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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वनस्पति घी यानी आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल को औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैटी एसिड (TFA) का एक प्रमुख स्रोत माना है। ये ट्रांस फैट हृदय रोग और हृदय संबंधी मृत्यु दर के जोखिम को काफी हद तक बढ़ाते हैं। इसी जोखिम के कारण, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने खाद्य आपूर्ति से इन्हें हटाने के लिए एक वैश्विक अभियान का नेतृत्व किया है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वनस्पति घी यानी आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल को औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैटी एसिड (TFA) का एक प्रमुख स्रोत माना है। ये ट्रांस फैट हृदय रोग और हृदय संबंधी मृत्यु दर के जोखिम को काफी हद तक बढ़ाते हैं। इसी जोखिम के कारण, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने खाद्य आपूर्ति से इन्हें हटाने के लिए एक वैश्विक अभियान का नेतृत्व किया है।
More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
- जम्मू के बिशनाह में विधायक डॉ राजीव कुमार भगत के एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। विधायक के कार्यक्रमों की कवरेज करने वाले उनके निजी सहायक द्वारा पत्रकार गगन के साथ जमकर बदसलूकी और गाली-गलौज की गई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पत्रकार गगन ने कार्यक्रम में उपस्थित एक उच्च अधिकारी से आम जनता से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया। जनहित का यह सवाल सुनते ही विधायक का निजी सहायक अचानक भड़क गया और पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज करने लगा। इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बिशनाह थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पीड़ित पत्रकार गगन ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दर्ज कराई है।1
- जम्मू-कश्मीर के मानसर की पवित्र धरती से आस्था और भक्ति का एक अद्भुत नजारा सामने आया है, जहां लोग घर बैठे ही प्राचीन बाबा शेषनाग देव मानसर जी के दिव्य दर्शन कर सकते हैं। बाबा के पावन आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, इसी मंगलकामना के साथ लोग 'जय बाबा शेषनाग देव' का जाप कर रहे हैं। भक्ति के इस पावन प्रवाह से जुड़ते हुए लोगों से भी कमेंट में “जय बाबा शेषनाग” लिखने का आह्वान किया जा रहा है।1
- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की एक टिप्पणी ने जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा बहाल करने की लंबे समय से लंबित मांग पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टिप्पणी करते हुए सवाल किया, "क्या हम डोनाल्ड ट्रंप से राज्य का दर्जा मांगें?" उनके इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा सौंपने की मांग पर हर तरफ चर्चा शुरू हो गई है।1
- लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के टैगोर हॉल में "लाल डैड: द मदर ऑफ कश्मीर" नामक पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक की लेखिका डॉ. वैदेही तमन हैं।1
- बारामूला के तंगमार्ग स्थित ज़ायका होटल में गौसिया टूर एंड ट्रैवेल्स द्वारा हज और उमराह जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पवित्र हज और उमराह यात्रा पर जाने के इच्छुक तीर्थयात्रियों को उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करना था, ताकि उन्हें इस पवित्र यात्रा के संबंध में महत्वपूर्ण और जरूरी जानकारी मिल सके।2
- जम्मू-कश्मीर में चुनाव संपन्न होने और एक चुनी हुई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद, राज्य का दर्जा बहाल करने में की जा रही देरी पर तीखा रुख अपनाया गया है। उमर अब्दुल्ला ने पुरजोर तरीके से कहा है कि राज्य का दर्जा देना सत्ता में बैठे लोगों की मर्जी पर निर्भर कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव हो चुके हैं, तो राज्य का दर्जा देने में देरी करने का मापदंड आखिर क्या है? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 'सही समय' का अर्थ केवल किसी विशेष राजनीतिक दल के सत्ता में आने का इंतजार करना है, तो जनता को यह बात साफ-साफ बताई जानी चाहिए। लोकतंत्र किसी भी तरह की शर्तों पर नहीं चल सकता और संवैधानिक प्रतिबद्धताओं को राजनीतिक सौदेबाजी का मोहरा नहीं बनाया जा सकता। जनता ने बैलेट के जरिए अपना फैसला दे दिया है, इसलिए उनके जनादेश का सम्मान होना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा किया जाना चाहिए।1
- दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में स्थित नल्ला आवूरा क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई है। इस बाढ़ के चलते प्रभावित क्षेत्र में मलबे का भारी जमाव हो गया है और कई जगहों पर रुके हुए पानी के बड़े तालाब बन गए हैं।1
- भूकंप, बाढ़, युद्ध और हमलों जैसे बुरे हालातों के कारण लोगों की जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। इस समय हर व्यक्ति को अपनी अच्छी भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि जब खुद के घर में शांति होगी, तभी मोहल्ले, क्षेत्र, राज्य और फिर देश में भी हालात बेहतर होंगे। लेकिन कुछ राजनेता ऐसा नहीं होने देंगे। कश्मीर के पहलगाम में आई पहली बाढ़ के साथ ही चीन, ताजिकिस्तान, भारत और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ बाढ़ का पानी खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। इसके अलावा, मेरठ में एक पुलिसकर्मी को बेहद बेरहमी से पीटा गया है।4