शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर खीरी के कस्बा मितौली में श्रद्धा, अकीदत और गम के माहौल के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। विभिन्न मोहल्लों से उठे इन ताजियों को पारंपरिक मार्गों से होते हुए कस्बे की दोनों कर्बलाओं तक ले जाया गया, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के बबौना, मूसादेई सहित मितौली बंजारा बस्ती, सिया मोहल्ला और जमुनाहिया महावतपुरवा से निकले ताजियों के साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान लगातार "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, वहीं शोकगीतों के माध्यम से हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। पूरे कार्यक्रम में मातमी माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे मार्ग की निगरानी करते रहे। उपजिलाधिकारी मधुसूदन गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक यादवेन्द्र यादव, तहसीलदार दिनेश कुमार और पूरी पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन की देखरेख में यह ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसके बाद निर्धारित मार्ग से गुजरकर सभी ताजियों को मोहल्ला इस्लामनगर और पुराना कब्रिस्तान स्थित कर्बला में परंपरा के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर खीरी के कस्बा मितौली में श्रद्धा, अकीदत और गम के माहौल के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। विभिन्न मोहल्लों से उठे इन ताजियों को पारंपरिक मार्गों से होते हुए कस्बे की दोनों कर्बलाओं तक ले जाया गया, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के बबौना, मूसादेई सहित मितौली बंजारा बस्ती, सिया मोहल्ला और जमुनाहिया महावतपुरवा से निकले ताजियों के साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान लगातार "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, वहीं शोकगीतों के माध्यम से हजरत इमाम हुसैन
की शहादत को याद किया गया। पूरे कार्यक्रम में मातमी माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे मार्ग की निगरानी करते रहे। उपजिलाधिकारी मधुसूदन गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक यादवेन्द्र यादव, तहसीलदार दिनेश कुमार और पूरी पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन की देखरेख में यह ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसके बाद निर्धारित मार्ग से गुजरकर सभी ताजियों को मोहल्ला इस्लामनगर और पुराना कब्रिस्तान स्थित कर्बला में परंपरा के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के एक अहम फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने की सरकार की योजना को 'असंवैधानिक' करार दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने सरकार के इस कदम पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को दोबारा प्रशासक के रूप में शक्तियां सौंपना पूरी तरह से असंवैधानिक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह फैसला उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। कानून के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया या तय नियमों के तहत ही कार्यवाहक व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन निवर्तमान प्रधानों को इस तरह कमान सौंपना नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने संबंधित शासनादेश पर रोक लगाते हुए पंचायती राज व्यवस्था के मूल सिद्धांतों और अधिनियम की धाराओं से समझौता न करने की बात कही, इसे स्थानीय स्वशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, अब उत्तर प्रदेश शासन को ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए एक वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य रास्ता अपनाना होगा। इस फैसले से प्रदेश की सियासत और ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1
- गोला कुकरा जंगल मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे अब यह आवागमन के लिए तैयार है। इस पुलिया के बनने से तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- कोतवाली पसगवां की पुलिस चौकी बरबर में तैनात आरक्षी राहुल पर ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के उन सख्त आदेशों की खुल्लम-खुल्ला अवहेलना मानी जा रही है, जिनमें ड्यूटी के समय किसी भी पुलिसकर्मी को रील बनाने से मना किया गया है। आरक्षी राहुल सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय नजर आते हैं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आरक्षी राहुल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले की शिकायत आलाधिकारियों से की गई है, और जानकारी 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद पसगवां थाना को इस पूरे मामले में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आरक्षी के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई की जाती है। मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर नियम-कानून केवल आम और गरीब लोगों पर ही लागू होते हैं, पुलिसकर्मियों पर नहीं।1
- लखीमपुर खीरी के गोला नगर स्थित कंजादेव ग्राम के खाटू श्याम मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीश्याम दीवाने सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य संकीर्तन में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने 'हारे के सहारे की जय' और 'खाटू नरेश की जय' के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजन गायक अजय गुप्ता और शिवम गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज से समां बांध दिया। उन्होंने 'ओ सांवरे मुझे तेरी जरूरत है', 'हारा हूँ बाबा पर तुझ पर भरोसा है', और 'मेरे रघुवर तेरा सहारा है' जैसे भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे वे झूमने और नाचने लगे। फूलों से सजे बाबा के अलौकिक दरबार और इत्र की मनमोहक सुगंध ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया था। मंदिर के पुजारी संतोष पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाबली भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के फल की प्राप्ति के लिए केवल एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया था, तभी से यह एकादशी विशेष रूप से भीमसेन एकादशी के नाम से विख्यात हुई। 'निर्जला' का अर्थ है बिना जल के, और इस दिन साधक सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक अन्न व जल दोनों का त्याग करते हैं। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, पर इसकी महिमा महान है; धर्म शास्त्रों के अनुसार यह व्रत करने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट होते हैं और उसे भगवान विष्णु का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। संकीर्तन के समापन पर बाबा की भव्य आरती उतारी गई और हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। समिति के सेवादारों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक राजपूत, महामंत्री अजय गुप्ता, संरक्षक अनिल जलोटा, संजू गुप्ता, अनिरुद्ध गुप्ता, बबलू जायसवाल, शिवम गुप्ता, मयंक, मीडिया प्रभारी सुधीर गुप्ता, संदीप जायसवाल, सौरभ जायसवाल, सुमित राठौर, मुकेश राठौर, प्रिंकल जलोटा, शोभित गुप्ता सहित भारी संख्या में श्याम प्रेमी उपस्थित थे।4
- पुलिस ने लखनऊ में बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, इंदिरा कैनाल रोड पर चेकिंग के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में संजय घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, संजय अंबेडकरनगर का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि वह दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग से भी जुड़ा हुआ था। अब पुलिस संजय के अन्य साथियों और उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क की तलाश में सक्रियता से जुटी हुई है।1
- लखीमपुर-खीरी में 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित एक पल्स पोलियो जागरूकता रैली में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस रैली का प्राथमिक उद्देश्य “दो बूंद जिंदगी की” के जन-जागरूकता संदेश को हर घर तक पहुँचाना था, ताकि पोलियो उन्मूलन के प्रति समाज में चेतना का प्रसार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई इस रैली में एनसीसी कैडेटों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियाँ और बैनर लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। उन्होंने लोगों को पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान, कैडेटों ने “दो बूंद जिंदगी की, हर बच्चे की सुरक्षा की”, “पोलियो मुक्त भारत, हमारा संकल्प” और “हर बच्चा, हर बार – पोलियो की खुराक बार-बार” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से पोलियो उन्मूलन के प्रति व्यापक जन-जागरूकता का संदेश दिया। इस अभियान में आमजन ने भी गहरी रुचि दिखाई और पोलियो उन्मूलन के संकल्प को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने अनुशासन, सेवा-भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट परिचय दिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण और जनस्वास्थ्य अभियानों में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह रैली केवल एक जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने और “एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं पोलियो मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आई। एनसीसी कैडेटों ने अपने आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” को चरितार्थ करते हुए समाज सेवा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।2
- लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।1
- अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार, 25 जून को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत गोला गोकर्णनाथ/लखीमपुर खीरी के ब्लॉक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के उपरांत, संगठन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीण मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने प्रमुखता से मांग की कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए, साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के तहत वर्तमान मजदूरी दर को बढ़ाकर ₹729 प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताते हुए बिजली की दरों में वृद्धि वापस लेने, स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने तथा सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इनके अलावा, ज्ञापन में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एवं निजी संस्थाओं द्वारा ग्रामीण गरीबों से की जा रही कथित मनमानी पर रोक लगाने, ₹2 लाख तक के कर्ज माफ करने और आरबीआई की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी शामिल थी। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रदेश में बंजर, परती एवं आबादी की भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने के बजाय उनका विधिवत पुनर्वास किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नई बस्ती स्थित एक खाली पड़े प्लॉट में शनिवार को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पलिया कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने जानकारी दी कि पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इसके उपरांत मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।4