुकानें* *महुआडांड़ अस्पताल परिसर: करीब 50 दुकानें* इन सभी जगहों पर दुकान निर्माण की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। “ *सरकार चाहे तो बदल सकती है तस्वीर* ” विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से दुकानें बनाकर आम लोगों को नाममात्र शुल्क पर आवंटित किया जाए, तो न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त गति मिलेगी। व्यापार बढ़ेगा, बाजार विकसित होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। *डीसी से अपील* स्थानीय लोगों ने लातेहार उपायुक्त (डीसी) से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अब भी पहल नहीं हुई, तो यह एक बड़ा मौका गंवाने जैसा होगा। *नीति नहीं, नीयत की जरूरत”* महुआडांड़ में विकास का रास्ता कहीं बाहर नहीं, बल्कि यहीं मौजूद सरकारी जमीनों में छिपा है। जरूरत है तो सिर्फ मजबूत इच्छाशक्ति और सही नीति की।अगर सरकार इस मॉडल को अपनाती है, तो महुआडांड़ न सिर्फ लातेहार, बल्कि पूरे राज्य के लिए “रोजगार और राजस्व” का रोल मॉडल बन सकता है।1
- लातेहार ब्लड बैंक में जालिम गांव निवासी जरूरतमंद महिला अनारी देवी को एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता होने पर मंगलवार को सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के जवान लवकुश ने कमांडेंट के निर्देश पर रक्तदान किया। चार दिन से रक्त की तलाश के बाद यह मदद मिली। जवान ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए इसे सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया। परिजनों ने इस सराहनीय पहल पर आभार जताया।1
- Post by Shamsher Alam1
- Post by MUKESH NATH3
- रांची जिलेके के चाहो आस पास हल्के बारिश के साथ पत्थर भी गिरा1
- Post by Sahdew oraon2
- लातेहार उपायुक्त ने मंडल कारा एवं प्रखंड कार्यालय का किया औचक निरीक्षण।1