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गंगा दशहरा के अवसर पर नरसिंहपुर में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ ही, अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस अभियान में अपना श्रमदान दिया।
Satish Vishwakarma
गंगा दशहरा के अवसर पर नरसिंहपुर में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ ही, अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस अभियान में अपना श्रमदान दिया।
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- नरसिंहपुर पुलिस ने चोरी की घटनाओं के संबंध में एक बड़ी कार्यवाही की है। इस अभियान के तहत तीन शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से ₹28 लाख का मशरूका (चोरी का माल) भी बरामद किया है। यह कार्रवाई गाडरवारा और सुआतला पुलिस द्वारा मिलकर की गई।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गेहूं खरीदी केंद्रों पर लगातार चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए हैं। 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच किसान घंटों तक अपनी फसल बेचने के लिए कतारों में खड़े हैं, वहीं गुणवत्ता जांच में लगे सर्वेयर भी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। गाडरवारा तहसील के स्वामी वेयरहाउस से सामने आए एक वीडियो ने इन मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जहाँ गेहूं की गुणवत्ता जांच करते समय एक सर्वेयर को तेज गर्मी के कारण चक्कर आ गया। घटना के बाद, मौके पर मौजूद किसानों और समिति कर्मचारियों ने तुरंत सर्वेयर को संभाला, उन्हें पानी और ओआरएस पिलाकर राहत दी, और तत्काल शासकीय सिविल अस्पताल गाडरवारा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया। सूचना मिलने पर सुपरवाइजर प्रतिनिधि और आसपास के अन्य वेयरहाउसों के सर्वेयर साथी भी अस्पताल पहुँचे और उनकी स्वास्थ्य जानकारी ली। बताया गया है कि भीषण गर्मी, लगातार धूप और लंबे समय तक खरीदी केंद्रों पर ड्यूटी करने के कारण सर्वेयर की तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अपने अंतिम चरण में है, लेकिन किसानों की आवक अभी भी जारी है, जिससे स्वामी वेयरहाउस सहित कई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। किसानों का कहना है कि 44 से 45 डिग्री तापमान में खुले मैदान और वेयरहाउस परिसर में काम करना बेहद कठिन है, और लू, चक्कर, उल्टी-दस्त व डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ आम हो चुकी हैं। अपनी फसल बेचने की मजबूरी के चलते किसान और समिति कर्मचारी भी इन मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम कर रहे हैं। इस वर्ष नरसिंहपुर जिले में अब तक 24 हजार 463 किसानों से 17 लाख 86 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और लगभग 290 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के माध्यम से तैनात आर बी एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के सर्वेयर गुणवत्ता मानकों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने में लगे हैं, ताकि अमानक उपज खरीदी में शामिल न हो। प्रतिनिधियों के अनुसार, कई खरीदी केंद्रों पर अमानक उपज को पास कराने के लिए बिचौलियों और संबंधित लोगों द्वारा सर्वेयरों पर दबाव भी बनाया जाता है, जिससे उनके खिलाफ शिकायतें और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, सर्वेयर लगातार केंद्रों पर डटे हुए हैं और खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन भी खरीदी केंद्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।1
- एक घटना में, एक बेटी ने पुलिस से लेकर मंत्री तक से फरियाद लगाई थी, लेकिन उसकी गुहार पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस अनदेखी का परिणाम यह हुआ कि कथित आरोपियों ने उसके पिता को बुरी तरह से पीटा।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नरसिंहपुर जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की जीवनदायनी 'सिंगरी नदी' को पुनर्जीवित करने का संकल्प लेना है। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और आध्यात्मिक गुरु दादा गुरु ने सिंगरी नदी के तट पर श्रमदान कर इस अभियान का विधिवत उद्घाटन किया। इसी दौरान सिंगरी नदी के तट पर 'जल संवाद' कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। इसमें मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने मंच से नरसिंहपुर वासियों से अपील की कि सिंगरी नदी के संरक्षण के लिए प्रशासनिक सहयोग के साथ-साथ जन-भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।1
- आज नरसिंहपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बरमान कलां से लगभग एक दर्जन परिवार अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों ने प्रशासन को बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से माँ नर्मदा के किनारे छोटी-छोटी पूजा-प्रसादी और श्रद्धालुओं से जुड़ी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत ने उनकी दुकानें तोड़ दीं और दुकानों में रखा नारियल, प्रसाद, अगरबत्ती सहित अन्य सामान बाहर फेंक दिया। उनकी कई दुकानें वहाँ से हटाई भी जा चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने आश्रम की जमीन से अपनी दुकानें हटाकर पीछे स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित कर ली थीं, फिर भी उन्हें लगातार वहाँ से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर उन्हें उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटकर एक ढाबा संचालक को जगह दी गई है। पीड़ितों ने भावुक होकर बताया कि ये छोटी-सी दुकानें ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं, और कई परिवार इन्हीं दुकानों में रहते व रात गुजारते हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि दुकानें हटा दी गईं, तो उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने की नौबत आ जाएगी। परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे सेवा भाव से वर्षों से नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों की मदद करते आ रहे हैं, यहाँ तक कि कई बार उन्होंने डूबते लोगों की जान भी बचाई है और जरूरतमंद यात्रियों को अपनी दुकानों में रुकने की व्यवस्था भी दी है। जनसुनवाई में पहुंचे इन परिवारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी दुकानों को न हटाया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार दिया जाए।1
- Post by Sourabh Kumar nath1
- नरसिंहपुर के कोतवाली थाना अंतर्गत सांकल रोड निवासी मथुरा प्रसाद चौधरी के साथ 5 से 6 लोगों ने मारपीट की। घटना के बाद डायल 112 की सहायता से मथुरा प्रसाद को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल मथुरा ने बताया कि वह सांकल रोड स्थित जगदंबा कॉलोनी में सरकारी भूमि पर टपरिया बनाकर अपने परिवार के साथ रह रहा था। इसी बीच, दो से तीन लोग आए और उन्होंने उसे टपरिया खाली करने को कहा। जब मथुरा ने ऐसा करने से मना किया, तो चार लोगों ने, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उसके साथ मारपीट की। स्थानीय लोगों और परिजनों ने हस्तक्षेप कर मथुरा को बचाया, जिसके बाद उसे डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। फिलहाल, उसका उपचार किया जा रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से एक पत्नी के अपहरण का मामला सामने आया है। घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पीड़ित परिवार में चिंता बनी हुई है। अपनी पत्नी का पता न चलने से परेशान, पीड़ित पति ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है, ताकि उसकी पत्नी को जल्द से जल्द खोजा जा सके।1