दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को दोपहर करीब 12:03 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के भीतर एक के बाद एक तीनों मजदूर उतरे थे। टैंक की गहराई में बनी अत्यधिक जहरीली गैस को सूंघने के कारण वे अंदर ही अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। हालांकि, शुरुआती दौर में ज्वालापुरी इलाके में भारी ट्रैफिक जाम के चलते दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद विपरीत दिशा से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को सूचित किया गया। मुंडका थाने की पुलिस टीम ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को दोपहर करीब 12:03 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के भीतर एक के बाद एक तीनों मजदूर उतरे थे। टैंक की गहराई में बनी अत्यधिक जहरीली गैस को सूंघने के कारण वे अंदर ही अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। हालांकि, शुरुआती दौर में ज्वालापुरी इलाके में भारी ट्रैफिक जाम के चलते दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद विपरीत दिशा से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को सूचित किया गया। मुंडका थाने की पुलिस टीम ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण सुरक्षा कारणों से जिला अस्पताल के बजाय पुलिस लाइन में कराया गया। इस प्रक्रिया के लिए जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात संविदा चिकित्सक और फार्मासिस्ट को सरकारी वाहन से पुलिस लाइन भेजा गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी के निर्देश पर चिकित्सक डॉ. आशीष पाठक और फार्मासिस्ट सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस अभिरक्षा में मौजूद आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण किया। प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष इंतजाम किए थे। देशभर में चर्चा का विषय बने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मुख्यमंत्री को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपने के बाद छह लोगों को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद न्यायालय में पेश करने से पूर्व उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराना आवश्यक समझा था। श्रीराम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के नामजद आरोपियों को शुक्रवार को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। मोहर्रम अवकाश के कारण पुलिस फिलहाल आरोपियों की रिमांड नहीं ले सकी, हालांकि अब सोमवार को दोबारा पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से अब तक कुल 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं।1
- आज अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में, '_जगत_न्यूज़_24' परिवार ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया है कि वे न तो स्वयं नशा करें और न ही दूसरों को ऐसा करने दें। यह आह्वान नशा मुक्त भारत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।1
- दिल्ली के मलका गंज इलाके में एक जर्जर मकान ढह गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में ऐसी कई अन्य जर्जर इमारतें भी मौजूद हैं।1
- गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में स्थित पिंक शौचालय की हालत अत्यंत खराब बताई गई है। इस दयनीय स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही यह प्रश्न भी उठाया जा रहा है कि इस समस्या का समाधान आखिर कब तक और कैसे किया जाएगा।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से एक मासूम बेटी ने अपने जन्मदिन के उपहार के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। यह मांग मंच से की गई, जहाँ बच्ची ने खास तौर पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अपने 'बर्थडे गिफ्ट' के रूप में मांगा।1
- दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने संतों-महंतों से मुलाकात की और फिर एक प्रेसवार्ता में राम मंदिर के चढ़ावे तथा वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र और संबंधित ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम के आभूषण और करोड़ों-अरबों रुपये के चढ़ावे की चोरी से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई है। उन्होंने दर्ज की गई एफआईआर को केवल औपचारिकता बताया और कहा कि यह बड़े लोगों को बचाने का प्रयास है; चोरी करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि सिंधी समाज की ओर से मंदिर को चांदी की ईंट भेंट की गई, लेकिन उसकी रसीद तक नहीं दी गई। उन्होंने कथित तौर पर मिली बड़ी मात्रा में चांदी और अन्य चढ़ावे का हिसाब पूछा। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पहले प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता था, लेकिन अब यह बेहद कम बताया जा रहा है। उन्होंने चढ़ावे, आभूषण और नकदी का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़ी जमीन खरीद और निर्माण कार्य में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया, और कहा कि बड़े पैमाने पर चढ़ावे की चोरी हुई है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कई महीनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है, वे इतनी बड़ी रकम के अकेले जिम्मेदार नहीं हो सकते, और अरबों रुपये का चढ़ावा गायब होने पर उस पैसे के ठिकाने के बारे में पूछा। केजरीवाल ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चंदा चोरों को प्रभु श्री राम स्वयं दंड देंगे। इस प्रेस वार्ता के दौरान सांसद संजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत भी मौजूद रहे।4
- दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में 26 जून को दोपहर करीब 12:03 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेप्टिक टैंक के भीतर एक के बाद एक तीनों मजदूर उतरे थे। टैंक की गहराई में बनी अत्यधिक जहरीली गैस को सूंघने के कारण वे अंदर ही अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। हालांकि, शुरुआती दौर में ज्वालापुरी इलाके में भारी ट्रैफिक जाम के चलते दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद विपरीत दिशा से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों सुल्तानपुरी के इंद्र झील इलाके के निवासी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को सूचित किया गया। मुंडका थाने की पुलिस टीम ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1