मैहर में ‘लहर गुटखा’ पर मचा बवाल, वजन और ब्रांडिंग में गड़बड़ी के आरोप लहर ने मैहर में कहर मचाकर रखा है आम नागरिक की जेब में लुट मैहर में ‘लहर गुटखा’ पर मचा बवाल, वजन और ब्रांडिंग में गड़बड़ी के आरोप लहर ने मैहर में कहर मचाकर रखा है आम नागरिक की जेब में लुट मैहर। नगर में इन दिनों लहर गुटखा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कारण है हाल ही में रेट बढ़ने की खबरों के बीच बाजार में खुलेआम अनियमितताओं के आरोप लगना। स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, गुटखा के पैकेटों में वजन और ब्रांडिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाजार में बिक रहे पाउच पर एक ही ब्रांड के नाम के साथ अलग-अलग फर्मों के नाम अंकित हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है। वहीं कुछ दुकानदारों का कहना है कि 15 ग्राम लिखे पाउच में वास्तविक सामग्री काफी कम मिल रही है, जो करीब 5 ग्राम ही दिख रही है जिससे सीधे तौर पर ग्राहकों को नुकसान हो रहा है। इसी तरह 55 ग्राम के पैकेट पर “20 प्रतिशत फ्री” का दावा किया जा रहा है, लेकिन कुल वजन पैकेट सहित करीब 29 ग्राम ही निकल रहा है। इस अंतर को लेकर लोग इसे खुली लूट बता रहे हैं। नाम न बताने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि जब वे इस संबंध में शिकायत करते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है। उनका कहना है कि सप्लाई करने वाले एजेंट द्वारा साफ तौर पर कहा जाता है कि “जैसा माल आ रहा है वैसा ही लेना पड़ेगा, ज्यादा सवाल करने पर सप्लाई बंद कर दी जाएगी।” इस पूरे मामले में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर गड़बड़ी कंपनी स्तर पर हो रही है या फिर स्थानीय स्तर पर फर्जी माल की सप्लाई की जा रही है। दोनों ही स्थितियों में उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं और शासन को भी राजस्व का नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई करें। अन्यथा लोगों में यह धारणा बन सकती है कि इस कथित गड़बड़ी में जिम्मेदार अधिकारियों की भी कहीं न कहीं भूमिका है।
मैहर में ‘लहर गुटखा’ पर मचा बवाल, वजन और ब्रांडिंग में गड़बड़ी के आरोप लहर ने मैहर में कहर मचाकर रखा है आम नागरिक की जेब में लुट मैहर में ‘लहर गुटखा’ पर मचा बवाल, वजन और ब्रांडिंग में गड़बड़ी के आरोप लहर ने मैहर में कहर मचाकर रखा है आम नागरिक की जेब में लुट मैहर। नगर में इन दिनों लहर गुटखा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कारण है हाल ही में रेट बढ़ने की खबरों के बीच बाजार में खुलेआम अनियमितताओं के आरोप लगना। स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, गुटखा के पैकेटों में वजन और ब्रांडिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाजार में बिक रहे पाउच पर एक ही ब्रांड के नाम के साथ अलग-अलग फर्मों के नाम अंकित हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है। वहीं कुछ दुकानदारों का कहना है कि 15 ग्राम लिखे पाउच में वास्तविक सामग्री काफी कम मिल रही है, जो करीब 5 ग्राम ही दिख रही है जिससे सीधे तौर पर ग्राहकों को नुकसान हो रहा है। इसी तरह 55 ग्राम के पैकेट
पर “20 प्रतिशत फ्री” का दावा किया जा रहा है, लेकिन कुल वजन पैकेट सहित करीब 29 ग्राम ही निकल रहा है। इस अंतर को लेकर लोग इसे खुली लूट बता रहे हैं। नाम न बताने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि जब वे इस संबंध में शिकायत करते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है। उनका कहना है कि सप्लाई करने वाले एजेंट द्वारा साफ तौर पर कहा जाता है कि “जैसा माल आ रहा है वैसा ही लेना पड़ेगा, ज्यादा सवाल करने पर सप्लाई बंद कर दी जाएगी।” इस पूरे मामले में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर गड़बड़ी कंपनी स्तर पर हो रही है या फिर स्थानीय स्तर पर फर्जी माल की सप्लाई की जा रही है। दोनों ही स्थितियों में उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं और शासन को भी राजस्व का नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई करें। अन्यथा लोगों में यह धारणा बन सकती है कि इस कथित गड़बड़ी में जिम्मेदार अधिकारियों की भी कहीं न कहीं भूमिका है।
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- Post by Neeraj Ravi3
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- awaaz Makan abhi tak nahi mila1
- *समाज सेविका शशि मिश्रा की अपील: डिजिटल जनगणना में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा* मध्य प्रदेश के मैहर ज़िले की निवासी समाज सेविका शशि मिश्रा ने देशवासियों से डिजिटल जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगभग 16 वर्षों के बाद भारत में 16वीं जनगणना की शुरुआत हो रही है, जो देश के इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना है। उन्होंने इसे केवल जनगणना नहीं, बल्कि देश को बदलने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया नारी सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं, बेरोजगारों, किसानों, मज़दूरों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह विकसित भारत 2047 की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम और टर्निंग पॉइंट साबित होगी। शशि मिश्रा ने बताया कि पहली बार देश के नागरिकों को वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना (Self Enumeration) करने का अधिकार दिया गया है। मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया अप्रैल माह में 30 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने परिवार की गणना पूरी कर ली है और अब मैहर के सभी निवासियों से अपील करती हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में पोर्टल पर जाकर अपनी स्वयं गणना करें औ1
- Post by Bolti Divare1
- Post by Neeraj Ravi1
- Post by Unchehra news1
- बाल बाल बच्चे लोग, अब रोड में बच के चलिए1