यौम-ए-आशूरा के पवित्र अवसर पर बिजनौर जिले के शेरकोट कस्बे में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए एक मातमी जुलूस निकाला गया। यह जुलूस अत्यंत गमगीन माहौल में निकला, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नगर के पारंपरिक मार्गों से होते हुए 'या हुसैन' की सदाओं के साथ मातम किया। इस भावपूर्ण जुलूस को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने पूरे क्षेत्र को जनसैलाब में बदल दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी क्रम में, बिजली विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही, जिसने पूरे जुलूस के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। मानवीय सेवा के तहत, समाजसेवियों ने जगह-जगह सोगवारों के लिए शरबत, पानी और अन्य जलपान की व्यवस्था की। यह पूरा मातमी जुलूस देर शाम तक शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
यौम-ए-आशूरा के पवित्र अवसर पर बिजनौर जिले के शेरकोट कस्बे में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए एक मातमी जुलूस निकाला गया। यह जुलूस अत्यंत गमगीन माहौल में निकला, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नगर के पारंपरिक मार्गों से होते हुए 'या हुसैन' की सदाओं के साथ मातम किया। इस भावपूर्ण जुलूस को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने पूरे क्षेत्र को जनसैलाब में बदल दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी क्रम में, बिजली विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही, जिसने पूरे जुलूस के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। मानवीय सेवा के तहत, समाजसेवियों ने जगह-जगह सोगवारों के लिए शरबत, पानी और अन्य जलपान की व्यवस्था की। यह पूरा मातमी जुलूस देर शाम तक शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
- एक उद्घोष में इंडियन आर्मी और अनिल यादव जी के साथ 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' का नारा दिया गया है। यह उद्घोष समाजवादी पार्टी के प्रति प्रबल समर्थन को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर से जुड़े तथाकथित चोरी मामले पर अपनी बात रखी।1
- अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण सुरक्षा कारणों से जिला अस्पताल के बजाय पुलिस लाइन में कराया गया। इस प्रक्रिया के लिए जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात संविदा चिकित्सक और फार्मासिस्ट को सरकारी वाहन से पुलिस लाइन भेजा गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी के निर्देश पर चिकित्सक डॉ. आशीष पाठक और फार्मासिस्ट सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण किया। प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष इंतजाम किए थे। देशभर में चर्चा का विषय बने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मुख्यमंत्री को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपने के बाद छह लोगों को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद न्यायालय में पेश करने से पूर्व उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराना आवश्यक समझा था। श्रीराम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के नामजद आरोपियों को शुक्रवार को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। मोहर्रम अवकाश के कारण पुलिस फिलहाल आरोपियों की रिमांड नहीं ले सकी, हालांकि अब सोमवार को दोबारा पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से अब तक कुल 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं।1
- दिल्ली के मलका गंज इलाके में एक जर्जर मकान ढह गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में ऐसी कई अन्य जर्जर इमारतें भी मौजूद हैं।1
- नई दिल्ली के लाजपत नगर में काम करने वाले लोगों द्वारा अभद्र बातें कहने और इलाके में गंदगी फैलाने को लेकर एक व्यक्ति ने अपनी परेशानी जाहिर की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे पिछले 16-17 सालों से लाजपत नगर में हैं, लेकिन उनके बगल में काम करने वाले लोग उनके सामने उल्टी-सीधी बातें करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लाजपत नगर का माहौल बहुत गंदा हो गया है और उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।1
- Post by Mithun Yadav ♥️❣️1
- दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है, जो सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मुंडका को भी सूचित किया गया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की गहन जांच जारी है।1