मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी क्षेत्र में बहने वाली और क्षेत्र की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली दो प्रमुख बनास नदी और मोरल नदी है जिम आप होने से क्षेत्र के कुएं बावड़ियों में पानी की आवक अचानक बढ़ जाती है कई वर्षों से जब भी बनारस और मोरल में पानी बढ़ता है तो कुएं और बावरी में पानी अपने आप बढ़ जाता है ऐसे में बनास नदी और ताल तलैया अभी तक बिल्कुल सुखे पड़े हुए हैं भाई मोरल नदी में अचानक उफान देखने को मिला पंचायत समिति सदस्य प्रभु लाल गुर्जर ने कहा कि मेरे उम्र 60 वर्ष है इसमें मैंने पहली बार देखा है जो अभी तक खेतों का पानी बाहर नहीं निकला है अभी तक कोई छोटी-छोटी ताल तलैया भी नहीं भरी है ऐसे में मोरल नदी में पानी देखने को मिला मोरल नदी में आए काले पानी को देखकर लोगों में डर भी है जबकि क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी इस साल बिल्कुल खाली है गत वर्ष बनास नदी जुलाई माह से ही लगातार उफान पर रही थी जिसका उफान नवंबर माह में खत्म हुआ था बनास नदी पर बनी रपटें भी लगातार पांच माह बंद रही थी ऐसे में लोगों के जिला हेड क्वार्टर से संपर्क कटे हुए रहे थे लेकिन इस बार बनास नदी पुरी तरह खाली पड़ी हुई है
मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी क्षेत्र में बहने वाली और क्षेत्र की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली दो प्रमुख बनास नदी और मोरल नदी है जिम आप होने से क्षेत्र के कुएं बावड़ियों में पानी की आवक अचानक बढ़ जाती है कई वर्षों से जब भी बनारस और मोरल में पानी बढ़ता है तो कुएं और बावरी में पानी अपने आप बढ़ जाता है ऐसे में बनास नदी और ताल तलैया अभी तक बिल्कुल सुखे पड़े हुए हैं भाई मोरल नदी में अचानक उफान देखने को मिला पंचायत समिति सदस्य प्रभु लाल गुर्जर ने कहा कि मेरे उम्र 60 वर्ष है इसमें मैंने पहली बार देखा है जो अभी तक खेतों का पानी बाहर नहीं निकला है अभी तक कोई छोटी-छोटी ताल तलैया भी नहीं भरी है ऐसे में मोरल नदी में पानी देखने को मिला मोरल नदी में आए काले पानी को देखकर लोगों में डर भी है जबकि क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी इस साल बिल्कुल खाली है गत वर्ष बनास नदी जुलाई माह से ही लगातार उफान पर रही थी जिसका उफान नवंबर माह में खत्म हुआ था बनास नदी पर बनी रपटें भी लगातार पांच माह बंद रही थी ऐसे में लोगों के जिला हेड क्वार्टर से संपर्क कटे हुए रहे थे लेकिन इस बार बनास नदी पुरी तरह खाली पड़ी हुई है
- दो माह से बंद कुंडली नदी के रोड का काम: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के कुंडली नदी गांव में 2 किलोमीटर रोड का काम 2 माह से बंद है लोगों को आने-जाने में परेशानी डामर महंगा होने से रुका काम मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के कुंडली नदी गांव में 2 किलोमीटर रोड का काम 2 माह से बंद है लोगों को आने-जाने में परेशानी डामर महंगा होने से रुका काम गंम्भीरा गांव से कुंडली नदी तक बन रहे रोड का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा है ऐसे में ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लडडू लाल मीणा ,जगन लाल मीणा ,पप्पू लाल मीणा ,खेमराज मीणा,उगराम मीणा,रामनारायण मीणा,हरिराम मीणा,कांग्रेस मीणा,पुखराज मीणा आदि अनेकों ग्रामीणों ने बताया की बाहर जा से कुंडली नदी तक बन रहे 2 किलोमीटर के रोड का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा है जबकि रोड का सीमेंट टेंट का काम और मोरम का काम पूरा हो चुका है लेकिन फिर भी ठेकेदार रोड पर डामर का काम नहीं कर रहा है ऐसे में लोगों को बरसात के दिनों में आने-जाने में परेशानी के साथ-साथ रोड पर पड़ी हुई मोरम की गिट्टियों से रपटकर हादसे का डर बना रहता है ऐसे मे रोड के ठेकेदार इरफान खान का कहना है कि मैंने सीमेंटेड सीसी का काम पूर्ण कर दिया है और मोरम भी बिछाकर रोड को कंप्लीट कर रखा है रोड पर डामरीकरण करना बाकी है जो डामर महंगा होने के कारण रोक रखा है अभी डामर की रेट 2-3 गुना महंगी है ऐसे में कुंडली नदी गांव के ग्रामीणों का सवाल है यदि डामर सस्ता नहीं हुआ तो क्या हमारा रोड आधा अधूरा अधूरा पड़ा रहेगा1
- सवाई माधोपुर हाउसिंग बोर्ड हनुमान नगर चिंता हरण माता का मंदिर के पास, स्काउट की दीवार के पास एवं श्याम वाटिका पानी की टंकी के पास पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारों द्वारा बीच सड़क पर पेड़ ओर लाईट के विधुत पोलो को सड़क के किनारे शिफ्ट नहीं किया गया। स्थानीय निवासियो ने बताया कि रात के समय आने जाने वाले लोग कई बार पेड़ और लाइट के खंभों से टकरा गये। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारों की नींद नहीं खुली है। अब देखने की बात है कि क्या जिला प्रशासन एवं स्थानीय विधायक पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को क्या निर्देश देते हैं या बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहे। सवाई माधोपुर हाउसिंग बोर्ड हनुमान नगर चिंता हरण माता का मंदिर के पास, स्काउट की दीवार के पास एवं श्याम वाटिका पानी की टंकी के पास पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारों द्वारा बीच सड़क पर पेड़ ओर लाईट के विधुत पोलो को सड़क के किनारे शिफ्ट नहीं किया गया। स्थानीय निवासियो ने बताया कि रात के समय आने जाने वाले लोग कई बार पेड़ और लाइट के खंभों से टकरा गये। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारों की नींद नहीं खुली है। अब देखने की बात है कि क्या जिला प्रशासन एवं स्थानीय विधायक पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को क्या निर्देश देते हैं या बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहे।1
- तिरंगे के सम्मान पर सवाई माधोपुर नगर परिषद की लापरवाही सवाई माधोपुर नगर परिषद द्वारा वितरित किए गए तिरंगे ही निकले फटे और छितरे हुए, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल देश की आन-बान और शान का प्रतीक तिरंगा हर भारतीय के लिए सम्मान का विषय है, लेकिन नगर परिषद की ओर से वितरित किए गए तिरंगों की हालत देखकर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए तिरंगों में कई फटे और छितरे हुए नजर आ रहे हैं। जिस तिरंगे को सम्मान के साथ फहराया जाना चाहिए, वही यदि वितरण के समय ही बदहाल स्थिति में पहुंच जाए तो यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है। आखिर तिरंगों की गुणवत्ता की जांच किसने की? वितरण से पहले जिम्मेदार अधिकारियों ने इनका निरीक्षण क्यों नहीं किया? क्या सरकारी धन से खरीदे गए तिरंगों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसी की नहीं है? नगर परिषद की इस कथित लापरवाही ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और खराब तिरंगों को तत्काल वापस लेकर सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण तिरंगे उपलब्ध करवाए जाएं। देश के तिरंगे के सम्मान से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। आखिर कब जागेगा नगर परिषद प्रशासन?1
- बेरखंडी: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बना असामाजिक तत्वों का अड्डा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष बेरखंडी: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बना असामाजिक तत्वों का अड्डा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष बेरखंडी (सवाई माधोपुर)। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा खुलेआम शराबखोरी किए जाने का मामला सामने आया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर विद्यालय परिसर का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल प्रांगण में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल गिलास और चखना बिखरा हुआ साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सुबह-शाम जमती है महफ़िल, नशे में पड़े रहते हैं शराबी स्थानीय निवासियों का आरोप है कि असामाजिक तत्व सुबह और शाम दोनों समय विद्यालय परिसर को अपना अड्डा बना लेते हैं। शराब पीने के बाद लोग गंदगी और बोतलें वहीं छोड़ जाते हैं। कई बार अत्यधिक नशा होने पर शराबी रातभर स्कूल परिसर में ही पड़े रहते हैं, जिससे स्कूल की गरिमा पूरी तरह तार-तार हो रही है। नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा पर मंडराया खतरा प्राथमिक विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। सुबह-सुबह स्कूल पहुंचने पर बच्चों को परिसर में शराब की बोतलें और गंदगी देखने को मिलती है। ग्रामीणों का कहना है कि असामाजिक तत्वों की इस हरकत से बच्चों के कोमल मन पर बेहद विपरीत असर पड़ रहा है और उनकी सुरक्षा को लेकर भी हर समय डर बना रहता है। प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस गश्त की मांग ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय स्कूल क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और विद्यालय संपत्ति का अनाधिकृत उपयोग करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके।1
- बनास नदी में पुरा कार्य रपट का कार्य कर दिया है ओर अभी तक न्यू रपट का कार्य शुरू नहीं हुआ बनास नदी में रपट का कार्य कर दिया गया पर न्यू पक्की रोड का कार्य भी शुरू नहीं हुआ1
- दीप प्रज्वलन के साथ साहू सेवा सदन में सावन महोत्सव एवं श्याम भजन कार्यक्रम शुरू लालसोट में मायला कुआं, लिंग रोड स्थित साहू सेवा सदन में समाज बंधुओं द्वारा आयोजित सावन महोत्सव एवं श्री श्याम भजन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में दिनभर श्याम भजनों की रसगंगा बहेगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। समस्त साहू समाज लालसोट की ओर से समाज बंधुओं से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर भजनों का आनंद लेने और महाप्रसादी ग्रहण करने का आग्रह किया गया।2
- मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी मलारना डूंगर क्षेत्र में बहने वाली बनास और मोरल नदी बनास नदी बिल्कुल खाली है जबकि मोरल नदी में अचानक आया नालो जैसे काला पानी क्षेत्र में बहने वाली और क्षेत्र की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली दो प्रमुख बनास नदी और मोरल नदी है जिम आप होने से क्षेत्र के कुएं बावड़ियों में पानी की आवक अचानक बढ़ जाती है कई वर्षों से जब भी बनारस और मोरल में पानी बढ़ता है तो कुएं और बावरी में पानी अपने आप बढ़ जाता है ऐसे में बनास नदी और ताल तलैया अभी तक बिल्कुल सुखे पड़े हुए हैं भाई मोरल नदी में अचानक उफान देखने को मिला पंचायत समिति सदस्य प्रभु लाल गुर्जर ने कहा कि मेरे उम्र 60 वर्ष है इसमें मैंने पहली बार देखा है जो अभी तक खेतों का पानी बाहर नहीं निकला है अभी तक कोई छोटी-छोटी ताल तलैया भी नहीं भरी है ऐसे में मोरल नदी में पानी देखने को मिला मोरल नदी में आए काले पानी को देखकर लोगों में डर भी है जबकि क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी इस साल बिल्कुल खाली है गत वर्ष बनास नदी जुलाई माह से ही लगातार उफान पर रही थी जिसका उफान नवंबर माह में खत्म हुआ था बनास नदी पर बनी रपटें भी लगातार पांच माह बंद रही थी ऐसे में लोगों के जिला हेड क्वार्टर से संपर्क कटे हुए रहे थे लेकिन इस बार बनास नदी पुरी तरह खाली पड़ी हुई है1
- सिमिर नदी में आया उफान, जान जोखिम में डालकर घर पहुंच रहे ग्रामीण सपोटरा। बुधवार शाम बारिश के चलते सिमिर नदी में उफान आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। नदी में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हुए। नदी में पानी आने के बाद ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में सिमिर नदी में आए दिन उफान की स्थिति बनती है। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण जरूरी काम के लिए जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि भंवर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के दिनों में होने वाली समस्याओं को लेकर कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सिमिर नदी पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने तथा बारिश के दिनों में होने वाली समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।1