मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गेहूं खरीदी केंद्रों पर लगातार चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए हैं। 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच किसान घंटों तक अपनी फसल बेचने के लिए कतारों में खड़े हैं, वहीं गुणवत्ता जांच में लगे सर्वेयर भी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। गाडरवारा तहसील के स्वामी वेयरहाउस से सामने आए एक वीडियो ने इन मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जहाँ गेहूं की गुणवत्ता जांच करते समय एक सर्वेयर को तेज गर्मी के कारण चक्कर आ गया। घटना के बाद, मौके पर मौजूद किसानों और समिति कर्मचारियों ने तुरंत सर्वेयर को संभाला, उन्हें पानी और ओआरएस पिलाकर राहत दी, और तत्काल शासकीय सिविल अस्पताल गाडरवारा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया। सूचना मिलने पर सुपरवाइजर प्रतिनिधि और आसपास के अन्य वेयरहाउसों के सर्वेयर साथी भी अस्पताल पहुँचे और उनकी स्वास्थ्य जानकारी ली। बताया गया है कि भीषण गर्मी, लगातार धूप और लंबे समय तक खरीदी केंद्रों पर ड्यूटी करने के कारण सर्वेयर की तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अपने अंतिम चरण में है, लेकिन किसानों की आवक अभी भी जारी है, जिससे स्वामी वेयरहाउस सहित कई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। किसानों का कहना है कि 44 से 45 डिग्री तापमान में खुले मैदान और वेयरहाउस परिसर में काम करना बेहद कठिन है, और लू, चक्कर, उल्टी-दस्त व डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ आम हो चुकी हैं। अपनी फसल बेचने की मजबूरी के चलते किसान और समिति कर्मचारी भी इन मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम कर रहे हैं। इस वर्ष नरसिंहपुर जिले में अब तक 24 हजार 463 किसानों से 17 लाख 86 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और लगभग 290 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के माध्यम से तैनात आर बी एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के सर्वेयर गुणवत्ता मानकों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने में लगे हैं, ताकि अमानक उपज खरीदी में शामिल न हो। प्रतिनिधियों के अनुसार, कई खरीदी केंद्रों पर अमानक उपज को पास कराने के लिए बिचौलियों और संबंधित लोगों द्वारा सर्वेयरों पर दबाव भी बनाया जाता है, जिससे उनके खिलाफ शिकायतें और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, सर्वेयर लगातार केंद्रों पर डटे हुए हैं और खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन भी खरीदी केंद्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गेहूं खरीदी केंद्रों पर लगातार चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए हैं। 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच किसान घंटों तक अपनी फसल बेचने के लिए कतारों में खड़े हैं, वहीं गुणवत्ता जांच में लगे सर्वेयर भी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। गाडरवारा तहसील के स्वामी वेयरहाउस से सामने आए एक वीडियो ने इन मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जहाँ गेहूं की गुणवत्ता जांच करते समय एक सर्वेयर को तेज गर्मी के कारण चक्कर आ गया। घटना के बाद, मौके पर मौजूद किसानों और समिति कर्मचारियों ने तुरंत सर्वेयर को संभाला, उन्हें पानी और ओआरएस पिलाकर राहत दी, और तत्काल शासकीय सिविल अस्पताल गाडरवारा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया। सूचना मिलने पर सुपरवाइजर प्रतिनिधि और आसपास के अन्य वेयरहाउसों के सर्वेयर साथी भी अस्पताल पहुँचे और उनकी स्वास्थ्य जानकारी ली। बताया गया है कि भीषण गर्मी, लगातार धूप और लंबे समय तक खरीदी केंद्रों पर ड्यूटी करने के कारण सर्वेयर की तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अपने अंतिम चरण में है, लेकिन किसानों की आवक अभी भी जारी है, जिससे स्वामी वेयरहाउस सहित कई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। किसानों का कहना है कि 44 से 45 डिग्री तापमान में खुले मैदान और वेयरहाउस परिसर में काम करना बेहद कठिन है, और लू, चक्कर, उल्टी-दस्त व डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ आम हो चुकी हैं। अपनी फसल बेचने की मजबूरी के चलते किसान और समिति कर्मचारी भी इन मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम कर रहे हैं। इस वर्ष नरसिंहपुर जिले में अब तक 24 हजार 463 किसानों से 17 लाख 86 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और लगभग 290 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के माध्यम से तैनात आर बी एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के सर्वेयर गुणवत्ता मानकों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने में लगे हैं, ताकि अमानक उपज खरीदी में शामिल न हो। प्रतिनिधियों के अनुसार, कई खरीदी केंद्रों पर अमानक उपज को पास कराने के लिए बिचौलियों और संबंधित लोगों द्वारा सर्वेयरों पर दबाव भी बनाया जाता है, जिससे उनके खिलाफ शिकायतें और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, सर्वेयर लगातार केंद्रों पर डटे हुए हैं और खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन भी खरीदी केंद्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।
- नरसिंहपुर में एसपी बंगले के सामने लगाए गए विवादित ब्रेकर हटा दिए गए हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद की। इसके उपरांत, कांग्रेस ने प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।1
- नरसिंहपुर शहर के विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर आज जागरूक नागरिक श्रेयांश गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें पुल पर भारी वाहनों, जिनमें बस और ट्रक शामिल हैं, का प्रवेश तत्काल रोकने की मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों के संचालन पर स्पष्ट प्रतिबंध है और मंगरधा चौराहे पर इस संबंध में सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद, नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी वाहन लगातार इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी इस मुद्दे पर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। श्रेयांश गुप्ता ने चिंता व्यक्त की है कि इन भारी वाहनों के कारण आए दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संकरे मार्ग पर भारी वाहनों के चलने से हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से अपील की गई है कि विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही को तुरंत बंद किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। नगरवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द और स्थायी समाधान निकालने की गुहार लगाई है।1
- नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तट पर स्थित सुप्रसिद्ध बरमान घाट पर, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन विशेष रूप से मुस्तैद है और इसी कारण बरमान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता किया गया है। इन उपायों के तहत, गहरे पानी में फ्लोटिंग बॉल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- तेंदूखेड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 में सफाई का काम नहीं हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के गोटेगांव में जैन समाज ने रीवा में विगत 20 मई को आर्यिका श्रुत मति माताजी एवं उपसम मति माताजी के कार चालक द्वारा टक्कर मारे जाने से हुए अकस्मात और दर्दनाक समाधि मरण के विरोध में अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया है। इस घटना को लेकर गोटेगांव जैन समाज में नाराजगी देखने को मिली है। इस हृदयविदारक घटना के खिलाफ, गोटेगांव जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान' के तहत आज सोमवार को सड़कों पर उतरकर एक विशाल और ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें शामिल सभी जैन धर्मावलंबी अत्यंत अनुशासित ढंग से काले छाते ताने हुए थे और अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर पूर्णतः मौन रहकर चल रहे थे, जो उनके अनूठे विरोध का प्रतीक बना।2
- सोमवार को मां नर्मदा जी के पावन तट मुआर घाट पर एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे दीपों की दिव्य आभा से पूरा घाट भक्तिमय हो उठा। मां नर्मदा जी की महाआरती ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, जिसमें 'मात नर्मदे हर' के जयघोष से आस्था का संचार हुआ।1
- गंगा दशहरा के अवसर पर नरसिंहपुर में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ ही, अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस अभियान में अपना श्रमदान दिया।1
- गाडरवारा स्थित राठी वेयरहाउस खरीदी केंद्र में हुई गुणवत्ता जांच में कुल 1785 क्विंटल गेहूं फेल हो गया है। इस परिणाम के बाद खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों द्वारा इन अनियमितताओं की गहन जांच की मांग की जा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से एक विवाहित महिला, पूजा नौरिया, के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी पत्नी का कोई सुराग न मिलने से परेशान पति घनश्याम नौरिया ने पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पति ने स्थानीय पुलिस पर मामले में सहयोग न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घनश्याम नौरिया ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी 07 मई 2026 को गाडरवारा स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद राहुल नौरिया और सुनील नौरिया ने उनकी पत्नी को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और उसे जबरन किसी गुप्त स्थान पर ले गए। पीड़ित का दावा है कि इस पूरी साजिश में राहुल, सुनील, विवेक नौरिया और कुलदीप नौरिया सहित अन्य लोग शामिल थे। पीड़ित पति ने शिकायत की है कि घटना के बाद से ही उनकी पत्नी लापता है और वे लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन गाडरवारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस पूछताछ या कार्यवाही नहीं हुई है। घनश्याम नौरिया ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी राहुल नौरिया का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। अपने आवेदन में, पीड़ित ने तत्काल नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने की मांग की है ताकि उनकी पत्नी का पता चल सके। उन्होंने पत्नी की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की गुहार लगाई है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए पुलिस के आला अधिकारियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है।1