आज नरसिंहपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बरमान कलां से लगभग एक दर्जन परिवार अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों ने प्रशासन को बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से माँ नर्मदा के किनारे छोटी-छोटी पूजा-प्रसादी और श्रद्धालुओं से जुड़ी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत ने उनकी दुकानें तोड़ दीं और दुकानों में रखा नारियल, प्रसाद, अगरबत्ती सहित अन्य सामान बाहर फेंक दिया। उनकी कई दुकानें वहाँ से हटाई भी जा चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने आश्रम की जमीन से अपनी दुकानें हटाकर पीछे स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित कर ली थीं, फिर भी उन्हें लगातार वहाँ से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर उन्हें उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटकर एक ढाबा संचालक को जगह दी गई है। पीड़ितों ने भावुक होकर बताया कि ये छोटी-सी दुकानें ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं, और कई परिवार इन्हीं दुकानों में रहते व रात गुजारते हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि दुकानें हटा दी गईं, तो उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने की नौबत आ जाएगी। परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे सेवा भाव से वर्षों से नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों की मदद करते आ रहे हैं, यहाँ तक कि कई बार उन्होंने डूबते लोगों की जान भी बचाई है और जरूरतमंद यात्रियों को अपनी दुकानों में रुकने की व्यवस्था भी दी है। जनसुनवाई में पहुंचे इन परिवारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी दुकानों को न हटाया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार दिया जाए।
आज नरसिंहपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बरमान कलां से लगभग एक दर्जन परिवार अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों ने प्रशासन को बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से माँ नर्मदा के किनारे छोटी-छोटी पूजा-प्रसादी और श्रद्धालुओं से जुड़ी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत ने उनकी दुकानें तोड़ दीं और दुकानों में रखा नारियल, प्रसाद, अगरबत्ती सहित अन्य सामान बाहर फेंक दिया। उनकी कई दुकानें वहाँ से हटाई भी जा चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने आश्रम की जमीन से अपनी दुकानें हटाकर पीछे स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित कर ली थीं, फिर भी उन्हें लगातार वहाँ से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर उन्हें उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटकर एक ढाबा संचालक को जगह दी गई है। पीड़ितों ने भावुक होकर बताया कि ये छोटी-सी दुकानें ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं, और कई परिवार इन्हीं दुकानों में रहते व रात गुजारते हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि दुकानें हटा दी गईं, तो उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने की नौबत आ जाएगी। परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे सेवा भाव से वर्षों से नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों की मदद करते आ रहे हैं, यहाँ तक कि कई बार उन्होंने डूबते लोगों की जान भी बचाई है और जरूरतमंद यात्रियों को अपनी दुकानों में रुकने की व्यवस्था भी दी है। जनसुनवाई में पहुंचे इन परिवारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी दुकानों को न हटाया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार दिया जाए।
- नरसिंहपुर जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ खेत में शिफ्ट बदलने के दौरान हुए एक हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में 25 वर्षीय युवक को करंट लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में 108 एंबुलेंस कर्मियों और परिजनों के बीच एक विवाद सामने आया है। यह विवाद कथित तौर पर गलत जानकारी प्रकाशित करने के आरोपों को लेकर शुरू हुआ है। इस संबंध में, एंबुलेंस के पायलट और स्टाफ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के गोटेगांव में जैन समाज ने रीवा में विगत 20 मई को आर्यिका श्रुत मति माताजी एवं उपसम मति माताजी के कार चालक द्वारा टक्कर मारे जाने से हुए अकस्मात और दर्दनाक समाधि मरण के विरोध में अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया है। इस घटना को लेकर गोटेगांव जैन समाज में नाराजगी देखने को मिली है। इस हृदयविदारक घटना के खिलाफ, गोटेगांव जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान' के तहत आज सोमवार को सड़कों पर उतरकर एक विशाल और ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें शामिल सभी जैन धर्मावलंबी अत्यंत अनुशासित ढंग से काले छाते ताने हुए थे और अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर पूर्णतः मौन रहकर चल रहे थे, जो उनके अनूठे विरोध का प्रतीक बना।2
- सोमवार को मां नर्मदा जी के पावन तट मुआर घाट पर एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे दीपों की दिव्य आभा से पूरा घाट भक्तिमय हो उठा। मां नर्मदा जी की महाआरती ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, जिसमें 'मात नर्मदे हर' के जयघोष से आस्था का संचार हुआ।1
- तेंदूखेड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 में सफाई का काम नहीं हो रहा है।1
- रीवा में पू. जैन आर्यिका श्री श्रुतमति माता जी और श्री उपशममति माता जी का प्रातः 5:40 बजे पद विहार के दौरान एक ऑल्टो कार चालक द्वारा पीछे से टक्कर मारकर रौंदने और भागने की घटना पर विश्व जैन संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इस घटना में दोनों साध्वियों का समाधिमरण हो गया। संगठन ने दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि रीवा पुलिस ने अपनी FIR में मात्र BNS धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) दर्ज की है, जबकि जांच अधिकारी ने स्वयं FIR में हत्या की घटना का विवरण लिखा है और वीडियो भी उपलब्ध है। संगठन ने कानूनी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि FIR में कई महत्वपूर्ण धाराएं दर्ज नहीं की गईं। इनमें इरादतन हत्या के लिए BNS धारा 103, हत्या की साजिश के लिए BNS धारा 61, अन्य श्रावक साध्वी को घायल करने या मारने का प्रयास करने के लिए BNS धारा 109, आरोपी का घटनास्थल से भागने के लिए BNS धारा 238, तथा घायल को सहायता दिए बिना भागने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134 और 187 शामिल हैं। विश्व जैन संगठन ने मांग की है कि आरोपी चालक का नार्को टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि साजिश का खुलासा हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साजिश का शीघ्र खुलासा नहीं किया गया, तो एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की होगी।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से एक विवाहित महिला, पूजा नौरिया, के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी पत्नी का कोई सुराग न मिलने से परेशान पति घनश्याम नौरिया ने पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पति ने स्थानीय पुलिस पर मामले में सहयोग न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घनश्याम नौरिया ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी 07 मई 2026 को गाडरवारा स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद राहुल नौरिया और सुनील नौरिया ने उनकी पत्नी को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और उसे जबरन किसी गुप्त स्थान पर ले गए। पीड़ित का दावा है कि इस पूरी साजिश में राहुल, सुनील, विवेक नौरिया और कुलदीप नौरिया सहित अन्य लोग शामिल थे। पीड़ित पति ने शिकायत की है कि घटना के बाद से ही उनकी पत्नी लापता है और वे लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन गाडरवारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस पूछताछ या कार्यवाही नहीं हुई है। घनश्याम नौरिया ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी राहुल नौरिया का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। अपने आवेदन में, पीड़ित ने तत्काल नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने की मांग की है ताकि उनकी पत्नी का पता चल सके। उन्होंने पत्नी की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की गुहार लगाई है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए पुलिस के आला अधिकारियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है।1
- नरसिंहपुर में एसपी बंगले के सामने लगाए गए विवादित ब्रेकर हटा दिए गए हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद की। इसके उपरांत, कांग्रेस ने प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।1
- गंगा दशहरा के अवसर पर नरसिंहपुर में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ ही, अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस अभियान में अपना श्रमदान दिया।1