14 साल बाद फिर विवादों में मनीष अहलावत कई मुकदमों के बीच पुलिस की कार्यवाही पर सवाल मेरठ, करीब 14 साल पहले अफगानी छात्र हामिद हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए मनीष अहलावत एक बार फिर विवादों में हैं। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की शिवधाम तीर्थ कुंज कॉलोनी में बुधवार को हुई मारपीट के मामले में मनीष अहलावत और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आवासीय कॉलोनी में कथित व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध करने पर विवाद बढ़ा और फिर मीनाक्षी चौहान व उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मनीष अहलावत का नाम करीब 14 साल पहले जेपी इंस्टीट्यूट के अफगानी छात्र हामिद की हत्या के मामले में भी सामने आया था। गंगानगर क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी गेट के पास हामिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि नासिर और नदीम घायल हुए थे। उस समय फरार चल रहे मनीष पर डीआईजी ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बाद में उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जेल जाने से पहले मनीष ने दावा किया था कि हामिद को फहीम और उसके दो साथियों ने गोली मारी थी और वह उस वक्त सफारी गाड़ी से बाहर निकले थे। वहीं पुलिस का कहना था कि हामिद पर फहीम और मनीष दोनों ने गोली चलाई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग रहे थे। अब एक बार फिर मारपीट के मामले में नाम इस नए मामले में आरोप है कि मनीष अहलावत के साथ कुछ और लोग भी मारपीट में शामिल थे। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर काफी समय से विरोध चल रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मनीष अहलावत के खिलाफ मेरठ के अलग-अलग थानों में कई केस दर्ज हैं। हालांकि कितने केस हैं और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है, यह पुलिस रिकॉर्ड देखने के बाद ही साफ हो पाएगा। ऐसे में सवाल यही है कि पुराने मामलों और इस नए प्रकरण को देखते हुए पुलिस आगे क्या कदम उठाती है। अब देखना होगा कि कंकरखेड़ा पुलिस जांच के बाद किन धाराओं में कार्रवाई करती है और आरोप सही पाए जाने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या रहती है।
14 साल बाद फिर विवादों में मनीष अहलावत कई मुकदमों के बीच पुलिस की कार्यवाही पर सवाल मेरठ, करीब 14 साल पहले अफगानी छात्र हामिद हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए मनीष अहलावत एक बार फिर विवादों में हैं। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की शिवधाम तीर्थ कुंज कॉलोनी में बुधवार को हुई मारपीट के मामले में मनीष अहलावत और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आवासीय कॉलोनी में कथित व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध करने पर विवाद बढ़ा और फिर मीनाक्षी चौहान व उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मनीष अहलावत का नाम करीब 14 साल पहले जेपी इंस्टीट्यूट के अफगानी छात्र हामिद की हत्या के मामले में भी सामने आया था। गंगानगर क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी गेट के पास हामिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि नासिर और नदीम घायल हुए थे। उस समय फरार चल रहे मनीष पर डीआईजी ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बाद में उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जेल जाने से पहले मनीष ने दावा किया था कि हामिद को फहीम और उसके दो साथियों ने गोली मारी थी और वह उस वक्त सफारी गाड़ी से बाहर निकले थे। वहीं पुलिस का कहना था कि हामिद पर फहीम और मनीष दोनों ने गोली चलाई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग रहे थे। अब एक बार फिर मारपीट के मामले में नाम इस नए मामले में आरोप है कि मनीष अहलावत के साथ कुछ और लोग भी मारपीट में शामिल थे। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर काफी समय से विरोध चल रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मनीष अहलावत के खिलाफ मेरठ के अलग-अलग थानों में कई केस दर्ज हैं। हालांकि कितने केस हैं और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है, यह पुलिस रिकॉर्ड देखने के बाद ही साफ हो पाएगा। ऐसे में सवाल यही है कि पुराने मामलों और इस नए प्रकरण को देखते हुए पुलिस आगे क्या कदम उठाती है। अब देखना होगा कि कंकरखेड़ा पुलिस जांच के बाद किन धाराओं में कार्रवाई करती है और आरोप सही पाए जाने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या रहती है।
- 14 साल बाद फिर विवादों में मनीष अहलावत कई मुकदमों के बीच पुलिस की कार्यवाही पर सवाल मेरठ, करीब 14 साल पहले अफगानी छात्र हामिद हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए मनीष अहलावत एक बार फिर विवादों में हैं। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की शिवधाम तीर्थ कुंज कॉलोनी में बुधवार को हुई मारपीट के मामले में मनीष अहलावत और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आवासीय कॉलोनी में कथित व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध करने पर विवाद बढ़ा और फिर मीनाक्षी चौहान व उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मनीष अहलावत का नाम करीब 14 साल पहले जेपी इंस्टीट्यूट के अफगानी छात्र हामिद की हत्या के मामले में भी सामने आया था। गंगानगर क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी गेट के पास हामिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि नासिर और नदीम घायल हुए थे। उस समय फरार चल रहे मनीष पर डीआईजी ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बाद में उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जेल जाने से पहले मनीष ने दावा किया था कि हामिद को फहीम और उसके दो साथियों ने गोली मारी थी और वह उस वक्त सफारी गाड़ी से बाहर निकले थे। वहीं पुलिस का कहना था कि हामिद पर फहीम और मनीष दोनों ने गोली चलाई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग रहे थे। अब एक बार फिर मारपीट के मामले में नाम इस नए मामले में आरोप है कि मनीष अहलावत के साथ कुछ और लोग भी मारपीट में शामिल थे। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर काफी समय से विरोध चल रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मनीष अहलावत के खिलाफ मेरठ के अलग-अलग थानों में कई केस दर्ज हैं। हालांकि कितने केस हैं और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है, यह पुलिस रिकॉर्ड देखने के बाद ही साफ हो पाएगा। ऐसे में सवाल यही है कि पुराने मामलों और इस नए प्रकरण को देखते हुए पुलिस आगे क्या कदम उठाती है। अब देखना होगा कि कंकरखेड़ा पुलिस जांच के बाद किन धाराओं में कार्रवाई करती है और आरोप सही पाए जाने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या रहती है।1
- साफ सफाई ना होना हमारे यहां पर घर के पास बहुत ज्यादा कचरा पड़ा है जिसमें सड़न और बदबू हो रही है जिसकी वजह से मच्छर ओर बीमारी हो रही है । कृपया इस समस्या का समाधान कीजिए आपकी अति कृपा होगी धन्यवाद।1
- *शिवसेना जिला प्रमुख नजरबंद किए गए* मेरठ, हरिहर मंदिर संभल में जलाभिषेक की घोषणा के बाद दर्जनों की संख्या में शिव सैनिक शिवसेना यूबीटी जिला प्रमुख संदीप गर्ग के फूल बाग कालोनी स्थित निवास पर एकत्रित हुए और वहां से जैसे ही हरिहर मंदिर को प्रस्थान करने ही वाले थे कि थाना नौचंदी पुलिस उनके निवास पर पहुंच गई और जिला प्रमुख सहित सभी शिव सैनिकों को रोक कर जिला प्रमुख के निवास पर ही नजरबंद कर दिया। जिससे शिव सैनिक आक्रोशित हो गये और कहने लगे जब कोर्ट उस स्थल को विवादित मानता है तो वहां नमाज क्यों हो रही है? और यदि नमाज हो रही है तो जलाभिषेक क्यों नहीं करने दिया जा रहा ? इस अवसर पर महानगर प्रमुख मोहित त्यागी, युवा सेना जिलाध्यक्ष अवनीश आर्य व महानगर अध्यक्ष सनी प्रधान, जिला मीडिया प्रभारी कमल प्रजापति, प्रतीक कपूर जसवीर सिंह, सचिन चौधरी, कुंदन, पियुष कश्यप, विशन सिंह आदि दर्जनों शिवसेना नजरबंद कर दिए गये।4
- *मेरठ।* न्यू मुल्तान नगर की गली नंबर-4, भोला रोड में टूटी सड़क और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गली में जगह-जगह जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी भरे रास्ते से होकर गुजरने के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जलभराव का पानी आसपास के खाली प्लाटों में भरने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि मच्छरों के कारण बच्चों में डेंगू सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। *वार्ड-15 के पार्षद कपिल राय* के प्रति भी लोगों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द टूटी सड़क की मरम्मत कराने के साथ जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो 2027 के चुनाव में इसका जवाब दिया जाआगा1
- भारत के आधुनिक जादू शो का भव्य आयोजन जादूगर बादशाह परंपरागत जादू और आधुन भारत के आधुनिक जादू शो का भव्य आयोजन जादूगर बादशाह परंपरागत जादू और आधुनिक तकनीक का यह संगम दर्शकों को एक बिल्कुल नया रोमांचक और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा1
- MP=आनंदपुर पंचायत में गंदगी देख सीईओ ने दिए सफाई के निर्देश1
- खून से लथपथ युक्ति का गन्ने के खेत में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मेरठ सरधना में खून से लथपथ युवती का शव मिलने से सनसनी, पहचान में जुटी पुलिस थाना सरधना क्षेत्र के कुशावली गांव में गुरुवार दोपहर एक युवती का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवती का शव ज्वालगढ़नकी तरफ जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे मिला। आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने के बाद शव को यहां फेंक दिया गया है। युवती के चेहरे और गर्दन पर गहरी चोट के निशान हैं। उत्पीड़न या शोषण जैसी किसी वारदात की आशंक से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने सभी संभावनाओं के चलते फॉरेंसिक टीम को भी मौके कर बुलाया और साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल मृतका की पहचान को लेकर है। इसके लिए पुलिस आसपास के थाने से संपर्क करने के साथ-साथ सोशल पर भी सर्च कर रही है। वहीं इलाके में दिनदहाड़े इस तरह की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। बाइट एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह4
- जमीनी विवाद में किसान ने खुद को लगाई आग, क्या ऐसा करने से हुआ समाधान ? शामली में जमीन विवाद को लेकर किसान ने खुद को आग लगाई, हालत गंभीर; कानूनगो पर रिश्वत का आरोप किसान का अपने परिवार से चल रहा है ज़मीनी विवाद1