Shuru
Apke Nagar Ki App…
दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है, जो सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मुंडका को भी सूचित किया गया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की गहन जांच जारी है।
Jyoti Sharma
दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है, जो सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मुंडका को भी सूचित किया गया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की गहन जांच जारी है।
More news from North West Delhi and nearby areas
- सीएम योगी ने दिल्ली के संबंध में एक तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह आरोप लगाया कि दिल्ली को बर्बादी के सिवा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।1
- आज अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में, '_जगत_न्यूज़_24' परिवार ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया है कि वे न तो स्वयं नशा करें और न ही दूसरों को ऐसा करने दें। यह आह्वान नशा मुक्त भारत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।1
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पाली के सादड़ी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लेते हुए कई विवादास्पद बयान दिए। उन्होंने रिपोर्टर भीकाराम कंडारा की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि साधुओं की हत्या के बाद संत समाज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। राज्यपाल के अनुसार, स्वामी करपात्री जी महाराज ने कहा था कि "साधुओं की जैसी हत्या हुई, ऐसे रास्ते से आप जाएंगी," और यह श्राप बाद में पूरा भी हुआ। उन्होंने 6 नवंबर 1966 के गौरक्षा आंदोलन का भी जिक्र किया, जो गौहत्या बंदी के वादे को पूरा न करने के विरोध में संसद के बाहर आयोजित देश का पहला बड़ा आंदोलन था। इस आंदोलन में फायरिंग हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जाती है। इस दौरान, राज्यपाल ने बिना नाम लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने महाराणा प्रताप के राजतिलक का प्रसंग सुनाया, जिसमें महाराणा उदय सिंह के निधन के बाद जगमाल ने राजगद्दी नहीं छोड़ी थी, यह कहते हुए कि उदयसिंह महाराज ने उन्हें राजा घोषित किया था। राज्यपाल ने इस पर टिप्पणी की कि "पद नहीं छोड़ने की यह परंपरा अभी भी चालू है। मैं नहीं हटूंगी। मैं नहीं हारी। मैं मुख्यमंत्री से नहीं हटूंगी। शायद उन्होंने जगमाल को पढ़ा होगा।" इसके अतिरिक्त, राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की सौतेली मां धीर कंवर को "कैकेयी" बताया, जिन्होंने अपने बेटे को गद्दी पर बैठाने का वचन लिया था और लोगों ने उन्हें हाथ पकड़कर उठाया था, जैसी अयोध्या में कैकेयी ने किया था। कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, राज्यपाल सुबह करीब 11 बजे बस स्टैंड स्थित आजाद मैदान शिवनगरी पहुंचे, जहां उन्होंने व्यासपीठ पूजन किया। उन्होंने मंदिर निर्माण में विशेष योगदान देने वाली दानदाता लाड़ कंवर को सम्मानित भी किया। बाद में, वे मंदिर स्थल जाटों के डोरण गए, जहाँ उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया, गाय का पूजन किया और भगवान शिव की आराधना की। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सेन, डीएसपी चैनसिंह महेचा, एडीएम शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिनेश बिश्नोई सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।1
- हिमाचल प्रदेश के झंडूता विधानसभा के भदोलियाँ में प्रकृति खेती संस्थान ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री अनुराग ठाकुर और विधायक जीत राम कटवॉल ने किसानों को पुरस्कृत किया। इसी कार्यक्रम के दौरान, बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली के महा सचिव ने झाबोला वार्ड 1 के किसानों की उपजाऊ भूमि को भूमि कटाव से बचाने के लिए क्रेटबाल और जाल लगाने हेतु एक आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले पर शीघ्र उचित कार्यवाही करने का आग्रह भी किया। बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली ने श्रीमती पम्मी कोमल चन्देल को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।1
- भारत में जहाँ एक ओर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए लगातार धरने प्रदर्शन हो रहे हैं और साधु-संत भी बड़ी संख्या में यह आवाज़ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रोहिणी में उनकी हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। रोहिणी के विजय विहार स्थित लाल फ्लैट के पास मस्जिद के सामने बने कूड़ादान के इर्द-गिर्द भारी गंदगी फैली रहती है, जिससे मुख्य सड़क तक पूरा कूड़ा-करकट, पानी और कीचड़ जमा रहता है। इसी गंदगी के बीच सुबह-शाम कई गायें बैठी रहती हैं, जो कूड़ा, गंदगी और प्लास्टिक की पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं, जिसके कारण उनकी मौत भी हो जाती है। यह मुख्य सड़क होने के कारण यहाँ लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। रात के अंधेरे में गौ माताएँ राहगीरों को नजर नहीं आतीं, जिससे कई बार सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं और लोगों को भी काफी चोटें आई हैं। स्थानीय निवासी इन सब समस्याओं से परेशान होकर कई बार निगम पार्षद और विधायक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि ये हालत पिछले करीब 10 साल से बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूध की डेयरी चलाने वाले सुबह-शाम गायों का दूध निकालने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं, जिससे वे दुर्घटनाओं का शिकार होती हैं। इन गायों का न तो ध्यान रखा जाता है, न खाना दिया जाता है और न ही किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इसलिए लोगों ने मांग की है कि ऐसे डेयरी संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि गौ माता की इस दयनीय हालत के जिम्मेदार कहीं न कहीं ये डेयरी वाले ही हैं। अब यह देखना बाकी है कि क्या इस इलाके की सफाई हो पाएगी और दुर्घटनाओं का शिकार होने वाली तथा दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली इन गायों को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा।1
- आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने कहा है कि फर्जी वीडियो को की जा रही फंडिंग का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।1
- दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को दोपहर करीब 12:03 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के भीतर एक के बाद एक तीनों मजदूर उतरे थे। टैंक की गहराई में बनी अत्यधिक जहरीली गैस को सूंघने के कारण वे अंदर ही अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। हालांकि, शुरुआती दौर में ज्वालापुरी इलाके में भारी ट्रैफिक जाम के चलते दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद विपरीत दिशा से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को सूचित किया गया। मुंडका थाने की पुलिस टीम ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1