बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरवा पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 9 तक के निवासी इन दिनों दोहरी समस्याओं से बेहद परेशान हैं। पंचायत की मुख्य सड़कों पर पशुओं का कब्जा रहने और आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह दूभर कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर पशुओं को बांधने के कारण जगह-जगह गंदगी और गोबर का अंबार लगा रहता है, जिससे 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दूसरी ओर, आवारा कुत्तों के बढ़ते झुंड के चलते स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इन समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। हालांकि, अभी तक इन समस्याओं को लेकर प्रशासन के पास कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पंचायत के जागरूक नागरिक अब इस दिशा में खुद पहल करने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों से अपील की है कि वे स्वयं इस समस्या का संज्ञान लें और ग्रामीणों के साथ बैठक कर इसका स्थायी समाधान निकालें। ग्रामीणों की मांग है कि सड़कों पर पशु बांधने वालों को चिन्हित कर उन्हें अन्यत्र पशु रखने के लिए प्रेरित किया जाए और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग द्वारा अभियान चलाया जाए। लोगों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि और बछवाड़ा प्रखंड प्रशासन जल्द ही इस पर सक्रियता दिखाएंगे।
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरवा पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 9 तक के निवासी इन दिनों दोहरी समस्याओं से बेहद परेशान हैं। पंचायत की मुख्य सड़कों पर पशुओं का कब्जा रहने और आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह दूभर कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर पशुओं को बांधने के कारण जगह-जगह गंदगी और गोबर का अंबार लगा रहता है, जिससे 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दूसरी ओर, आवारा कुत्तों के बढ़ते झुंड के चलते स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इन समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। हालांकि, अभी तक इन समस्याओं को लेकर प्रशासन के पास कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पंचायत के जागरूक नागरिक अब इस दिशा में खुद पहल करने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों से अपील की है कि वे स्वयं इस समस्या का संज्ञान लें और ग्रामीणों के साथ बैठक कर इसका स्थायी समाधान निकालें। ग्रामीणों की मांग है कि सड़कों पर पशु बांधने वालों को चिन्हित कर उन्हें अन्यत्र पशु रखने के लिए प्रेरित किया जाए और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग द्वारा अभियान चलाया जाए। लोगों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि और बछवाड़ा प्रखंड प्रशासन जल्द ही इस पर सक्रियता दिखाएंगे।
- बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर अंतर्गत चंदौर में नाला नहीं बनने के कारण बारिश के दिनों में भारी जलजमाव की समस्या बनी रहती है। हालत इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को इसी जमा हुए पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इसी जलजमाव वाले स्थान पर सप्ताह में दो दिन हाट और बाजार भी लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि किसी भी नेता जी को यहाँ की यह बदहाली दिखाई नहीं देती है और नाले का निर्माण न होने के कारण बारिश के दिनों में यहाँ हमेशा यही हाल रहता है।3
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में स्थित चकोटी मठ मंदिर में भीषण चोरी की घटना हुई है, जहां महज 18 दिन पहले ही प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद मंदिर के सीसीटीवी डीवीआर (DVR) से भी डेटा गायब है। इस बड़ी चोरी की घटना के बाद अब पुलिस पूरे मामले की छानबीन और जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बेलछी प्रखंड के बराह गांव में प्रेम और समर्पण की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ अरुण धाम की संस्थापक चंद्रकांता देवी ने अपने पति के निधन के 12 वर्ष बाद भी उनके प्रति अपने प्रेम, समर्पण और किए गए वादे को पूरी निष्ठा से जीवित रखा है। मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद उन्होंने अपने दिवंगत पति की प्रतिमा के पास जाकर अपनी शादी की 29वीं वर्षगांठ मनाई। इस विशेष अवसर पर चंद्रकांता देवी ने पति की प्रतिमा के समक्ष केक काटा, पुष्प अर्पित किए और भावुक होकर उन्हें याद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके जीवनसाथी भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका साथ और उनकी यादें हमेशा उनके जीवन का हिस्सा रहेंगी।1
- बिहार के पटना से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस खुद ही दारू बंदी की पोल खोलती नजर आ रही है। मोबाइल टीवी न्यूज के इस वायरल वीडियो ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। वैसे तो कहा जाता है कि #बिहार में दारू बंद है, लेकिन जब खुद पुलिस ही दारू बंदी की पोल खोलने में लगी हुई है, तो इस पूरी व्यवस्था की हकीकत सबके सामने आ गई है।1
- बिहार के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर एक केंद्रीय मंत्री ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि प्रशांत किशोर को चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं मिला है और अब वे खुद ही चुनाव लड़ रहे हैं। मंत्री के अनुसार, अब प्रशांत किशोर के पास कुछ भी नहीं बचा है। अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बांकीपुर की जनता अच्छी तरह समझ रही है कि पार्टी ने उनके विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। केंद्रीय मंत्री ने पीके पर निशाना साधते हुए यह बड़ा बयान दिया है।1
- समस्तीपुर-ताजपुर रोड पर शम्भूपट्टी के समीप एक सड़क दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर दिया है। इस सड़क हादसे के विरोध में मृतक के परिवार के सदस्य शम्भूपट्टी के पास इकट्ठा हुए और उन्होंने इस मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह बाधित कर दिया।1
- पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई है। यह विवाद तब बढ़ गया जब बड़े भाई विकास कुमार अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी मां को अपने साथ ले जाने के लिए गांव आए थे। उनके छोटे भाई नीतीश कुमार ने मां को जाने देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। जख्मी विकास कुमार के अनुसार, जब छोटे भाई ने मां को साथ भेजने से मना किया, तो उन्होंने घर में रखे अपने इनवर्टर और बैटरी को ले जाने की बात कही। नीतीश कुमार इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने बड़े भाई विकास कुमार के सिर पर चाकू से दो-तीन बार प्रहार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी विकास कुमार को इलाज के लिए बाढ़ के अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। पीड़ित परिवार के पिता वृक्षन यादव उर्फ बनारस यादव की लगभग 2 महीने पहले ही मृत्यु हुई थी, जो एफसीआई में कार्यरत थे। इस घटना को लेकर भदौर थाना से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।1